पिता बनने के डर से ‘Insidious: आउट ऑफ द फर्दर’ तक, जैकब चेस ने बताया फिल्म का निजी कनेक्शन
21 अगस्त को भारत में रिलीज होगी हॉरर फिल्म, अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी
मुंबई, अगस्त 2026। हॉरर फिल्म फ्रैंचाइजी ‘Insidious’ एक बार फिर दर्शकों को डर और रोमांच की दुनिया में ले जाने के लिए तैयार है। पांच फिल्मों से दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 740 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई कर चुकी यह फ्रैंचाइजी अब ‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ के साथ नए परिवार और नए डर की कहानी लेकर लौट रही है।
फिल्म का निर्देशन जैकब चेस ने किया है। इस बार कहानी में एक युवा मां, उसकी बेटी और ‘द फर्दर’ से जुड़ी एक खतरनाक शक्ति को केंद्र में रखा गया है। फिल्म भारत में 21 अगस्त 2026 को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी।
नई कहानी, नया परिवार और ‘द फर्दर’ का खौफ
फिल्म में अमेलिया ईव ने जेम्मा का किरदार निभाया है। जेम्मा एक युवा मां है, जो अपनी बेटी की परवरिश उसी घर में कर रही है, जहां वह खुद बड़ी हुई थी।
कहानी तब भयावह मोड़ लेती है, जब जेम्मा को पता चलता है कि वह ‘द फर्दर’ में प्रवेश कर सकती है। ‘द फर्दर’ ‘इनसिडियस’ की दुनिया में एक ऐसी डरावनी जगह है, जहां खोई हुई आत्माओं और खतरनाक शक्तियों का वास है।
जेम्मा की शक्ति यहीं तक सीमित नहीं है। वह ‘द फर्दर’ में रहने वाली चीजों को वास्तविक दुनिया में भी ला सकती है। जब इन शक्तियों और राक्षसों को उसकी क्षमता के बारे में पता चलता है, तो सामान्य दुनिया ही उनके लिए खेल का मैदान बन जाती है।
लिन शे फिर निभाएंगी एलिस रेनियर का किरदार
फिल्म में हॉरर फ्रैंचाइजी का जाना-पहचाना चेहरा लिन शे एक बार फिर एलिस रेनियर की भूमिका में नजर आएंगी। एलिस रेनियर का किरदार ‘इनसिडियस’ सीरीज की सबसे चर्चित भूमिकाओं में से एक रहा है।
जैकब चेस के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर के साथ परिवार और भावनात्मक रिश्तों को भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है।
हॉरर के प्रति जैकब चेस का पुराना जुनून
जैकब चेस का हॉरर जॉनर से जुड़ाव नया नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें थिएटर और लाइव हॉरर अनुभवों से हमेशा लगाव रहा है।
चेस के अनुसार, उन्होंने हाई स्कूल के समय से लेकर करीब 20 वर्ष की उम्र तक अपने दोस्तों के साथ चैरिटी कार्यक्रमों के लिए हॉन्टेड हाउस आकर्षण तैयार किए। उनके लिए हॉन्टेड हाउस में फिल्म निर्माण, कहानी सुनाना, किरदार और सामूहिक अनुभव जैसी कई चीजें एक साथ मौजूद रहती हैं।
उनका मानना है कि किसी व्यक्ति को डरते हुए चीखते और फिर हंसते देखना बेहद खास अनुभव होता है। यही अनुभव उन्हें हॉरर फिल्में बनाने के लिए प्रेरित करता रहा है।
रोजमर्रा की चीजों से पैदा किया डर
‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ में डर पैदा करने के लिए चेस ने केवल पारंपरिक हॉरर तकनीकों पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की सामान्य चीजों को भयावह बनाने का प्रयास किया है।
फिल्म में तकियों से बनाया गया एक साधारण किला भी डरावनी भूलभुलैया में बदल जाता है। जो चीज बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन का माध्यम होती है, वही फिल्म में ऐसा खौफ पैदा करती है, जिससे निकलना मुश्किल हो जाता है।
चेस ने बताया कि उन्हें खुद बंद और तंग जगहों से डर लगता है। यहां तक कि बिस्तर के नीचे किसी चीज को तलाशना भी उन्हें असहज महसूस कराता है। इसी निजी डर को उन्होंने फिल्म के एक डरावने दृश्य में इस्तेमाल किया।
डेंटिस्ट की कुर्सी भी बनी डर का कारण
फिल्म में एक और आम परिस्थिति को हॉरर में बदलने की कोशिश की गई है—डेंटिस्ट की कुर्सी।
चेस के मुताबिक, डेंटिस्ट की कुर्सी पर बैठना अपने आप में कई लोगों के लिए तनावपूर्ण अनुभव होता है। इसलिए उन्होंने जेम्मा को हाइजीनिस्ट की भूमिका से उठाकर उसी कुर्सी पर बैठाया और उसके सामने ड्रिल जैसी चीज को भय का हिस्सा बनाया।
एक साधारण और रोजमर्रा के अनुभव को डरावने दृश्य में बदलने की यह कोशिश फिल्म की कहानी को अलग अंदाज देती है।

सिर्फ डर नहीं, परिवार की भावनाएं भी
जैकब चेस के अनुसार, एक अच्छी हॉरर फिल्म केवल दर्शकों को डराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसमें ऐसे किरदार होने चाहिए, जिनकी जिंदगी और भावनाओं से दर्शक जुड़ सकें।
‘इनसिडियस’ फ्रैंचाइजी की खासियत भी यही बताई जाती है। फिल्म में डर और तनाव के साथ परिवार, रिश्ते और अपनों को बचाने की भावना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चेस का मानना है कि जब कहानी में किसी व्यक्ति के अपने परिवार या प्रियजन पर खतरा आता है, तो दर्शक उस डर को ज्यादा गहराई से महसूस करता है।
पिता बनने का निजी डर बना कहानी की प्रेरणा
‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ जैकब चेस के लिए केवल एक हॉरर फिल्म नहीं, बल्कि एक निजी अनुभव से जुड़ी कहानी भी है।
उन्होंने बताया कि जब वे फिल्म की पटकथा लिख रहे थे, उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। उस दौरान उन्हें खुद पिता बनने को लेकर डर और चिंता महसूस हो रही थी।
चेस ने इसी वास्तविक भावना को फिल्म की कहानी में इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, पिता बनने को लेकर उनके मन में मौजूद डर ने उन्हें फिल्म की कहानी के भावनात्मक पक्ष को समझने में मदद की।
निजी अनुभव को हॉरर में बदलने की कोशिश
चेस के लिए यह अनुभव एक अनूठा अवसर था कि वे अपने निजी जीवन की वास्तविक भावनाओं को ‘इनसिडियस’ जैसी हॉरर फ्रैंचाइजी की कहानी में शामिल कर सकें।
पिता बनने की जिम्मेदारी, परिवार की सुरक्षा और अपने बच्चे को किसी भी खतरे से बचाने की भावना को फिल्म के डर और तनाव से जोड़ा गया है।
यही वजह है कि इस फिल्म में हॉरर के साथ पारिवारिक भावनाओं को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
भारत में चार भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म
‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ भारत में 21 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इसे अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।
फ्रैंचाइजी की पिछली फिल्मों की लोकप्रियता और नए परिवार की कहानी को देखते हुए फिल्म से हॉरर प्रेमियों को काफी उम्मीदें हैं।
हॉरर के साथ भावनात्मक कहानी का दावा
‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ में एक ओर ‘द फर्दर’ की खतरनाक दुनिया और डरावनी शक्तियां हैं, तो दूसरी ओर मां और बेटी के रिश्ते तथा परिवार की सुरक्षा का भावनात्मक पक्ष भी है।
जैकब चेस ने अपने निजी डर और अनुभवों को कहानी में शामिल करके फिल्म को एक व्यक्तिगत आधार देने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि दर्शकों को यह नया डर और नई कहानी ‘इनसिडियस’ फ्रैंचाइजी में कितना प्रभावित करती है।
21 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली ‘इनसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर’ हॉरर, रोमांच और पारिवारिक भावनाओं का नया मिश्रण पेश करने के लिए तैयार है।
