—Advertisement—

भोले की भक्ति में लीन हुए करौंदी के ग्रामीण, 21 किलोमीटर पैदल कावड़ यात्रा निकालकर किया जलाभिषेक

Author Picture
Published On: 18 August 2026
भोले की भक्ति में लीन हुए करौंदी के ग्रामीण, 21 किलोमीटर पैदल कावड़ यात्रा निकालकर किया जलाभिषेक

—Advertisement—

भोले की भक्ति में लीन हुए करौंदी के ग्रामीण, 21 किलोमीटर पैदल कावड़ यात्रा निकालकर किया जलाभिषेक

तीसरे सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा, महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली; कपिलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि

पड़ाना। सावन मास के तीसरे सोमवार को करौंदी गांव में भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गांव के राकी मित्र मंडल के तत्वावधान में चौथी कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें करौंदी सहित आसपास के क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कावड़ एवं कलश यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

सुबह करीब 9 बजे कावड़ यात्रा की शुरुआत करौंदी स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद हुई। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए और मंगल गीत गाते हुए यात्रा में सहभागिता की, जबकि पुरुष श्रद्धालु कंधों पर कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए आगे बढ़े। बच्चों ने भी उत्साह के साथ यात्रा में हिस्सा लिया।

जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

करौंदी से प्रारंभ हुई कावड़ एवं कलश यात्रा का विभिन्न गांवों और मार्गों पर ग्रामीणों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया गया। रामपुरिया खेड़ा सहित कई स्थानों पर कावड़ यात्रियों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

रामपुरिया खेड़ा में बद्रीलाल मामा जाट, दिनेश जाट, मानसिंह जाट, सरपंच महेश जाट, घनश्याम जाट, प्रेम परमार, राजेंद्र परमार, मोहनलाल जाट और हरिप्रसाद जाट सहित अन्य ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। यात्रा के दौरान सेवा और स्वागत के लिए ग्रामीणों ने मिलकर व्यवस्थाएं संभालीं।

21 किलोमीटर की पैदल यात्रा

कावड़ यात्रा करौंदी से विभिन्न मार्गों से होते हुए सारंगपुर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंची। श्रद्धालुओं ने करीब 21 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान डीजे के साथ भक्तिमय वातावरण बना रहा।

महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं पुरुष कावड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। सावन के तीसरे सोमवार पर निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवभक्ति के रंग में रंग दिया।

यात्रा के मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सेवा की। कहीं पेयजल की व्यवस्था की गई तो कहीं चाय-पानी उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा भी की गई।

कपिलेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

करीब 21 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु सारंगपुर की पावन नगरी स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां सभी कावड़ यात्रियों और कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने भगवान कपिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।

इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही अच्छी बारिश और बेहतर फसल के लिए भी प्रार्थना की गई।

कलश यात्रा में महिलाओं की रही विशेष सहभागिता

कावड़ यात्रा के साथ निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए आगे बढ़ीं। सावन के पावन महीने में महिलाओं की इस धार्मिक सहभागिता ने यात्रा को विशेष रूप से आकर्षक बनाया।

बच्चों और महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा पूरी की। रास्तेभर श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति आस्था और उत्साह देखने को मिला।

मंगराना सहित आसपास के लोगों ने भी बढ़ाया उत्साह

यात्रा में ग्राम पंचायत मंगराना के सरपंच प्रतिनिधि महेश गुर्जर, लोकेंद्र गुर्जर, रोजगार सहायक बृज पाटीदार, शिवप्रसाद गुर्जर सहित अन्य लोगों ने भी सहभागिता की। यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत और सेवा की।

करौंदी से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कपिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं में पूरे रास्ते उत्साह बना रहा।

महाआरती और भंडारे का आयोजन

कपिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के साथ महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और भोजन भंडारे का आयोजन किया गया।

बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आयोजन के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का भी संदेश देखने को मिला।

सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

कावड़ यात्रा में सरपंच राकेश परमार, शैलेंद्र परमार, शिवनारायण परमार, कमलेश, माखन सिंह परमार, हनुमत सिंह मारसाब, आत्माराम भिलाला, रोशन सिंह परमार, राजेश, रमेश चंद्र भिलाला, धन सिंह परमार, वकील साहब, सुनीता बाई भिलाला, गंगा भुआ, कमलाबाई भिलाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों से आए महिला-पुरुष और बच्चों ने भी यात्रा में सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।

सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना

श्रद्धालुओं ने भगवान कपिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। किसानों के लिए अच्छी बारिश और अच्छी फसल की भी प्रार्थना की गई।

सावन के तीसरे सोमवार को आयोजित यह धार्मिक यात्रा ग्रामीणों की आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी। करौंदी से सारंगपुर तक 21 किलोमीटर की यात्रा में जगह-जगह हुए स्वागत और सेवा कार्यों ने आयोजन को और विशेष बना दिया।

धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई यात्रा

कावड़ एवं कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से शुरू होकर कपिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजा और आरती की गई। इसके बाद प्रसाद और भोजन भंडारे के साथ आयोजन संपन्न हुआ।

पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और धार्मिक आस्था बनी रही। महिलाओं के मंगल गीत, पुरुषों की कावड़ यात्रा और बच्चों की सहभागिता ने सावन के तीसरे सोमवार को करौंदी और आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना दिया। यह यात्रा ग्रामीणों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक एकता और सेवा भावना का भी अवसर बनी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp