Indore में H1N1 से 60 वर्षीय महिला की मौत, परिवार की स्क्रीनिंग न होने पर उठे सवाल
Indore /उज्जैन। मध्यप्रदेश में H1N1 संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। इंदौर में इलाज के दौरान 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान सरोज नागर, निवासी ऋषि नगर, उज्जैन के रूप में बताई गई है। परिजनों के अनुसार, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब 16 दिनों तक उपचार चला। बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, महिला के सैंपल की जांच में Influenza-A के 2009 H1N1 वायरस की पुष्टि हुई थी। इसे इस सीजन में प्रदेश में H1N1 से हुई पहली मौत बताया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
नाक और गले के सैंपल में मिला H1N1
उज्जैन के अवंती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में महिला के नाक और गले से स्वैब सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सैंपल में Influenza-A और 2009 H1N1 वायरस की मौजूदगी पाई गई। यह सैंपल 30 जुलाई 2026 को लिया गया था।
जांच के दौरान Influenza-B और कोरोना वायरस यानी SARS-CoV-2 की भी जांच की गई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों संक्रमणों की पुष्टि नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि सरोज नागर को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
H1N1 को आमतौर पर स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। यह श्वसन तंत्र से जुड़ा संक्रमण है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या निकट संपर्क के दौरान फैल सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के H1N1 क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में भी संक्रमण की पहचान, निगरानी और समय पर उपचार पर जोर दिया गया है।
31 जुलाई को अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक, सरोज नागर की तबीयत 31 जुलाई को अचानक खराब हुई थी। इसके बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया और H1N1 संक्रमण की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर 3 अगस्त को संक्रमण की पुष्टि होने की बात सामने आई।
इसके बाद महिला को बेहतर उपचार के लिए इंदौर लाया गया। यहां कोकिलाबेन अस्पताल में उनका इलाज चला। लगभग 16 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद बुधवार को उनकी स्थिति गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई।
परिवार की स्क्रीनिंग नहीं होने का आरोप
महिला की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उनके संपर्क में आए परिवार के सदस्यों की समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं कराई गई।
परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजकर परिवार के सदस्यों की जानकारी और सूची जरूर तैयार कराई गई, लेकिन परिवार के किसी सदस्य की स्क्रीनिंग नहीं हुई। महिला के संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान और उनकी जांच को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। इसलिए परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
संपर्क में आए लोगों की निगरानी अहम
H1N1 जैसे श्वसन संक्रमण के मामलों में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान और उनकी निगरानी संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण होती है। स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों में मरीज और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाने तथा जरूरत के अनुसार निगरानी और उपचार की व्यवस्था पर जोर दिया जाता है।
ऐसे में इंदौर और उज्जैन के स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि महिला के संपर्क में कौन-कौन लोग आए थे और क्या उनमें किसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
बारिश और उमस के बीच बढ़ी सतर्कता की जरूरत
Indore में अगस्त के दौरान बारिश और उमस का दौर बना हुआ है। ऐसे मौसम में विभिन्न प्रकार के संक्रमणों के मामले सामने आने की संभावना रहती है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और निगरानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
इंदौर नगर निगम की वेबसाइट पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं और हेल्पलाइन की जानकारी भी उपलब्ध है।
लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी
H1N1 संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर स्थिति भी बन सकती है। इसलिए लगातार बुखार, सांस लेने में दिक्कत या हालत बिगड़ने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार और सावधानियां अपनानी चाहिए। परिवार के अन्य सदस्यों को भी लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर जांच करानी चाहिए।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत रिपोर्ट और आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार है। महिला की मौत के बाद यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि उनके संपर्क में आए कितने लोगों की पहचान की गई और उनकी स्वास्थ्य निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।
यदि यह प्रदेश में इस सीजन की पहली H1N1 मौत के रूप में आधिकारिक रूप से पुष्टि होती है, तो स्वास्थ्य विभाग के लिए यह संक्रमण की निगरानी और रोकथाम को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण संकेत होगा। फिलहाल लोगों से सतर्क रहने, लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील महत्वपूर्ण है।
