बाबा के भक्तों के लिए आस्था का संबल: सांई साबरसर में 11वां विशाल ‘राम रसोड़ा’ एवं सेवा शिविर शुरू
रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों को एक माह से अधिक समय तक मिलेगा निःशुल्क भोजन, विश्राम, पेयजल, प्राथमिक उपचार और दवाइयों का लाभ; महंत कपिलगिरी महाराज ने सेवा दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रिपोर्टर: मुकेश सोलंकी
भीनमाल लोकदेवता बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से श्री रामदेव सेवा संस्थान भीनमाल द्वारा इस वर्ष भी विशाल ‘राम रसोड़ा’ एवं सेवा शिविर का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। यह संस्थान का लगातार 11वां सेवा शिविर है, जिसमें रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों के लिए भोजन से लेकर विश्राम और प्राथमिक उपचार तक की विभिन्न सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के अंतर्गत सांई साबरसर स्थित आसकरणसिंह की ढाणी में लगाए गए इस सेवा शिविर का संचालन एक माह से अधिक समय तक लगातार किया जाएगा। यह स्थान रामदेवरा से लगभग 100 किलोमीटर पहले पड़ता है। लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचने वाले पदयात्रियों के लिए यह शिविर विश्राम और सेवा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
संस्थान के सदस्यों ने बताया कि सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को रास्ते में भोजन, पानी, आराम और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
11 वर्ष पहले शुरू हुआ सेवा का सफर
श्री रामदेव सेवा संस्थान के सदस्यों के अनुसार इस सेवा अभियान की शुरुआत करीब 11 वर्ष पहले की गई थी। उस समय सांई साबरसर और आसपास के क्षेत्रों में रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
लंबी दूरी की पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल, रात्रि विश्राम और उपचार जैसी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता था। विशेष रूप से दुर्गम इलाकों से गुजरते समय पदयात्रियों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
श्रद्धालुओं की इन्हीं परेशानियों को देखते हुए संस्थान के सदस्यों ने सेवा शिविर शुरू करने का निर्णय लिया। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह प्रयास समय के साथ बढ़ता गया और आज विशाल राम रसोड़े एवं सेवा शिविर के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
सुबह की चाय से लेकर दोनों समय मिलेगा सात्विक भोजन
सेवा शिविर में पदयात्रियों के भोजन की व्यापक व्यवस्था की गई है। यहां श्रद्धालुओं को प्रतिदिन चाय, ताजा अल्पाहार और दोनों समय सात्विक भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
संस्थान के सेवाभावी सदस्य शिविर में आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन व्यवस्था संभालेंगे। लंबी दूरी की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को पौष्टिक और ताजा भोजन मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राम रसोड़े में भोजन सेवा को निष्काम सेवा की भावना से संचालित किया जा रहा है। संस्थान के सदस्य स्वयं भी व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सामग्री और अन्य व्यवस्थाएं पहले से जुटाई गई हैं।
रात्रि विश्राम और स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था
पदयात्रियों को भोजन के साथ आराम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर में श्रद्धालुओं के लिए रात्रि विश्राम, नहाने-धोने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है।
रामदेवरा की पदयात्रा में श्रद्धालु कई दिनों तक लगातार पैदल चलते हैं। ऐसे में रात में सुरक्षित स्थान पर आराम मिलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। सेवा शिविर में पदयात्री अपनी यात्रा के दौरान कुछ समय आराम कर सकेंगे और इसके बाद आगे की यात्रा शुरू कर सकेंगे।
संस्थान का प्रयास है कि शिविर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पैरों के छालों और थकान के लिए प्राथमिक उपचार
लंबी पैदल यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ने, दर्द और थकान जैसी समस्याएं आम हैं। इसी को देखते हुए शिविर में स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
पदयात्रियों को प्राथमिक उपचार, मालिश और आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा के दौरान पैरों में दर्द या छालों से परेशान श्रद्धालु शिविर में उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
संस्थान के सदस्यों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सेवा केवल भोजन कराने तक सीमित नहीं है। यात्रा के दौरान उनकी हर संभव जरूरत में सहयोग करना इस सेवा अभियान का उद्देश्य है।
बाला हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
सेवा शिविर के शुभारंभ से पहले भीनमाल रेलवे स्टेशन स्थित बाला हनुमान मंदिर हरिओम कुटिया में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान महंत कपिलगिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।
पूजा-अर्चना के दौरान बाबा रामदेव से सेवा शिविर के सफल संचालन और सभी पदयात्रियों की मंगलमय यात्रा की कामना की गई। इसके बाद महंत कपिलगिरी महाराज ने सेवा कार्य में शामिल कार्यकर्ताओं की गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर सांई साबरसर के लिए रवाना किया।
इस दौरान मौजूद लोगों ने बाबा रामदेव के जयकारे लगाए और सेवा दल के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
एक माह से अधिक समय तक अनवरत चलेगा शिविर
सांई साबरसर स्थित आसकरणसिंह की ढाणी में शुरू हुआ यह राम रसोड़ा और सेवा शिविर एक माह से अधिक समय तक लगातार संचालित किया जाएगा। इस दौरान रामदेवरा की ओर जाने वाले पदयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ सेवा गतिविधियों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
संस्थान के सदस्य बारी-बारी से शिविर की व्यवस्थाएं संभालेंगे। भोजन बनाने और परोसने से लेकर पेयजल, विश्राम तथा चिकित्सा संबंधी सुविधाओं तक विभिन्न जिम्मेदारियां सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जाएंगी।
आयोजकों का कहना है कि बाबा के भक्तों की सेवा करना ही इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य है और प्रत्येक श्रद्धालु को यथासंभव बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा।
बड़ी संख्या में सेवाभावी सदस्य रहे उपस्थित
सेवा शिविर के शुभारंभ अवसर पर श्री रामदेव सेवा संस्थान के मोहनलाल घांची, रमेश सोनी पुनासा, पारसमल माली, सुजाराम प्रजापत, दिनेशकुमार भाटी, सालुराम देवासी, परबतसिंह राव, रमेश माली, आसुलाल माली, लालचंद माली, राजमल सोनी बागोड़ा, सुरेश सांखला, मसराराम माली, सुखराज माली, पारसमल परमार, परखाराम चौधरी, बाबूलाल माली, मुलाराम घांची, भैराराम घांची, मंगलाराम घांची, राजुभाई माली, तारसिंह राव और जसराज प्रजापत उपस्थित रहे।
इसके अलावा वेलाराम माली, अशोक सोनी, श्याम माली, भंवर माली, कृष्णा माली, माणकचंद माली, विकास माली, भरत माली, प्रभु प्रजापत, उमाराम प्रजापत, मंजीराम माली और कलाराम माली सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सेवाभावी सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए।
सेवा और आस्था का केंद्र बना ‘राम रसोड़ा’
रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह राम रसोड़ा केवल भोजन उपलब्ध कराने का स्थान नहीं, बल्कि सेवा और आस्था का केंद्र भी बन चुका है। वर्षों से चल रहे इस अभियान से बड़ी संख्या में पदयात्रियों को लाभ मिलता आया है।
बाबा रामदेव के प्रति श्रद्धा और मानव सेवा की भावना से शुरू किए गए इस अभियान का यह 11वां वर्ष है। संस्थान के सदस्यों ने संकल्प लिया है कि पूरे आयोजन के दौरान पदयात्रियों की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
सांई साबरसर में शुरू हुआ विशाल राम रसोड़ा आने वाले एक माह से अधिक समय तक रामदेवरा की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं को भोजन, विश्राम, पानी और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराता रहेगा। सेवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाबा के भक्तों की सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ी भक्ति है।
