CM हेल्पलाइन की शिकायत पर देपालपुर एक्सीलेंस स्कूल में विवाद, प्रिंसिपल सपना भदौरिया का कथित ऑडियो वायरल
छात्र के सर्टिफिकेट को लेकर शुरू हुआ विवाद, वायरल ऑडियो में शिकायत वापस लेने और प्रमाण-पत्र देने को लेकर बातचीत का दावा; शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
इंदौर/देपालपुर, 20 अगस्त 2026। इंदौर जिले के देपालपुर स्थित एक्सीलेंस स्कूल में एक छात्र के प्रमाण-पत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। स्कूल की प्रिंसिपल सपना भदौरिया का बताया जा रहा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कथित ऑडियो में प्रिंसिपल और छात्र के बीच CM हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत तथा सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
वायरल ऑडियो सामने आने के बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बातचीत किन परिस्थितियों में हुई और प्रमाण-पत्र नहीं मिलने के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार था।
सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर छात्र ने की थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, छात्र को स्कूल से संबंधित एक सर्टिफिकेट की आवश्यकता थी। कथित तौर पर समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने के बाद छात्र ने अपनी समस्या को लेकर CM हेल्पलाइन का सहारा लिया और शिकायत दर्ज करा दी।
इसके बाद छात्र और स्कूल प्रबंधन के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। ऑडियो में एक महिला आवाज, जिसे प्रिंसिपल सपना भदौरिया की बताया जा रहा है, छात्र से CM हेल्पलाइन पर शिकायत किए जाने को लेकर नाराजगी जताती सुनाई देती है।
कथित बातचीत में छात्र से यह भी कहा जाता है कि CM हेल्पलाइन में शिकायत करने से मुख्यमंत्री स्वयं सर्टिफिकेट खोजने नहीं आएंगे। इसी बातचीत के दौरान शिकायत वापस लेने और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा सुनाई देने का दावा किया गया है।
शिकायत वापस लेने पर सर्टिफिकेट देने की बात का दावा
वायरल ऑडियो का सबसे ज्यादा चर्चा में आया हिस्सा वह है, जिसमें कथित तौर पर छात्र से शिकायत वापस लेने की बात कही जा रही है। बातचीत में महिला आवाज छात्र से कहती सुनाई देती है कि शिकायत वापस लेने पर उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा, अन्यथा कुछ समय बाद मिलना होगा।
इस पर छात्र कथित रूप से शिकायत वापस लेने से इनकार करता है। इसके बाद बातचीत और तीखी हो जाती है। छात्र का कहना सुनाई देता है कि संबंधित शिक्षक ने सर्टिफिकेट प्राचार्य के पास होने की बात कही थी।
दूसरी ओर, महिला आवाज सर्टिफिकेट गायब होने के लिए एक शिक्षक की ओर इशारा करती सुनाई देती है। इससे यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर प्रमाण-पत्र किसके पास था और छात्र को समय पर क्यों नहीं दिया गया।
प्रिंसिपल ने शिक्षक पर लगाया सर्टिफिकेट गायब करने का आरोप?
वायरल बातचीत में कथित तौर पर प्रिंसिपल की ओर से कहा गया कि जिस शिक्षक ने प्रमाण-पत्र नहीं दिए, उन्होंने ही उन्हें गायब किया। छात्र ने इसके जवाब में कहा कि शिक्षक प्रमाण-पत्र प्राचार्य के पास होने की बात कह रहे हैं।
इस पर दोनों पक्षों के बीच जिम्मेदारी को लेकर बहस सुनाई देने का दावा किया गया है। अब शिक्षा विभाग की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित सर्टिफिकेट स्कूल के रिकॉर्ड में उपलब्ध था या नहीं और यदि उपलब्ध था तो छात्र को समय पर क्यों नहीं दिया गया।
साथ ही यह भी जांच का विषय हो सकता है कि छात्र की CM हेल्पलाइन शिकायत और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आपस में जोड़ने जैसी कोई स्थिति वास्तव में बनी थी या वायरल ऑडियो को अधूरे संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।
CM हेल्पलाइन को लेकर कथित टिप्पणी पर उठे सवाल
CM हेल्पलाइन मध्यप्रदेश में नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के निराकरण के लिए संचालित व्यवस्था है। ऐसे में किसी छात्र द्वारा अपनी समस्या को लेकर हेल्पलाइन पर शिकायत किए जाने के बाद उससे कथित तौर पर इस तरह बातचीत किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने के बाद लोग यह सवाल कर रहे हैं कि यदि किसी छात्र को स्कूल से जरूरी दस्तावेज नहीं मिलता है तो उसे शिकायत करने का अधिकार है या नहीं। वहीं दूसरी ओर पूरे घटनाक्रम का दूसरा पक्ष और बातचीत का पूरा संदर्भ सामने आना भी आवश्यक है।
शिक्षा विभाग ने मामले को लिया संज्ञान में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल ऑडियो की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद मामले की जांच की जा रही है। विभागीय जांच में स्कूल रिकॉर्ड, संबंधित छात्र की शिकायत, प्रमाण-पत्र की स्थिति और कथित बातचीत से जुड़े तथ्यों को देखा जा सकता है।
यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अभी जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि जरूरी
सोशल मीडिया पर किसी ऑडियो या वीडियो के वायरल होने मात्र से उसमें लगाए गए दावों को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता। इस मामले में भी ऑडियो की प्रामाणिकता, पूरी रिकॉर्डिंग और बातचीत के संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
साथ ही प्रिंसिपल सपना भदौरिया का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। छात्र के सर्टिफिकेट से जुड़े रिकॉर्ड की जांच भी इस विवाद में अहम भूमिका निभाएगी।
फिलहाल देपालपुर एक्सीलेंस स्कूल का यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है और अब निगाहें शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्र का प्रमाण-पत्र क्यों लंबित था, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही बातचीत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
