भेड़ों के खेत में घुसने को लेकर विवाद ने लिया खूनी रूप, लाठी-डंडों से हमला कर बुजुर्ग की हत्या
शिवगढ़ पुलिस ने 10 घंटे में सुलझाया हत्याकांड, पांच आरोपी गिरफ्तार; तीन बाँस के डंडे और चार मोबाइल जब्त
रतलाम। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम साग्लाखो में भेड़ों के खेत में घुसने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया। लाठी-डंडों से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय बुजुर्ग की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और महज करीब 10 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन ठोस बाँस के डंडे और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
भेड़ों के खेत में घुसने से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 18 अगस्त 2026 को ग्राम साग्लाखो निवासी सुखराम पिता मंगला भाभर, उम्र 36 वर्ष ने थाना शिवगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। सुखराम के खेत में सोयाबीन की फसल लगी हुई थी। शाम करीब 5:30 बजे कुछ भेड़ें खेत में घुस गईं।
सुखराम ने खेत में भेड़ें चराने वालों से इस बात पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि हराजी रेबारी, सोनाराम रेबारी और राजाराम रेबारी सहित अन्य लोगों ने सुखराम तथा उसके साथ मौजूद उसके पिता मंगला पिता कानजी भाभर, उम्र 60 वर्ष के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से दोनों के साथ मारपीट कर दी। हमले में मंगला भाभर को गंभीर चोटें आईं।
इलाज के दौरान बुजुर्ग ने तोड़ा दम
मारपीट में गंभीर रूप से घायल मंगला भाभर को परिजन और अन्य लोग उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रतलाम लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी। प्रारंभिक रूप से दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा नहीं थी, लेकिन मंगला भाभर की मृत्यु के बाद पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत हत्या की धारा भी बढ़ाई।
हत्या की धारा का किया गया इजाफा
घटना को लेकर थाना शिवगढ़ में अपराध क्रमांक 244/2026 दर्ज किया गया। शुरुआत में पुलिस ने धारा 109(1), 115(2), 296(b), 351(3) और 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मंगला भाभर की मृत्यु के बाद मर्ग क्रमांक 035/2026 के तहत धारा 194 बीएनएसएस में मर्ग कायम किया गया। मर्ग डायरी को अपराध में शामिल करते हुए प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस का इजाफा किया गया।
पुलिस ने पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में की सर्चिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पान्द्रो के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश के लिए ग्राम साग्लाखो के आसपास के पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। संभावित ठिकानों पर तलाश करने के साथ ही पुलिस ने उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ और विवेचना के दौरान पुलिस को घटना में पांचों आरोपियों की संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य मिले, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान के पाली जिले के हैं सभी आरोपी
पुलिस ने मामले में जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सभी राजस्थान के पाली जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में हराजी पिता लालाजी रेबारी (50), निवासी ग्राम गिरवर, थाना गुड़ा, जिला पाली; सोनाराम उर्फ सुनाराम पिता पौसाजी रेबारी (27), निवासी ग्राम कुरना, थाना गुड़ा; राजाजी पिता भानाजी रेबारी (50), निवासी ग्राम किरवा, थाना गुड़ा; हमीराराम पिता लालारामजी रेबारी (30), निवासी ग्राम नयागांव, थाना गुड़ा तथा तेजाजी उर्फ तेजाराम पिता जापाजी खोरी (45), निवासी ग्राम लापूर, तहसील वाली, थाना गुड़ा, जिला पाली शामिल हैं।
तीन बाँस के डंडे और चार मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए तीन ठोस बाँस के डंडे बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। विवेचना के दौरान घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
10 घंटे में हुआ हत्याकांड का खुलासा
रतलाम पुलिस के अनुसार घटना के बाद टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 10 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्र में लगातार सर्चिंग करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मामला खेत में भेड़ों के घुसने जैसी छोटी बात से शुरू हुआ था, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद हुई मारपीट ने गंभीर रूप ले लिया और एक बुजुर्ग की जान चली गई। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों के हिंसक रूप लेने को लेकर भी चिंता पैदा की है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
पूरे मामले के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक रणजीतसिंह मकवाना, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदौरिया, अजमेरसिंह भुरिया, ईशाक मोहम्मद खान सहित पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में विवेचना जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
— प्रियंका गुजराती, दैनिक स्वराज वाणी
