Twisha Sharma Death Case: ₹20 लाख के शेयर को लेकर बढ़ा था दबाव? CBI चार्जशीट में सामने आए कई गंभीर आरोप
ग्रेटर नोएडा की मॉडल-अभिनेत्री त्विषा शर्मा की भोपाल ससुराल में संदिग्ध मौत का मामला
भोपाल। ग्रेटर नोएडा की मॉडल और अभिनेत्री रही Twisha Sharma की भोपाल स्थित ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट से कई गंभीर और चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, त्विषा के पास मौजूद करीब 20 लाख रुपये के शेयर पोर्टफोलियो को लेकर उसके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह कथित तौर पर उस पर दबाव बना रहे थे।
CBI की चार्जशीट के अनुसार, आरोप है कि त्विषा के शेयरों की रकम को नियंत्रित करने और उसे चीन के शेयर बाजार में निवेश करने के लिए मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, ये सभी आरोप चार्जशीट में जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
त्विषा के पास था करीब 20 लाख रुपये का शेयर पोर्टफोलियो
जांच एजेंसी के मुताबिक, त्विषा शर्मा के पास एक डीमैट अकाउंट था, जिसमें लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर मौजूद थे। CBI का दावा है कि शादी के बाद इस रकम को लेकर ससुराल पक्ष की ओर से दबाव बनाया जाने लगा।
चार्जशीट में कहा गया है कि परिवार की ओर से इस रकम को चीन के शेयर बाजार में निवेश करने की बात कही जा रही थी। कथित तौर पर निवेश के जरिए बेहतर या दोगुना मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया जा रहा था।
लेकिन त्विषा ने अपनी रकम को ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया। उसने कथित तौर पर कहा था कि यह पैसा उसके पिता का है और वह इसे किसी अन्य निवेश में लगाने के लिए नहीं देगी।
7 अप्रैल को खोला गया था ज्वाइंट बैंक अकाउंट
CBI की जांच में सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक, 7 अप्रैल 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बागमुगलिया शाखा में समर्थ सिंह और त्विषा शर्मा के नाम से एक ज्वाइंट बैंक अकाउंट खोला गया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस खाते को खोलने का उद्देश्य त्विषा के शेयरों से जुड़ी रकम को ट्रांसफर करना था। हालांकि, त्विषा की ओर से रकम देने से कथित इनकार किया गया।
CBI के अनुसार, इसके बाद ससुराल में उसके साथ कथित मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हुआ। जांच एजेंसी ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को भी मामले की जांच का हिस्सा बनाया है।
मौत से कुछ घंटे पहले सहेली से हुई थी बात
जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। CBI के मुताबिक, 12 मई 2026 को अपनी मौत से कुछ घंटे पहले त्विषा ने अपनी सहेली राशि अब्रोल से फोन पर बातचीत की थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, शाम करीब 7:51 बजे हुई इस बातचीत में त्विषा ने कथित तौर पर अपनी सहेली को बताया था कि समर्थ उस पर शेयर ट्रांसफर करने के लिए दबाव डाल रहा है। आरोप है कि समर्थ इन पैसों को चीन के शेयर बाजार में लगाने की बात कह रहा था।
CBI के मुताबिक, इसी बातचीत के दौरान त्विषा ने अपनी सहेली से वापस लौटने की इच्छा भी जाहिर की थी। यह फोन बातचीत जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखी जा रही है।
पिता ने भी जांच अधिकारियों को दिया बयान
त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी जांच अधिकारियों को बयान दिया है। उनके अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही समर्थ की ओर से पैसों को लेकर दबाव बनाए जाने लगा था।
पिता के कथित बयान के अनुसार, समर्थ चीन के शेयर बाजार में निवेश के जरिए अधिक मुनाफा मिलने की बात कहता था। परिवार का आरोप है कि त्विषा पर वित्तीय फैसलों को लेकर दबाव बढ़ता गया।
जांच एजेंसी ने पिता के बयान को भी अपनी जांच में शामिल किया है।
नौकरी जाने के बाद भी कथित तौर पर बढ़ा दबाव
CBI की चार्जशीट में त्विषा के पति समर्थ सिंह के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, नौकरी चले जाने के बाद समर्थ कथित तौर पर त्विषा की अंग्रेजी भाषा की दक्षता को लेकर उसका मजाक उड़ाता था।
इसके अलावा, चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि त्विषा की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती थी और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था।
इन आरोपों के आधार पर जांच एजेंसी ने मामले में मानसिक प्रताड़ना के पहलू को भी गंभीरता से जांचा है।
शेयरों की रकम क्यों बनी विवाद की वजह?
इस मामले में करीब 20 लाख रुपये का शेयर पोर्टफोलियो जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु बनकर सामने आया है। CBI का आरोप है कि त्विषा के शेयरों को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की जा रही थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, चीन के शेयर बाजार में निवेश के नाम पर त्विषा से रकम ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया गया। लेकिन त्विषा ने यह कहते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया कि रकम उसके पिता की है।
इसके बाद कथित तौर पर विवाद और मानसिक प्रताड़ना बढ़ गई। CBI अब इस पूरे वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।
डीमैट अकाउंट और वित्तीय दस्तावेज अहम साक्ष्य
जांच एजेंसी के अनुसार, त्विषा का डीमैट अकाउंट, उसके शेयर पोर्टफोलियो से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट और कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज मामले में अहम हो सकते हैं।
CBI इन दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि त्विषा के शेयरों और पैसों को लेकर किस तरह की गतिविधियां हुई थीं और क्या किसी रकम को ट्रांसफर करने की कोशिश की गई थी।
आने वाले समय में इन वित्तीय दस्तावेजों की अदालत में क्या भूमिका रहती है, यह मामले की आगे की सुनवाई और जांच पर निर्भर करेगा।
कॉल रिकॉर्डिंग और डिजिटल डेटा की भी जांच
इस मामले में CBI वित्तीय दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पति और सास से जुड़ी कथित कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौत से पहले त्विषा और उसके ससुराल वालों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और क्या इन बातचीत से कथित प्रताड़ना या वित्तीय दबाव के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
मौत से पहले की घटनाएं बनीं जांच का केंद्र
12 मई को त्विषा की मौत से पहले हुई घटनाएं जांच एजेंसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। खासकर मौत से कुछ घंटे पहले सहेली से हुई बातचीत को जांच में अहम माना जा रहा है।
CBI इस बातचीत के अलावा मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल, वित्तीय रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों के बयानों को एक साथ रखकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
CBI की जांच अभी जारी
CBI ने अदालत को बताया है कि मामले में वित्तीय लेन-देन, कथित दहेज प्रताड़ना और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, कई वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण हैं।
चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
त्विषा शर्मा की मौत के मामले में CBI की चार्जशीट ने शेयर पोर्टफोलियो, ज्वाइंट बैंक अकाउंट, कथित मानसिक प्रताड़ना और मौत से पहले की बातचीत को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने रखा है।
करीब 20 लाख रुपये के शेयरों को लेकर कथित दबाव, चीन के शेयर बाजार में निवेश की बात और मौत से कुछ घंटे पहले सहेली से हुई बातचीत ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब जांच का अगला चरण यह स्पष्ट करने पर केंद्रित रहेगा कि वित्तीय विवाद और कथित प्रताड़ना का त्विषा की मौत से क्या संबंध था और जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्य अदालत में आरोपों को किस हद तक साबित कर पाते हैं।
