50 फीट गहरे कुएं में गिरा काला हिरण, पुलिस और ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला
संवाददाता — मनोज पुष्पद
करीब 15 फीट पानी से भरे कुएं में घंटों फंसा रहा हिरण, बाहर निकलते ही छलांग लगाकर जंगल की ओर दौड़ा
पड़ाना। नगर के जंगल कांकड़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक खेत में बने करीब 50 से 60 फीट गहरे कुएं में गिरे काले हिरण को पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण हिरण काफी थका हुआ दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने के बाद एसडीओपी अरविंद सिंह और सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों की मदद से तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया। सुरक्षित बाहर आते ही हिरण ने छलांग लगाई और जंगल की ओर दौड़ गया।
घटना रामबाबू परमार के खेत में बने कुएं की बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि हिरण रात के अंधेरे में खेतों के बीच घूमते समय अचानक कुएं में गिर गया था। सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी लगी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
रात के अंधेरे में कुएं में गिरने की आशंका
ग्रामीणों के मुताबिक काला हिरण रात के समय जंगल और खेतों के आसपास घूम रहा होगा। इसी दौरान वह खुले कुएं में गिर गया। कुआं काफी गहरा होने और उसमें पानी भरा होने के कारण हिरण अपने स्तर पर बाहर नहीं निकल सका।
शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों को कुएं में किसी जंगली जानवर के होने की जानकारी मिली तो उन्होंने पास जाकर देखा। कुएं के भीतर काला हिरण दिखाई दिया, जो पानी में काफी देर तक तैरने के कारण थक चुका था।
बताया गया कि कुएं के अंदर लगभग 15 फीट तक पानी भरा था। हिरण कभी पानी में तैरता तो कभी कुएं के भीतर मौजूद सहारे के पास खड़े होकर खुद को बचाने की कोशिश करता रहा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
ग्रामीणों के माध्यम से एसडीओपी अरविंद सिंह और थाना प्रभारी सारंगपुर राहुल रघुवंशी को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने कुएं की गहराई और हिरण की स्थिति का जायजा लिया। काफी देर तक पानी में रहने के कारण हिरण बेहद थका हुआ था। ऐसे में समय बीतने के साथ उसकी स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल रेस्क्यू शुरू करने का निर्णय लिया गया।
वन विभाग का इंतजार किए बिना शुरू किया बचाव अभियान
हिरण की हालत को देखते हुए एसडीओपी अरविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस और ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक इंतजार करने के बजाय उपलब्ध संसाधनों के जरिए हिरण को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।
कुएं की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू आसान नहीं था। रस्सियों और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से ग्रामीणों को सावधानीपूर्वक नीचे उतारा गया।
ग्रामीण लखन परमार, सुभाष जाट, रामबाबू परमार और मांगीलाल वर्मा सहित अन्य लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर बचाव अभियान में सहयोग किया।
रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला
पुलिस और ग्रामीणों की टीम ने काफी सावधानी से हिरण तक पहुंचने का प्रयास किया। उद्देश्य था कि रेस्क्यू के दौरान हिरण को अतिरिक्त चोट न पहुंचे और बचाव कार्य में शामिल लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
संयुक्त प्रयास के बाद हिरण को नियंत्रित कर रस्सियों की सहायता से धीरे-धीरे कुएं से ऊपर लाया गया। कई फीट गहरे कुएं से हिरण को सुरक्षित निकालने में ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही।
काफी मशक्कत के बाद जब हिरण कुएं से बाहर आया तो मौके पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की।
रस्सी खुलते ही जंगल की तरफ लगाई छलांग
रेस्क्यू का सबसे सुखद दृश्य उस समय देखने को मिला, जब कुएं से बाहर निकालने के बाद हिरण की रस्सियां खोली गईं। कुछ ही क्षणों में हिरण ने छलांग लगाई और तेजी से जंगल की ओर दौड़ गया।
लंबे समय तक कुएं में फंसे रहने और थकान के बावजूद हिरण के अपने पैरों पर तेजी से दौड़ने से लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने भी हिरण के सुरक्षित जंगल की ओर लौटने पर खुशी जताई।
पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास की सराहना
इस रेस्क्यू अभियान में एसडीओपी अरविंद सिंह, सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी और पुलिस टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों में लखन परमार, सुभाष जाट, रवि परमार, महेंद्र परमार, रामबाबू परमार और मांगीलाल वर्मा सहित अन्य लोगों ने बचाव कार्य में सहयोग किया।
समय पर मिली सूचना, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग के कारण कुएं में फंसे वन्यजीव को सुरक्षित बचाया जा सका। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने खेतों में बने खुले और गहरे कुओं के आसपास सुरक्षा इंतजाम की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया, ताकि भविष्य में वन्यजीव अथवा किसी व्यक्ति के कुएं में गिरने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
