इंदौर CM हेल्पलाइन और राजस्व मामलों में लापरवाही पर कलेक्टर शिवम वर्मा सख्त हुए। हातोद तहसीलदार गोविंदसिंह ठाकुर को नोटिस देकर जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्य करने के आदेश दिए गए, जबकि रीडर रश्मि सोलंकी को निलंबित किया गया।
इंदौर में CM हेल्पलाइन पर बड़ी कार्रवाई: तहसीलदार को नोटिस, रीडर निलंबित
इंदौर। इंदौर CM हेल्पलाइन और राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही अब अधिकारियों और कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने शनिवार को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों के निराकरण में देरी और राजस्व प्रकरणों में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन सहित राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में निराकृत किया जाए। आवेदकों को गोलमोल जवाब देकर प्रकरण बंद कराने या अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लिया जाएगा।
इंदौर CM हेल्पलाइन में देरी पर तहसीलदार को शोकाज नोटिस
राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान इंदौर CM हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी अधिकारीवार समीक्षा की गई। सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर हातोद तहसीलदार गोविंदसिंह ठाकुर को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही तहसीलदार गोविंदसिंह ठाकुर को आगामी आदेश तक जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई को राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मल्हारगंज तहसीलदार की रीडर रश्मि सोलंकी निलंबित
कलेक्टर शिवम वर्मा ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर कठोर रुख अपनाया। कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने मल्हारगंज क्षेत्र के तहसीलदार की रीडर रश्मि सोलंकी को निलंबित कर दिया।
बैठक में अविवादित एवं विवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों की अधिकारीवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन मामलों की समीक्षा
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक में अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अविवादित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
विवादित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा गया। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने और उनके निराकरण की गति बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
CM हेल्पलाइन में गोलमोल जवाब पर भी सख्ती
इंदौर CM हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को गंभीर रहने के निर्देश दिए। शिकायतों पर केवल औपचारिक या गोलमोल जवाब देने के बजाय वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। समीक्षा के दौरान अधिकारियों से लंबित शिकायतों की स्थिति और उनके निराकरण के संबंध में जानकारी ली गई।
राजस्व न्यायालयों के लंबित मामलों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान करने के लिए कहा गया है, जो लंबे समय से लंबित हैं। इन प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाकर पक्षकारों को समय पर राहत देने पर जोर दिया गया।
राजस्व संबंधी मामलों में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरण सीधे आम नागरिकों से जुड़े होते हैं। इन मामलों में देरी होने से लोगों को बार-बार तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही करने वालों को स्पष्ट संदेश
हातोद तहसीलदार को शोकाज नोटिस, उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्य करने के आदेश और मल्हारगंज क्षेत्र के तहसीलदार की रीडर को निलंबित करने की कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इंदौर CM हेल्पलाइन और राजस्व मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें। समय-सीमा का पालन करते हुए नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाए और लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा की जाए।
