इंदौर में चार स्थानों पर बनेंगे पैदल पुल, नगर निगम ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
ओल्ड जीडीसी, आरएनटी मार्ग सहित व्यस्त क्षेत्रों में राहगीरों को मिलेगी राहत, PPP मॉडल पर होगा निर्माण
इंदौर। शहर की व्यस्त सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क पार करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए नगर निगम चार स्थानों पर पैदल पुल बनाने की तैयारी कर रहा है। इनका निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और एजेंसी तय होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
छात्राओं और पैदल यात्रियों को मिलेगी सुविधा
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना जोखिम भरा हो जाता है। ओल्ड जीडीसी-मोती तबेला क्षेत्र में मालव कन्या स्कूल और जीडीसी आने वाली बड़ी संख्या में छात्राओं को सड़क पार करने में परेशानी होती है। यहां दोनों ओर भारी यातायात रहता है। पूर्व में कुछ छात्राओं के वाहनों की चपेट में आने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
आरएनटी मार्ग पर भी बनेगा पैदल पुल
आरएनटी मार्ग पर भी वाहनों के भारी दबाव और डिवाइडर के कारण पैदल यात्रियों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए यहां पैदल पुल बनाने की योजना तैयार की गई है।
नगर निगम की योजना में अभिनव नगर, तीन इमली और पवनपुरी कॉलोनी क्षेत्र भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में चार प्रस्तावित स्थानों की सूची स्पष्ट रूप से एक साथ नहीं दी गई है; टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम स्थान और निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
PPP मॉडल से होगा निर्माण
पैदल पुलों के निर्माण पर निगम को सीधे पूरा खर्च नहीं उठाना होगा। PPP मॉडल के तहत चयनित निजी एजेंसी पुल का निर्माण करेगी। इसके बदले एजेंसी को नगर निगम द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल में पुल पर विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति दी जाएगी।
शहर में पहले भी बनाए गए हैं पैदल पुल
नगर निगम इससे पहले भी शहर में करीब छह पैदल पुल बनवा चुका है। इनमें कलेक्टोरेट, 56 दुकान और एमजी रोड सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। नए पैदल पुल बनने से व्यस्त सड़कों पर राहगीरों की आवाजाही आसान होने के साथ सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
