Gold-Silver Rate Today on August 22, 2026: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी, जानिए क्यों बढ़ रहे हैं भाव
Gold-Silver की कीमतों में इन दिनों जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में कीमती धातुओं के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोना 1,200 रुपये महंगा होकर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
सोने की कीमत में यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की मांग मजबूत बनी हुई है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारण सोने को समर्थन दे रहे हैं। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है। लगातार दो कारोबारी सत्रों में चांदी 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।
तीन महीने के उच्चतम स्तर पर Gold
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के हाजिर बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना शुक्रवार को 1,200 रुपये की बढ़त के साथ 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को सोने का भाव 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, सोने का भाव इससे पहले करीब इसी स्तर पर 19 मई को देखा गया था। इस तरह सोना करीब तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में लगातार बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते सोने की कीमतों को मजबूती मिल रही है।
सोने को दुनिया भर में सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है या शेयर बाजारों में जोखिम बढ़ता है, तब निवेशक अक्सर अपने निवेश का एक हिस्सा सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में स्थानांतरित करते हैं। मौजूदा समय में भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है।
चांदी ने भी दिखाई जबरदस्त तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को चांदी 5,000 रुपये बढ़कर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी करों सहित, हो गई। यह चांदी का करीब 15 सप्ताह का उच्चतम स्तर है।
इससे पहले गुरुवार को भी चांदी की कीमत में भारी तेजी दर्ज की गई थी। गुरुवार को चांदी 10,000 रुपये उछलकर 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। यानी सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमत 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गई।
चांदी का भाव इससे पहले करीब इसी स्तर पर 4 मई को देखा गया था। उस समय चांदी 2,49,500 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। मौजूदा तेजी से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच चांदी की मांग भी मजबूत हो रही है।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने को फायदा
सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजहों में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी को माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर अक्सर सोने की कीमतों पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है।
जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है। इससे इसकी मांग बढ़ सकती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक, शुक्रवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और यह लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कमजोर अमेरिकी डॉलर और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट को कीमती धातुओं की मजबूती के प्रमुख कारणों में शामिल किया।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का असर
सोने की कीमतों को अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी से भी समर्थन मिला है। आमतौर पर जब बॉन्ड से मिलने वाला प्रतिफल कम होता है, तो निवेशकों के लिए गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों, जैसे सोना, का आकर्षण बढ़ सकता है।
मौजूदा समय में मुद्रा बाजार और बॉन्ड बाजार में उतार-चढ़ाव भी बढ़ा हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सोने और चांदी जैसी परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने भी कहा कि मजबूत निवेश मांग और मुद्रा तथा बॉन्ड बाजार में अधिक अस्थिरता ने सोने को लगातार समर्थन दिया है।
ईरान-अमेरिका तनाव भी बना बड़ी वजह
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे भू-राजनीतिक तनाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा संभावित संघर्ष की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ाई है।
जब किसी क्षेत्र में युद्ध या राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाली संपत्तियों में अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसे समय में निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों में पैसा लगाना पसंद करते हैं।
सोना लंबे समय से संकट के समय सुरक्षित निवेश के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर इसकी मांग में तेजी आना कोई असामान्य बात नहीं है।
अगर ईरान-अमेरिका तनाव आगे भी बना रहता है या वैश्विक स्तर पर अन्य भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ते हैं, तो सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है। हालांकि, किसी भी समय तनाव कम होने पर कीमतों में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर के पार
घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को हाजिर सोने का भाव 81.58 डॉलर यानी करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 4,600.91 डॉलर प्रति औंस हो गया।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना लगभग 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया है। यह 18 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
सोना लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ रहा है। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी मजबूत बनी हुई है।
चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को चांदी करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 69.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
चांदी की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। भारत में चांदी केवल निवेश की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक मांग में बदलाव भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
हालिया तेजी से पता चलता है कि चांदी इस समय निवेशकों के लिए आकर्षक बनी हुई है और सोने के साथ-साथ इसमें भी खरीदारी का रुझान मजबूत है।
निवेशकों की नजर अब किन बातों पर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी। सबसे पहले अमेरिकी डॉलर की चाल पर नजर रहेगी। अगर डॉलर में कमजोरी जारी रहती है, तो सोने को समर्थन मिल सकता है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति, महंगाई से जुड़े आंकड़े और वैश्विक आर्थिक गतिविधियां भी कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान-अमेरिका तनाव और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि हो सकती है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
मौजूदा परिस्थितियों में Gold-Silver दोनों के लिए माहौल सकारात्मक नजर आ रहा है। कमजोर डॉलर, बॉन्ड यील्ड में गिरावट, मजबूत निवेश मांग और भू-राजनीतिक तनाव ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है।
हालांकि, लगातार तेज बढ़त के बाद बाजार में मुनाफावसूली का जोखिम भी बना रहता है। इसलिए निवेशकों को केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। सोने या चांदी में निवेश से पहले अपनी निवेश अवधि, जोखिम क्षमता और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
कुल मिलाकर, 22 अगस्त 2026 के आसपास सोना और चांदी दोनों ही मजबूत तेजी के दौर में हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के पार और चांदी करीब 70 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है।
आने वाले दिनों में डॉलर की दिशा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बाजार की नजर रहेगी। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो कीमती धातुओं में तेजी का दौर आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता।
