किसान नेता कवि देव सिंह गुर्जर के समर्थन में उतरी भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), मुकदमा वापस लेने की मांग
आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण को लेकर किसान संगठन ने जताया विरोध, पुलिस और ग्रेसिम प्रबंधन पर लगाए प्रताड़ित करने के आरोप; निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आरोप लगाया है कि देव सिंह गुर्जर द्वारा ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से जुड़े जनहित के मुद्दों और कंपनी की सीएसआर निधि को लेकर आवाज उठाए जाने के कारण उन्हें कथित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने दावा किया कि लगभग एक वर्ष पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हालांकि किसान संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और ग्रेसिम प्रबंधन का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक साल पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज हुआ प्रकरण
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अनुसार किसान नेता देव सिंह गुर्जर के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब एक वर्ष पहले पोस्ट किए गए एक कथित वीडियो या पोस्ट को आधार बनाकर कार्रवाई की गई है।
संगठन का कहना है कि संबंधित पोस्ट में लाइसेंसी बंदूक से कथित हर्ष फायर किए जाने का मामला बताया गया है। इसी मामले में नागदा पुलिस द्वारा गुर्जर के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
भारतीय किसान यूनियन ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए सवाल उठाया कि यदि संबंधित सामग्री काफी समय पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी तो अब उस पर कार्रवाई किए जाने की परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संगठन का कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए आवश्यक है, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते समय पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
CSR और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष का दावा
किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि देव सिंह गुर्जर लंबे समय से क्षेत्र में किसानों और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। संगठन के मुताबिक वे बिरलाग्राम नागदा स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से संबंधित विभिन्न जनहित के विषयों तथा कंपनी की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR निधि के उपयोग से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं।
किसान संगठन का आरोप है कि इन्हीं मुद्दों पर सक्रियता के कारण गुर्जर और कंपनी प्रबंधन के बीच मतभेद की स्थिति बनी। यूनियन ने दावा किया कि वर्तमान पुलिस कार्रवाई को इसी पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
संगठन ने मांग की कि पुलिस कार्रवाई और उससे पहले की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रकरण केवल उपलब्ध तथ्यों और कानून के आधार पर दर्ज किया गया है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है।
ग्रेसिम प्रबंधन और नागदा पुलिस पर लगाए आरोप
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की नागदा तहसील इकाई ने आरोप लगाया कि नागदा पुलिस और ग्रेसिम प्रबंधन द्वारा कथित रूप से मिलकर किसान नेता को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूनियन ने दावा किया कि देव सिंह गुर्जर की सामाजिक और जनहित से जुड़ी छवि को प्रभावित करने के उद्देश्य से उन्हें मुकदमे में फंसाया गया है। किसान संगठन ने इसे कथित बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है।
हालांकि इन आरोपों को किसान संगठन के पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। खबर लिखे जाने तक उपलब्ध सामग्री में पुलिस अथवा ग्रेसिम प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों के तथ्य सामने लाए जाएं।
भारतीय किसान यूनियन ने किया कार्रवाई का विरोध
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने देव सिंह गुर्जर के खिलाफ दर्ज प्रकरण का विरोध करते हुए कहा कि संगठन किसानों और जनहित के मुद्दे उठाने वाले लोगों के साथ खड़ा रहेगा।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि किसी किसान नेता के खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई होती है कि उसने किसी संस्था या व्यवस्था के खिलाफ सवाल उठाए हैं, तो यह चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में कानूनी तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखते हुए देव सिंह गुर्जर के खिलाफ दर्ज प्रकरण को वापस लेने की मांग की।
निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
किसान यूनियन ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जांच में पुलिस या किसी अन्य पक्ष की अनुचित भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
यूनियन ने मांग की कि देव सिंह गुर्जर के खिलाफ दर्ज प्रकरण से संबंधित सभी परिस्थितियों, सोशल मीडिया पोस्ट की समयावधि, हथियार के लाइसेंस और कथित फायरिंग से जुड़े तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए।
संगठन का कहना है कि जांच से वास्तविक तथ्य सामने आएंगे और मामले को लेकर पैदा हुए सवालों का भी समाधान हो सकेगा।
किसान संगठन ने जनसमर्थन का किया दावा
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने दावा किया कि देव सिंह गुर्जर को किसानों और स्थानीय लोगों का समर्थन प्राप्त है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि किसान और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण उन्हें क्षेत्र में समर्थन मिलता रहा है।
यूनियन ने कहा कि किसी भी प्रकार की कथित दबाव की कार्रवाई का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध किया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन के दौरान ये पदाधिकारी रहे मौजूद
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान संगठन के तहसील अध्यक्ष नानालाल जाट, उपाध्यक्ष शांतिलाल निम्बोला, महासचिव धारासिंह पटेल और सचिव जालमसिंह राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पदाधिकारियों ने कहा कि किसान संगठन आगे भी जनहित और किसानों से जुड़े मामलों में अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने प्रशासन से देव सिंह गुर्जर के मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग दोहराई।
फिलहाल मामला पुलिस कार्रवाई और किसान संगठन के आरोपों के कारण चर्चा में है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने जहां प्रकरण वापस लेने की मांग की है, वहीं इस विवाद में पुलिस और ग्रेसिम प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले की जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
