MP Cabinet Decisions: लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और मातृ वंदना योजना पर बड़ा फैसला, अगले 5 साल के लिए भारी बजट मंजूर
मोहन यादव कैबिनेट ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, जल संरक्षण और तकनीक से जुड़ी योजनाओं को दी मंजूरी; अविरल मां नर्मदा मिशन के गठन पर भी मुहर
MP Cabinet Decisions August 2026: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। सरकार ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण और सड़क विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से संबंधित कई प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, कृषि और तकनीकी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए बड़े स्तर पर वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी गई है।
सरकार का फोकस आने वाले पांच वर्षों के दौरान प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को निरंतर जारी रखने के साथ प्रदेश में आधारभूत और सामाजिक विकास को गति देने पर रहेगा।
लाड़ली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़ से अधिक
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए वित्तीय प्रावधान शामिल है।
PWD मंत्री राकेश सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी पांच वर्षों के लिए लाड़ली बहना योजना में करीब 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला केंद्रित योजनाओं में शामिल है। इसके माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
सरकार का कहना है कि योजना को आगे भी जारी रखते हुए महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और परिवार में उनकी वित्तीय भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी बड़ा प्रावधान
मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली लक्ष्मी योजना को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना के लिए आगामी पांच वर्षों में करीब 16 हजार 326 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
प्रदेश में लंबे समय से संचालित इस योजना को आगामी वर्षों में भी जारी रखने के फैसले को बालिका कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 2,137 करोड़ रुपये
गर्भवती और धात्री महिलाओं से संबंधित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भी कैबिनेट ने वित्तीय व्यवस्था को मंजूरी दी है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आगामी पांच वर्षों में योजना के अंतर्गत लगभग 2,137 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित प्रयासों को और मजबूत करना है।
तीन प्रमुख महिला योजनाओं पर 1.32 लाख करोड़ से ज्यादा
लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए बताए गए वित्तीय प्रावधानों को जोड़ने पर राशि करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक होती है।
इससे साफ है कि अगले पांच वर्षों की योजना में महिला और बालिका कल्याण से जुड़े कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान पर रहने वाले हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, बालिकाओं की शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर काम जारी रखने की तैयारी है।
स्वास्थ्य योजनाओं पर 11,835 करोड़ खर्च करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित योजनाओं के लिए भी बड़ा वित्तीय प्रावधान किया गया है।
PWD मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 11 हजार 835 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
इस राशि का उपयोग प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और संबंधित योजनाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाना भी सरकार के सामने महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 870 करोड़ रुपये
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए कैबिनेट ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए भी वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है।
इसके तहत करीब 870 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, नई फसल पद्धतियों और वैज्ञानिक जानकारियों को पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार कृषि अनुसंधान को किसानों की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में जल संरक्षण और नर्मदा नदी से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी फैसला हुआ। मंत्रिपरिषद ने ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को मंजूरी दी है।
मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी के संरक्षण और उससे जुड़े पर्यावरणीय विषयों को ध्यान में रखते हुए इस मिशन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिशन के माध्यम से नर्मदा संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रयासों को एक व्यवस्थित स्वरूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके विस्तृत स्वरूप और क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा आगे जारी की जा सकती है।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद मंजूर
प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को देखते हुए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को भी मंजूरी दी गई है।
नए पदों की स्वीकृति से निगम के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार और विभिन्न सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सड़क विकास निगम की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 492 करोड़ से अधिक
मध्य प्रदेश सरकार ने तकनीकी प्रगति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस किया है।
कैबिनेट में अगले पांच वर्षों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित योजनाओं के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकार का उद्देश्य तकनीक का उपयोग बढ़ाकर प्रशासनिक और विकास से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।
धन-धान्य कृषि योजना में डिंडौरी मॉडल की चर्चा
कैबिनेट बैठक में डिंडौरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। सरकार की ओर से बताया गया कि धन-धान्य कृषि योजना में डिंडौरी ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।
डिंडौरी में अपनाए गए मॉडल को प्रदेश के दूसरे जिलों में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है। इससे कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सफल स्थानीय प्रयोगों को प्रदेशव्यापी स्तर पर विस्तार देने की कोशिश होगी।
महिला सशक्तिकरण से लेकर तकनीक तक सरकार का फोकस
18 अगस्त की कैबिनेट बैठक के फैसलों में महिला सशक्तिकरण सबसे प्रमुख क्षेत्रों में से एक रहा। इसके साथ स्वास्थ्य, कृषि, जल संरक्षण, सड़क और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के लिए भी दीर्घकालीन वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
लाड़ली बहना योजना पर अगले पांच वर्षों में सबसे अधिक राशि खर्च करने की तैयारी है। इसके साथ लाड़ली लक्ष्मी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना जैसी योजनाओं को भी जारी रखने का रास्ता साफ किया गया है।
अगले पांच वर्षों के लिए तैयार की गई रूपरेखा
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार ने कई प्रमुख योजनाओं के लिए केवल एक वित्तीय वर्ष के बजाय अगले पांच वर्षों को ध्यान में रखकर वित्तीय रूपरेखा तैयार की है।
इसमें सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण योजनाओं के साथ स्वास्थ्य, कृषि अनुसंधान और तकनीकी विकास को शामिल किया गया है।
वहीं अविरल मां नर्मदा मिशन के गठन से पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में एक नया संस्थागत प्रयास शुरू होने जा रहा है।
