Vaibhav Sooryavanshi Return: 23 अगस्त को मैदान पर उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी, दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की उपकप्तानी
नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा मुकाबला, बेंगलुरु में सुबह 9:30 बजे शुरू होगा मैच; रेड-बॉल क्रिकेट में युवा बल्लेबाज पर रहेंगी नजरें
Vaibhav Sooryavanshi Duleep Trophy 2026: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। हाल के समय में सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर चुके वैभव अब घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित रेड-बॉल टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026-27 में खेलते नजर आएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अनुसार टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त 2026 से बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होगी।
वैभव को ईस्ट जोन की टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे, जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है। BCCI द्वारा जारी आधिकारिक स्क्वाड में मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, मुकेश कुमार और शाहबाज अहमद जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह मिली है।
23 अगस्त को नॉर्थ ईस्ट जोन से मुकाबला
ईस्ट जोन का पहला क्वार्टरफाइनल 23 से 26 अगस्त 2026 के बीच नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेला जाना है। मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। मैच बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा।
इस मुकाबले के साथ वैभव लंबे प्रारूप के क्रिकेट में एक बार फिर अपनी क्षमता दिखाने की कोशिश करेंगे। अब तक उनकी पहचान विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में बनी है, लेकिन दलीप ट्रॉफी उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी।
ईस्ट जोन के उपकप्तान हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी को इस बार सिर्फ बल्लेबाज के रूप में नहीं बल्कि नेतृत्व की जिम्मेदारी के साथ टीम में शामिल किया गया है। BCCI की आधिकारिक टीम सूची में उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान घोषित किया गया है। टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में है।
कम उम्र में उपकप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से वैभव पर अतिरिक्त निगाहें रहेंगी। बल्लेबाजी के अलावा मैदान पर रणनीति और टीम निर्णयों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की चुनौती
वैभव सूर्यवंशी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक शैली से तेजी से नाम बनाया है, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने अब तक आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और इस प्रारूप में उनका प्रदर्शन सीमित ओवरों जितना प्रभावशाली नहीं रहा है।
यही वजह है कि दलीप ट्रॉफी उनके लिए खास अहमियत रखती है। यहां उन्हें लंबे समय तक क्रीज पर टिकने, नई गेंद का सामना करने और अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी तकनीक दिखाने का मौका मिलेगा।
अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलेंगे वैभव
ईस्ट जोन की टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। ईशान किशन के अलावा इसमें अनुभवी सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार भी शामिल हैं। शाहबाज अहमद और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं।
ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलना वैभव के लिए सीखने का भी बड़ा अवसर होगा। खास तौर पर रेड-बॉल क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी उन्हें मैच परिस्थितियों को बेहतर समझने में मदद कर सकती है।
जीतने पर सेंट्रल जोन से हो सकता है मुकाबला
ईस्ट जोन अगर नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जीतने में सफल रहता है तो अगले दौर में उसका सामना सेंट्रल जोन से हो सकता है। सेंट्रल जोन की कप्तानी रजत पाटीदार कर रहे हैं, जबकि रिंकू सिंह को उपकप्तान बनाया गया है।
ऐसी स्थिति में वैभव सूर्यवंशी के सामने और भी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण और अनुभवी खिलाड़ियों की चुनौती होगी।
बेंगलुरु में खेला जाएगा पूरा टूर्नामेंट
BCCI ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 का आयोजन 23 अगस्त से 10 सितंबर तक बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में निर्धारित किया है। इसमें देश के छह जोन—नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल और नॉर्थ ईस्ट—की टीमें हिस्सा लेंगी।
दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण रेड-बॉल टूर्नामेंटों में गिनी जाती है। अच्छे प्रदर्शन के जरिए खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी और आगे भारतीय टीम के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं।
कहां देखें मैच का LIVE अपडेट?
वैभव सूर्यवंशी और ईस्ट जोन के मुकाबले का लाइव स्कोर और मैच अपडेट BCCI के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। प्रसारण और स्ट्रीमिंग से जुड़ी अंतिम जानकारी मैच से पहले आधिकारिक ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म पर जांचना बेहतर होगा, क्योंकि उपलब्ध स्रोतों में लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है।
फिलहाल क्रिकेट फैंस की सबसे ज्यादा नजर वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी। कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस युवा खिलाड़ी के सामने अब चुनौती यह होगी कि वह रेड-बॉल क्रिकेट में भी उसी प्रभाव के साथ प्रदर्शन कर सकें।
