अतिक्रमण हटाने के बाद मलबे से लोहा उठाने को लेकर विवाद, मारपीट में एक ही परिवार के 6 लोग घायल
शहडोल में सड़क किनारे पड़े मलबे से सामान उठाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, घटना का वीडियो वायरल
Shahdol। कोतवाली थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद सड़क किनारे पड़े मलबे से लोहे का सामान उठाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। सोमवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। घटना में एक ही परिवार के छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मारपीट की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मामले की शिकायत पीड़ित परिवार की ओर से कोतवाली थाने में की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो फुटेज के साथ घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क किनारे पड़ा था मलबा
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद सड़क किनारे कुछ मलबा पड़ा हुआ था। इसी मलबे में लोहे का सामान भी मौजूद था। सोमवार शाम इसी सामान को उठाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी।
शिकायतकर्ता संदीप गुप्ता के अनुसार, शनि वंशकार, जितेंद्र वंशकार, साहिल वंशकार और सतीश वंशकार मलबे से लोहे का सामान उठाकर ले जा रहे थे। संदीप और उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया।
बताया गया है कि सामान ले जाने से रोकने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई। शुरुआती कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने गुप्ता परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। मारपीट की इस घटना में परिवार के छह लोगों को चोटें आने की बात सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। आसपास के लोगों ने विवाद को देखा और इसी दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
हालांकि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मारपीट के दौरान बनाए गए वीडियो को बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद घटना की जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंची।
वायरल वीडियो अब पुलिस की जांच का भी हिस्सा है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका और मारपीट के दौरान हुई गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किस समय और किस स्थान पर बनाया गया था तथा इसमें दिखाई दे रहे लोग घटना में किस भूमिका में थे।

शिकायत के बाद थाने पहुंचा पीड़ित परिवार
घटना के बाद गुप्ता परिवार के लोग कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मारपीट करने का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शनि वंशकार, जितेंद्र वंशकार, साहिल वंशकार और सतीश वंशकार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घायलों के बयान, चिकित्सकीय दस्तावेज और वायरल वीडियो समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
छह लोगों के घायल होने की जानकारी
मारपीट की घटना में एक ही परिवार के छह लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। घायलों की चोटों और घटना की परिस्थितियों को लेकर पुलिस द्वारा आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
घायलों के चिकित्सकीय परीक्षण और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भी पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है। मामले में चोटों की प्रकृति और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
मलबे से सामान उठाने को लेकर विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत सड़क किनारे पड़े मलबे से लोहे का सामान उठाने को लेकर हुई बताई जा रही है। अतिक्रमण हटाने के बाद वहां पड़ा सामान किसका था और उसे उठाने का अधिकार किसे था, यह भी मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
ऐसे मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बची सामग्री को लेकर अक्सर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर विवाद उत्पन्न हो सकता है। पुलिस घटना के मूल कारण और दोनों पक्षों के दावों की भी जांच कर रही है।
पुलिस कर रही वायरल वीडियो की जांच
पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो फुटेज मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम का परीक्षण कर यह पता लगाया जा रहा है कि मारपीट किस तरह शुरू हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
इसके अलावा पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
पुलिस का प्रयास है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों को शिकायत में बताए गए घटनाक्रम से मिलाकर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जाए।
दोनों पक्षों की भूमिका की जांच जरूरी
चूंकि मामला विवाद के बाद हुई मारपीट से जुड़ा है, इसलिए पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। केवल शिकायत के आधार पर घटना के सभी पहलुओं को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
पुलिस शिकायतकर्ता पक्ष के बयान के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करेगी। यदि जांच के दौरान कोई अतिरिक्त तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। अतिक्रमण हटाने के बाद मलबे से सामान उठाने जैसे मामले ने एक छोटे विवाद को मारपीट में बदल दिया।
स्थानीय लोगों के लिए भी यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है। सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के बाद बची सामग्री के निपटारे और उसकी सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होने से इस तरह के विवादों की संभावना कम की जा सकती है।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने मामले में चार नामजद लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो, घायलों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने और विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
रिपोर्ट: संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास
