वार्ड 75 में सड़क की बदहाली पर अनोखा प्रदर्शन, कीचड़ में बैठे पार्षद और रहवासी
Indore । बारिश के मौसम में शहर की बदहाल सड़कों की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। इंदौर नगर निगम के वार्ड 75 के भावना नगर और पालदा नाका क्षेत्र में सड़क निर्माण नहीं होने से नाराज पार्षद और रहवासियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर जमा कीचड़ के बीच बैठकर पार्षद कुणाल सोलंकी और स्थानीय रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। बारिश होते ही सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे लोगों का पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है।
बारिश में सड़क बन जाती है कीचड़ का रास्ता
भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र के रहवासियों ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई बार वाहनों के फिसलने की स्थिति भी बन जाती है। इसके बावजूद सड़क निर्माण की मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। संबंधित विभागों तक समस्या पहुंचाने के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
रहवासियों का कहना है कि हर बारिश में उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जमा कीचड़ और पानी के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में भी परेशानी होती है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए।
कीचड़ में बैठकर जताया विरोध
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज पार्षद कुणाल सोलंकी और रहवासियों ने सड़क पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का उद्देश्य नगर निगम प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की सड़क समस्या की ओर आकर्षित करना था।
पार्षद कुणाल सोलंकी ने कहा कि जब तक इस सड़क की समस्या का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मुलाकात की मांग की है।
सोलंकी का कहना है कि अधिकारियों को मौके पर आकर रहवासियों की समस्या सुननी चाहिए और सड़क निर्माण को लेकर ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा।
कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मुलाकात की मांग
प्रदर्शन के दौरान पार्षद और रहवासियों ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर पहुंचने की मांग की। उनका कहना है कि अधिकारियों को स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण करना चाहिए, ताकि उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा हो सके।
रहवासियों ने कहा कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो गई है। ऐसे में सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
समाधान तक धरना जारी रखने की चेतावनी
पार्षद और स्थानीय रहवासियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सड़क की समस्या के समाधान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्या का समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए बार-बार शिकायत और प्रदर्शन करना पड़ना चिंता का विषय है।
अब निगम की कार्रवाई पर नजर
वार्ड 75 में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद अब लोगों की नजर नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट आश्वासन दें।
बारिश के बीच कीचड़ में बैठकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन क्षेत्र की बदहाल सड़क की स्थिति को सामने लाने का एक अनोखा तरीका रहा। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र के रहवासियों को सड़क की समस्या से कब तक राहत मिलती है।
