बछोड़िया में 11KV लाइन पेड़ों में उलझी, हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से की तत्काल कार्रवाई की मांग
सिद्धेश्वर महादेव हनुमान मंदिर के पास हाई-वोल्टेज तारों की स्थिति चिंताजनक, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में आक्रोश
बछोड़िया (पिपलोदा)। सिद्धेश्वर महादेव हनुमान मंदिर, बछोड़िया के समीप विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मंदिर के पास से गुजर रही 11KV हाई-वोल्टेज विद्युत लाइन के तार पेड़ों और झाड़ियों में उलझे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तारों की यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है और समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में ग्रामीणों तथा श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे में पेड़ों के बीच से गुजर रहे हाई-वोल्टेज तार लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
पेड़ों और झाड़ियों में उलझे हाई-वोल्टेज तार
ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर के आसपास 11 हजार केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। इस लाइन के तार कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं और झाड़ियों के बीच उलझे हुए दिखाई दे रहे हैं।
हाई-वोल्टेज लाइन के नीचे और आसपास ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में तारों और पेड़ों के बीच संपर्क की स्थिति किसी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर पेड़ों की शाखाओं की कटाई-छंटाई कराई जाए और विद्युत तारों को सुरक्षित दूरी पर किया जाए।
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी खतरा
सिद्धेश्वर महादेव हनुमान मंदिर क्षेत्र में रोजाना श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग मंदिर परिसर के आसपास पेड़ों से फूल तोड़ने भी जाते हैं।
ऐसे में पेड़ों में उलझे 11KV लाइन के तारों से लोगों को करंट लगने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विशेष रूप से बच्चों और अनजान लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

तेज हवा और बारिश के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ दिन पूर्व तेज हवा और बारिश के दौरान केले के पेड़ के पत्ते विद्युत तारों के संपर्क में आ गए थे। इसके बाद शॉर्ट सर्किट की स्थिति बनी और पेड़ का एक हिस्सा जल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना भविष्य में होने वाली किसी बड़ी दुर्घटना की गंभीर चेतावनी है। यदि पेड़ों और विद्युत तारों के बीच इसी तरह संपर्क बना रहा तो आग लगने या विद्युत दुर्घटना की आशंका बनी रह सकती है।
समय पर छंटाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 11KV लाइन के आसपास पेड़ों की नियमित छंटाई और आवश्यक रखरखाव नहीं किया जा रहा है। विद्युत लाइन के आसपास बढ़ती शाखाएं अब तारों के संपर्क में आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग को समय-समय पर लाइन के आसपास की वनस्पति और पेड़ों की शाखाओं की जांच करनी चाहिए, ताकि हाई-वोल्टेज तार सुरक्षित दूरी पर बने रहें।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा के जिम्मेदार अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
विद्युत लाइन की स्थिति को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। मौके पर मौजूद जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बालाराम पटेल, पुजारी लक्ष्मण दास, प्रहलाद कुमावत सहित अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर जैसे सार्वजनिक स्थान के आसपास सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।
तत्काल सुधार की मांग
ग्रामीणों ने विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा के अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर 11KV लाइन के आसपास मौजूद पेड़ों और झाड़ियों की तत्काल कटाई-छंटाई कराई जाए।
इसके साथ ही विद्युत तारों की स्थिति की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे पेड़ों की शाखाओं के संपर्क में न रहें। यदि आवश्यक हो तो तारों को सुरक्षित दूरी पर करने और लाइन की तकनीकी जांच कराने की भी मांग की गई है।
हादसा होने से पहले कार्रवाई जरूरी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते विद्युत लाइन की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
तेज हवा और बारिश के दौरान पहले ही पेड़ के जलने की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय करने चाहिए।
मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यह मामला और भी संवेदनशील हो जाता है।
ग्रामीणों ने जताई जनहानि की आशंका
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाई-वोल्टेज लाइन के पेड़ों में उलझे रहने से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति का संपर्क विद्युत तार से हो जाता है तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से अपील की है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा के अधिकारियों की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि विभाग जल्द मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुधार करेगा।
संवाददाता – अर्जुन कुमावत
बछोड़िया (पिपलोदा)
