महंगाई और स्मार्ट मीटर के विरोध में सिलवानी में प्रदर्शन, सरकार से राहत देने की उठी मांग
बजरंग चौराहे पर मजदूर और मध्यम वर्ग के लोगों ने जताई नाराजगी, निजीकरण और सरकारी नीतियों को लेकर उठाए सवाल
संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी। लगातार बढ़ती महंगाई और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में सिलवानी में आम नागरिकों, मजदूरों और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। नगर के बजरंग चौराहे पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दैनिक जरूरत की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बिजली व्यवस्था में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से महंगाई नियंत्रित करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट लगातार बिगड़ रहा है। भोजन, शिक्षा, बिजली और दूसरी आवश्यकताओं पर बढ़ते खर्च के कारण परिवारों के लिए बचत करना मुश्किल होता जा रहा है।
बजरंग चौराहे पर जुटे नागरिक
महंगाई और स्मार्ट मीटर के विरोध में नगर के बजरंग चौराहे पर लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने सरकार की आर्थिक और निजीकरण से जुड़ी नीतियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने का सबसे अधिक असर कम आय वाले परिवारों पर पड़ता है। मजदूरी या सीमित आय पर परिवार चलाने वाले लोगों को महीने का खर्च पूरा करने में कठिनाई हो रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और गरीब तथा मध्यम वर्ग को राहत देने वाली नीतियां लागू की जाएं।
स्मार्ट मीटर को लेकर भी जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल बढ़ने की शिकायत करते हुए व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
लोगों का आरोप था कि नई मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में कई तरह की आशंकाएं हैं। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर से संबंधित बिलिंग और रीडिंग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता को बिल या मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत है तो उसके समाधान के लिए सरल और प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
हालांकि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल बढ़ने या कथित आर्थिक नुकसान से जुड़े प्रदर्शनकारियों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। ये बातें प्रदर्शन में शामिल लोगों की ओर से रखी गईं।
निजीकरण की नीतियों पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की निजीकरण संबंधी नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि विभिन्न सेवाओं में निजीकरण बढ़ने से आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
लोगों ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य आम जनता को राहत देना होना चाहिए। मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बिजली, भोजन और अन्य आवश्यक सेवाओं का खर्च उनकी आय के अनुपात में होना जरूरी है।
प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने सरकार से मांग की कि ऐसी नीतियों की समीक्षा की जाए जिनसे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका हो।
‘परिवार चलाएं या बच्चों के भविष्य के लिए बचाएं’
प्रदर्शन में शामिल मजदूर वर्ग के लोगों ने कहा कि बढ़ती कीमतों के कारण उनके सामने परिवार का रोजमर्रा का खर्च चलाने के साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए पैसे बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
लोगों का कहना था कि सीमित आमदनी में घर का राशन, बिजली बिल, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना कठिन होता जा रहा है। यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो कम आय वाले परिवारों के लिए परिस्थितियां और कठिन हो सकती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे देश और समाज के विकास के साथ हैं, लेकिन विकास की नीतियों में गरीब और मजदूर वर्ग के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
सरकार से जल्द राहत देने की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से महंगाई के मुद्दे पर जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के साथ बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का भी समाधान होना चाहिए।
लोगों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और उपभोक्ताओं को बिल, मीटर रीडिंग तथा बिजली खपत से संबंधित पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाए।
आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीतिगत फैसले लेने की अपील की। उनका कहना था कि लगातार बढ़ते घरेलू खर्च से आम लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
बजरंग चौराहे पर हुए प्रदर्शन के माध्यम से नागरिकों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाते हुए महंगाई पर नियंत्रण, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान और आम उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की।
