चार हाथ-चार पैर वाले नवजात को छतरपुर से पीएम श्री एयर एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की।
चार हाथ-चार पैर वाले नवजात को एयर एंबुलेंस से जबलपुर भेजा, कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशन में त्वरित फैसला
छतरपुर। चार हाथ-चार पैर वाले नवजात को बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पीएम श्री एयर एंबुलेंस के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर भेजा गया। समय पर लिए गए निर्णय के कारण नवजात को पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना का लाभ मिल सका।
सिविल अस्पताल लवकुशनगर में नीता अहिरवार के प्रसव के बाद नवजात शिशु में जन्मजात विकृति पाई गई। नवजात के चार हाथ एवं चार पैर होने की जानकारी मिलने पर बीएमओ लवकुशनगर से तत्काल जानकारी प्राप्त की गई और नवजात को जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया।
चार हाथ-चार पैर वाले नवजात का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार
जिला अस्पताल के एसएनसीयू प्रभारी डॉ. नीरज द्विवेदी द्वारा नवजात का प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल की गई। नवजात की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया गया। इसके बाद बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए नवजात को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर भेजने का निर्णय लिया गया।स्वास्थ्य विभाग ने मामले में तेजी दिखाते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की, ताकि नवजात को समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
कलेक्टर मृणाल मीणा की स्वीकृति के बाद एयर एंबुलेंस से रेफर
सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता द्वारा प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना के तहत कलेक्टर मृणाल मीणा की स्वीकृति उपरांत नवजात को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया।नवजात को 108 एंबुलेंस के माध्यम से खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचाया गया। यहां एसएनसीयू प्रभारी डॉ. नीरज द्विवेदी एवं नर्सिंग ऑफिसर शिवानी चौधरी द्वारा नवजात को एयर एंबुलेंस की मेडिकल टीम को सुरक्षित रूप से सौंपा गया। इसके बाद नवजात को एयर एंबुलेंस से जबलपुर भेजा गया।
समय पर मिला पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना का लाभ
चार हाथ-चार पैर वाले नवजात के मामले में समय पर निर्णय लिए जाने से उसे उच्च चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाने में पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना महत्वपूर्ण साबित हुई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से रेफरल से लेकर एयरपोर्ट तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।गंभीर और विशेष चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस के माध्यम से कम समय में उच्च चिकित्सा संस्थान तक पहुंचना उपचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
जिले में 15 मरीजों को मिल चुका योजना का लाभ
उल्लेखनीय है कि जिले में अब तक पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना के तहत 15 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में उपचार के लिए रेफर किया गया है। इनमें से 14 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर लौट चुके हैं।योजना के माध्यम से गंभीर मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इस बार जन्मजात विकृति से पीड़ित नवजात को योजना के माध्यम से मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया, जहां उसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई तत्परता
लवकुशनगर में जन्म के बाद नवजात में असामान्य स्थिति सामने आने से लेकर जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार, विशेषज्ञों से परामर्श, कलेक्टर की स्वीकृति और खजुराहो एयरपोर्ट से एयर एंबुलेंस के जरिए जबलपुर भेजने तक स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की।नवजात को सुरक्षित रूप से मेडिकल टीम के सुपुर्द करने के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ भी खजुराहो एयरपोर्ट तक मौजूद रहा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य नवजात को जल्द से जल्द आवश्यक उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराना था।
