सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में उज्जैन का चौड़ीकरण अभियान तेज, छत्रीचौक शाही मस्जिद को नोटिस
आगर रोड से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण की कार्रवाई, शाही मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा जद में
Ujjain । सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन शहर में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद तेज हो गई है। शहर के प्रमुख मार्गों को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम द्वारा सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आगर रोड कोयला फाटक से निजातपुरा, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक होते हुए गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण का काम चर्चा में है।
इस अभियान के तहत सड़क की जद में आने वाले विभिन्न निर्माणों के मालिकों और संबंधित पक्षों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। छत्रीचौक स्थित शाही मस्जिद को भी नोटिस जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित चौड़ीकरण में मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा प्रभावित होने की बात सामने आई है।
सिंहस्थ-2028 को लेकर शहर में बढ़ाई जा रही सड़क क्षमता
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम के सामने शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों की क्षमता बढ़ाने, यातायात दबाव कम करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
आगर रोड कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक का मार्ग उज्जैन के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग पर दिनभर वाहनों और लोगों की आवाजाही बनी रहती है। सिंहस्थ के दौरान यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना को देखते हुए चौड़ीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक प्रस्तावित चौड़ीकरण
चौड़ीकरण अभियान के तहत आगर रोड कोयला फाटक से निजातपुरा, कंठाल, सतीगेट और छत्रीचौक होते हुए गोपाल मंदिर तक सड़क की सीमा निर्धारित की जा रही है।
इस मार्ग पर कई स्थानों पर पुराने निर्माण सड़क की प्रस्तावित सीमा में आ रहे हैं। ऐसे निर्माणों की नपती और सीमांकन के बाद संबंधित भवन मालिकों, दुकानदारों तथा अन्य पक्षों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य सड़क की निर्धारित सीमा को खाली कराकर मार्ग को चौड़ा करना और भविष्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।
शाही मस्जिद को भी नगर निगम का नोटिस
छत्रीचौक स्थित शाही मस्जिद को नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के बाद मामला चर्चा में आया है। जानकारी के मुताबिक चौड़ीकरण की प्रस्तावित सीमा में मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा आ रहा है।
नोटिस में प्रस्तावित कार्रवाई के संबंध में संबंधित पक्ष को जानकारी दी गई है। अब आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होने की बात सामने आ रही है।
हालांकि चौड़ीकरण अभियान को केवल शाही मस्जिद से जोड़कर देखना उचित नहीं है। नगर निगम द्वारा सड़क की जद में आने वाले अन्य निर्माणों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
मकान और दुकानदार भी कार्रवाई की जद में
मार्ग चौड़ीकरण की कार्रवाई में केवल धार्मिक स्थलों को ही शामिल नहीं किया गया है। सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले मकान और दुकानें भी इसकी जद में हैं।
नपती और सीमांकन के दौरान जिन भवनों या प्रतिष्ठानों का हिस्सा सड़क सीमा में पाया गया है, उनके संबंधित मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
इससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क चौड़ीकरण को व्यापक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें सड़क की सीमा में आने वाले विभिन्न प्रकार के निर्माणों को शामिल किया गया है।
कई धार्मिक स्थलों के हिस्से हटाए जाने की जानकारी
चौड़ीकरण के इस मार्ग पर कार्रवाई के दौरान कुछ धार्मिक स्थलों के सड़क की जद में आने वाले हिस्से पहले ही हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके साथ ही निजी मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का फोकस सड़क की निर्धारित सीमा को स्पष्ट करने और मार्ग को चौड़ा करने पर है।
धार्मिक स्थलों के हिस्सों के साथ निजी निर्माणों पर कार्रवाई होने के कारण अभियान का स्वरूप व्यापक दिखाई दे रहा है।
पुराने शहर में बदल सकता है यातायात का स्वरूप
उज्जैन का यह हिस्सा शहर के पुराने और व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है। यहां कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई सीमित होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे यातायात दबाव कम करने और जाम की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सिंहस्थ के दौरान पैदल श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ सकती है। ऐसे में प्रमुख मार्गों का पहले से व्यवस्थित होना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।

11 फीट हिस्से पर आगे की कार्रवाई पर नजर
शाही मस्जिद को जारी नोटिस में करीब 11 फीट हिस्से के प्रभावित होने की जानकारी सामने आने के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
नोटिस के बाद संबंधित पक्ष और नगर निगम के बीच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। सड़क की अंतिम सीमा, नपती और मौके की स्थिति के आधार पर वास्तविक कार्रवाई का स्वरूप स्पष्ट हो सकता है।
फिलहाल चौड़ीकरण अभियान के तहत नगर निगम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर नोटिस जारी करने और निर्माणों की स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया जारी है।
सिंहस्थ से पहले बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी
सिंहस्थ-2028 उज्जैन के लिए बड़ा धार्मिक और प्रशासनिक आयोजन होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता में है।
सड़क, यातायात, पार्किंग और श्रद्धालुओं के आवागमन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर तैयारियां की जा रही हैं। सड़क चौड़ीकरण भी इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाने से सिंहस्थ के दौरान यातायात संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही आयोजन के बाद भी स्थानीय नागरिकों को बेहतर सड़क व्यवस्था का लाभ मिल सकता है।
कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर बनी नजर
चौड़ीकरण अभियान के कारण पुराने शहर के कई हिस्सों में निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों और व्यापारियों की नजर नगर निगम की आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।
प्रशासन के सामने एक ओर सिंहस्थ के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित निर्माणों से जुड़े लोगों की आपत्तियों और दावों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
आने वाले दिनों में नोटिस के अनुपालन और मौके पर होने वाली कार्रवाई से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़ेगा उज्जैन का नया स्वरूप
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में हो रहा सड़क चौड़ीकरण आने वाले समय में शहर के यातायात और शहरी स्वरूप में बदलाव ला सकता है। आगर रोड से गोपाल मंदिर तक का मार्ग इस दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शाही मस्जिद सहित सड़क की जद में आने वाले अन्य धार्मिक स्थल, मकान और दुकानें इस अभियान के दायरे में हैं। नगर निगम द्वारा जारी नोटिस और नपती के बाद आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होने की उम्मीद है।
फिलहाल छत्रीचौक की शाही मस्जिद के करीब 11 फीट हिस्से को लेकर जारी नोटिस ने इस चौड़ीकरण अभियान को चर्चा में ला दिया है। हालांकि पूरा अभियान व्यापक है और सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले सभी निर्माणों को इसके दायरे में लिया जा रहा है।
दैनिक स्वराज वाणी | उज्जैन
रिपोर्ट : प्रियंका गुजराती
