विश्व बंधुत्व दिवस पर ज्ञानशिखर ओमशांति भवन इंदौर में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। 160 यूनिट रक्त संग्रह के साथ मानव सेवा और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया गया।
इंदौर रक्तदान महाअभियान के तहत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि एवं विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर रविवार, 23 अगस्त को ज्ञानशिखर, ओमशांति भवन, इंदौर में विशाल विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मानव सेवा के संकल्प के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया और कुल 160 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया।
रक्तदान महाअभियान का दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जयप्रकाश त्रिपाठी, सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत रावत, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के मध्य प्रदेश प्रमुख डॉ. ए.के. जैन, एम.वाय. हॉस्पिटल के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. नरेंद्र वर्मा, डॉ. रिंकू जैन तथा दुबई से पधारे ध्वस्त फैक्ट्री एलएलसी के सीईओ जितेंद्र संगतानी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
“श्रेष्ठ संकल्प से किया गया रक्तदान महायज्ञ है” — ब्रह्माकुमारी हेमलता
क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में बनाया नहीं जाता, यह मानव शरीर में ही निर्मित होता है। किसी मनुष्य को जरूरत पड़ने पर मनुष्यों के द्वारा ही सहयोग दिया जाता है। अतः रक्तदान एक महायज्ञ और पुण्य का कार्य है।
उन्होंने कहा कि जब रक्तदान एक श्रेष्ठ संकल्प, विश्व परिवार की शुभकामना और मानव सेवा की भावना के साथ किया जाता है, तो जिस व्यक्ति को यह रक्त मिलता है, उसे जीवन के साथ सुकून, आनंद और शांति भी मिलती है।
जयप्रकाश त्रिपाठी ने बताया रक्तदान और सेवा का महत्व
लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जयप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए जो कार्य किए जाते हैं, लायंस क्लब का उद्देश्य भी मानव सेवा ही है। उन्होंने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके सेवा कार्यों की शुरुआत रक्तदान से ही हुई थी।
उन्होंने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्ति और रक्तदान का आपस में गहरा संबंध है।
डॉ. भरत रावत ने बताए हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय
सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत रावत ने कहा, “मैं यहां अपना दूषित रक्त देकर यहां से सकारात्मक ऊर्जा भरकर अपने को ठीक करके जाता हूं।” उन्होंने हार्ट क्लब के माध्यम से हृदय को स्वस्थ रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी।
“एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी हो सकता है” — डॉ. ए.के. जैन
डॉ. ए.के. जैन ने कहा कि हमारे द्वारा किया गया एक यूनिट रक्तदान केवल रक्त नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति की जिंदगी हो सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीते जी नियमित रक्तदान और मृत्यु के बाद देहदान का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक रक्तदान और देहदान के इस संकल्प को पहुंचाने की आवश्यकता है।
एक यूनिट ब्लड से चार लोगों को मिल सकती है मदद
एम.वाय. हॉस्पिटल के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. नरेंद्र वर्मा ने रक्तदान से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक यूनिट ब्लड के अलग-अलग घटकों का उपयोग कर चार लोगों की मदद की जा सकती है।
उन्होंने रक्तदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक और प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बीपी और शुगर के मरीजों के संदर्भ में भी नियमित रक्तदान से जुड़ी जानकारी उपस्थित लोगों के साथ साझा की।
रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट और ब्लड डोनर बैच प्रदान किए
दुबई से पधारे जितेंद्र संगवानी ने कार्यक्रम और रक्तदाताओं को अपनी शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता टावरी ने किया, जबकि मेडिकल विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने सभी अतिथियों और रक्तदाताओं का आभार माना।
कार्यक्रम में डॉ. साधना सोडाणी, डॉ. शिल्पा देसाई, गिरीश लुल्ला तथा ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवाकेंद्रों की वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनें विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
इंदौर रक्तदान महाअभियान में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को संस्थान की ओर से विशेष सर्टिफिकेट, ब्लड डोनर बैच, वरदान कार्ड तथा ईश्वरीय संदेश युक्त पत्र प्रदान किए गए। दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विश्व बंधुत्व, मानव सेवा और रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।


