Barwani: गंभीर प्रकरण के आरोपी BEO को हटाने की मांग, JAYS और आदिवासी समाज का धरना प्रदर्शन
तहसील कार्यालय के सामने सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन
निवाली। बड़वानी जिले की निवाली तहसील में सर्व आदिवासी समाज एवं जयस (JAYS) के बैनर तले मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने तहसील कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) निवाली श्री मनोज मराठे को एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपी बताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से BEO के पद से हटाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और जयस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित अधिकारी को महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों वाला पद सौंपा जाना उचित नहीं है।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कार्यालय कलेक्टर, जिला बड़वानी के आदेश क्रमांक 7826/जनजातीय/स्था/2026, दिनांक 14 जुलाई 2026 के माध्यम से श्री मनोज मराठे को विकासखंड शिक्षा अधिकारी निवाली का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने इसी नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में उन्हें महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दिए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
धारा 306, 34 BNS के मामले का हवाला
प्रदर्शनकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में दावा किया गया कि श्री मनोज मराठे के विरुद्ध थाना सेंधवा ग्रामीण में धारा 306, 34 BNS के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रकरण दर्ज है। ज्ञापन के अनुसार मामले की FIR क्रमांक 0426/2024, दिनांक 16 जुलाई 2024 है और प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब किसी अधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला न्यायालय में विचाराधीन हो, तब उसे प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों वाले महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर स्पष्टता और उचित जांच आवश्यक है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और प्रशासनिक निर्णय से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग एवं न्यायालयीन रिकॉर्ड से होना आवश्यक है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण आरोपी को दोषी ठहराया जाना भी उचित नहीं होगा।
विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को लेकर भी आरोप
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में एक अन्य आरोप भी लगाया। समाज के लोगों का कहना है कि विश्व आदिवासी दिवस, 10 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर आयोजित बैठक के दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा आदिवासी समाज का कथित रूप से अपमान किया गया।
इस आरोप को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
24 घंटे में कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर श्री मनोज मराठे को BEO निवाली के अतिरिक्त प्रभार से नहीं हटाया गया, तो तहसील कार्यालय निवाली के समक्ष उग्र धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आगामी आंदोलन की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांग पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
इस प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के सामने अब प्रदर्शनकारियों की मांग पर निर्णय लेने की चुनौती है। एक ओर संबंधित अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का प्रशासनिक आदेश है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज और जयस द्वारा गंभीर आपराधिक प्रकरण तथा कथित आपत्तिजनक व्यवहार का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की जा रही है।
ऐसे में पूरे मामले में प्रशासन द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, न्यायालयीन स्थिति और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद निर्णय लेना महत्वपूर्ण होगा।
आंदोलन आगे बढ़ने की चेतावनी
धरना प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने अपनी मांग को लेकर एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
अब निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि प्रशासन निर्धारित समयसीमा में कोई निर्णय नहीं लेता है, तो प्रदर्शनकारियों द्वारा आंदोलन को और व्यापक किए जाने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्टर: अर्जुन सोलंकी
