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पीथमपुर को ₹850 करोड़ की बड़ी औद्योगिक सौगात, दो नई इकाइयों से 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार का दावा

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Published On: 20 August 2026

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पीथमपुर को ₹850 करोड़ की बड़ी औद्योगिक सौगात, दो नई इकाइयों से 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार का दावा

कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजी की इकाइयों का शुभारंभ, लिथियम बैटरी निर्माण से क्लीन एनर्जी सेक्टर को मिलेगी मजबूती

धार/पीथमपुर। मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में धार जिले के पीथमपुर को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी.एस. शेखावत की उपस्थिति में पीथमपुर में कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजी की नई औद्योगिक इकाइयों का शुभारंभ किया। इन दोनों परियोजनाओं में कुल मिलाकर करीब ₹850 करोड़ के पूंजी निवेश की जानकारी दी गई है। राज्य सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के 30 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सरकार के अनुसार ये दोनों औद्योगिक इकाइयां उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण, ऊर्जा क्षेत्र और भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से लिथियम बैटरी निर्माण इकाई को मध्य प्रदेश के औद्योगिक विस्तार में बड़ा कदम माना जा रहा है।

पीथमपुर में शुरू हुईं दो बड़ी औद्योगिक इकाइयां

पीथमपुर लंबे समय से मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों की बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। अब कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजी की नई इकाइयों के शुरू होने से क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दोनों इकाइयों के शुभारंभ को प्रदेश के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का फोकस तेजी से निवेश आकर्षित करने और नई तकनीक आधारित उद्योगों को मध्य प्रदेश में स्थापित करने पर है।

₹850 करोड़ का पूंजी निवेश

दोनों परियोजनाओं के माध्यम से पीथमपुर क्षेत्र में लगभग ₹850 करोड़ का निवेश होने की बात कही गई है। इतना बड़ा निवेश केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, स्थानीय सेवा क्षेत्र और छोटे-मझोले कारोबारों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

बड़ी औद्योगिक इकाइयों के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं। ऐसे में पीथमपुर और धार जिले के अलावा इंदौर संभाग के अन्य क्षेत्रों को भी अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल सकता है।

30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर का दावा

इस औद्योगिक निवेश का सबसे बड़ा पहलू रोजगार से जुड़ा बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई इकाइयों के माध्यम से 30 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

इन अवसरों में तकनीकी, उत्पादन, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों की नौकरियां शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत भी बढ़ने की संभावना है।

सरकार का कहना है कि औद्योगिकीकरण केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण आधार है।

लिथियम बैटरी निर्माण पर विशेष जोर

इन परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण पहलू लिथियम बैटरी निर्माण से जुड़ा है। लिथियम बैटरी का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कई आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में किया जाता है।

सरकार की ओर से पीथमपुर में स्थापित लिथियम बैटरी प्लांट को देश की बड़ी विनिर्माण इकाइयों में शामिल बताया गया है। यह परियोजना मध्य प्रदेश को क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े औद्योगिक नक्शे पर मजबूत स्थान दिलाने में मदद कर सकती है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बैटरी निर्माण की घरेलू क्षमता बढ़ना आयात पर निर्भरता कम करने और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्लीन एनर्जी सेक्टर को मिल सकती है मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च तकनीक और क्लीन एनर्जी से जुड़े उद्योग आने वाले समय की जरूरत हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे उद्योगों को प्रदेश में आकर्षित करना है, जिनसे रोजगार के साथ आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिले।

लिथियम बैटरी निर्माण जैसी परियोजनाएं भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार, अक्षय ऊर्जा भंडारण और औद्योगिक ऊर्जा समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

पीथमपुर को बताया तेजी से बढ़ता औद्योगिक केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर को प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक केंद्रों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि कम समय के भीतर नई औद्योगिक परियोजनाओं का लगातार शुरू होना राज्य सरकार की निवेश और रोजगार नीति का परिणाम है।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा फायदा

नई औद्योगिक इकाइयों से केवल बड़े स्तर पर रोजगार ही नहीं, बल्कि स्थानीय छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। फैक्ट्रियों के आसपास परिवहन, होटल, भोजन, किराना, किराये के मकान, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।

इसके साथ ही मशीन पार्ट्स, पैकेजिंग, रखरखाव और अन्य सप्लाई से जुड़े छोटे उद्योगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। इस तरह बड़े निवेश का प्रभाव पूरे स्थानीय आर्थिक तंत्र पर पड़ सकता है।

तकनीकी कौशल वाले युवाओं की बढ़ेगी मांग

आधुनिक विनिर्माण इकाइयों में ऑटोमेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मशीनरी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसलिए ऐसे उद्योगों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग अधिक होती है। ITI, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों से जुड़े युवाओं के लिए इससे अवसर बढ़ सकते हैं।

यदि स्थानीय स्तर पर उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं तो क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार लगातार प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कर रही है। पीथमपुर में ₹850 करोड़ की इन दोनों परियोजनाओं का शुभारंभ उसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

सरकार की नजर अब पारंपरिक उद्योगों के साथ नई तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर भी है। इन क्षेत्रों को भविष्य की आर्थिक जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।

धार और इंदौर संभाग के लिए महत्वपूर्ण निवेश

पीथमपुर में शुरू हुई नई इकाइयों को धार जिले और पूरे इंदौर संभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े निवेश, नई तकनीक और रोजगार के अवसरों के कारण यह क्षेत्र आने वाले समय में और बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

फिलहाल सरकार ने इन परियोजनाओं को मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार की दिशा में बड़ा कदम बताया है। अब इन इकाइयों में वास्तविक उत्पादन और रोजगार सृजन शुरू होने के बाद इनके आर्थिक प्रभाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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