रक्षाबंधन से पहले लाड़ली बहनों को CM मोहन यादव का तोहफा, 39वीं किस्त के साथ ₹250 का शगुन भी ट्रांसफर
मैहर में सिंगल क्लिक से खातों में भेजी राशि, स्वयं सहायता समूह की बहनों ने मुख्यमंत्री को भेंट की 15 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी राखी
मैहर। मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार, 19 अगस्त को मैहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की। इसके साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को अतिरिक्त ₹250 शगुन के रूप में दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और प्रदेश की महिलाओं के बीच भाई-बहन के रिश्ते की झलक भी देखने को मिली। ड्रोन दीदियों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा, जबकि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उन्हें विशाल राखी भेंट की। यह राखी करीब 15 फीट लंबी और तीन फीट चौड़ी बताई गई।
लाड़ली बहनों को मिले ₹1,750
लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को नियमित रूप से मिलने वाली ₹1,500 की मासिक राशि के साथ इस बार रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में ₹250 की अतिरिक्त राशि दी गई। इस तरह पात्र लाड़ली बहनों को कुल ₹1,750 की राशि प्राप्त हुई।
रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि को सरकार ने बहनों के लिए शगुन के रूप में प्रस्तुत किया है। इससे त्योहार से पहले महिलाओं को घरेलू और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
प्रदेश सरकार इससे पहले भी रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को अतिरिक्त राशि दे चुकी है। इस बार भी मुख्यमंत्री ने नियमित किस्त के साथ शगुन की राशि देकर त्योहार को खास बनाने का प्रयास किया।
मैहर से सिंगल क्लिक के जरिए जारी हुई राशि
मैहर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, लाड़ली बहना योजना की हितग्राही, स्वयं सहायता समूह की सदस्य और अन्य नागरिक शामिल हुए।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला केंद्रित योजनाओं में शामिल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाना और परिवार से जुड़े आर्थिक फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है।
1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं योजना से जुड़ीं
प्रदेश में करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाड़ली बहना योजना से जुड़ी हुई हैं। योजना की किस्त सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे राशि प्राप्त करने के लिए उन्हें किसी कार्यालय या अन्य माध्यम पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था के माध्यम से सरकार पात्र महिलाओं तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाती है। योजना का लाभ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाएं भी प्राप्त कर रही हैं।
जून 2023 में हुई थी लाड़ली बहना योजना की शुरुआत
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। इसके बाद से योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना शुरू होने के बाद समय-समय पर इसकी सहायता राशि में बदलाव भी हुआ है। वर्तमान में पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 दिए जा रहे हैं। 39वीं किस्त के साथ रक्षाबंधन का अतिरिक्त शगुन मिलने से इस महीने महिलाओं को सामान्य किस्त से अधिक राशि प्राप्त हुई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना की शुरुआत से अब तक लाड़ली बहनों को ₹63 हजार करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे योजना मध्य प्रदेश की सबसे बड़े पैमाने पर संचालित महिला आर्थिक सहायता योजनाओं में शामिल हो गई है।
ड्रोन दीदियों ने मुख्यमंत्री को बांधा रक्षा सूत्र
मैहर में आयोजित कार्यक्रम केवल राशि हस्तांतरण तक सीमित नहीं रहा। रक्षाबंधन के माहौल में कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। ड्रोन दीदियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षा सूत्र बांधा।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद किया और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आयोजन के दौरान महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।
15 फीट की विशाल राखी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र मुख्यमंत्री को भेंट की गई विशाल राखी रही। स्वयं सहायता समूह की बहनों ने डॉ. मोहन यादव को करीब 15 फीट लंबी और तीन फीट चौड़ी राखी भेंट की।
विशाल राखी के माध्यम से महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह राखी चर्चा का विषय बनी रही। मुख्यमंत्री ने भी महिलाओं से राखी स्वीकार कर उनका अभिवादन किया।
रक्षाबंधन से पहले महिलाओं को आर्थिक सहारा
रक्षाबंधन से पहले नियमित किस्त के साथ अतिरिक्त ₹250 मिलने से पात्र महिलाओं को त्योहार की तैयारियों में आर्थिक सहायता मिलेगी। विशेष रूप से ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों की महिलाओं के लिए यह राशि दैनिक आवश्यकताओं और त्योहार से जुड़े खर्चों में उपयोगी साबित हो सकती है।
लाड़ली बहना योजना के जरिए सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की बात कहती रही है। हर महीने बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से महिलाओं के पास अपनी जरूरतों के लिए निश्चित आर्थिक सहायता उपलब्ध रहती है।
39वीं किस्त से बहनों के लिए खास बना रक्षाबंधन
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त इस बार रक्षाबंधन के कारण खास रही। नियमित ₹1,500 के साथ ₹250 का शगुन मिलने से पात्र महिलाओं के खातों में कुल ₹1,750 पहुंचे। वहीं मैहर में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा सूत्र बांधने और विशाल राखी भेंट करने के आयोजनों ने इसे रक्षाबंधन के उत्सव से जोड़ दिया।
प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए राशि जारी होने के साथ ही सरकार ने एक बार फिर महिला आर्थिक सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया है। अब हितग्राही महिलाएं अपने बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त राशि की स्थिति की जांच कर सकती हैं।
