मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज ने ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को दिया समर्थन, गौसंरक्षण के लिए समाज से आगे आने का आह्वान
इंदौर। गौमाता के संरक्षण, गौहत्या की समाप्ति, गौवंश के संवर्धन और गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज का समर्थन मिला है। अभियान से जुड़े पूज्य स्वामी अच्युतानंद महाराज ने मुनिश्री से मुलाकात कर अभियान की अब तक की गतिविधियों, देशभर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान और आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान मुनिश्री ने गौसेवा और गौसंरक्षण के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए अभियान के उद्देश्य के प्रति अपनी सहमति व्यक्त की। उन्होंने जैन समाज द्वारा लंबे समय से किए जा रहे जीवदया और गौसेवा के कार्यों का भी उल्लेख किया।
मुनिश्री को दी अभियान की गतिविधियों की जानकारी
स्वामी अच्युतानंद महाराज ने चर्चा के दौरान मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज को बताया कि ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के माध्यम से देशभर में गौसंरक्षण के प्रति जनजागरण का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों, संत समाज और गौसेवकों की भावनाओं को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र और राज्य सरकारों तक पहुंचाना बताया गया है।
अभियान से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार इसमें गौहत्या की समाप्ति, गौमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिए जाने और देश में प्रभावी एवं व्यापक गौ-सेवा नीति तैयार किए जाने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
27 अप्रैल को देशभर की तहसीलों में सौंपे गए ज्ञापन
अभियान से जुड़े आयोजकों ने मुनिश्री को बताया कि पहले चरण में 27 अप्रैल 2026 को देशभर की लगभग 5,000 तहसीलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
आयोजकों के दावे के अनुसार तहसीलदार और एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
अभियान के आयोजकों का दावा है कि इन ज्ञापनों के समर्थन में देशभर से करीब 5 करोड़ 25 लाख हस्ताक्षर जुटाए गए थे।
ज्ञापन के माध्यम से गौहत्या की समाप्ति, गौवंश के संरक्षण और संवर्धन, गौमाता को राष्ट्रीय सम्मान तथा गौसेवा के लिए प्रभावी नीति तैयार करने की मांग सरकार के सामने रखी गई।
27 जुलाई को 802 जिलों में अभियान चलाने का दावा
इसके बाद अभियान को जिला स्तर तक व्यापक रूप देने के उद्देश्य से 27 जुलाई 2026 को देश के विभिन्न जिलों में ज्ञापन अभियान आयोजित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक देश के 802 जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजे गए। अभियान से जुड़े लोगों का दावा है कि इस चरण में संतों, गौसेवकों और नागरिकों के करीब 15 करोड़ हस्ताक्षर का समर्थन प्राप्त हुआ।
इस दौरान बड़ी संख्या में गौसेवा से जुड़े संगठनों, धार्मिक प्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी होने की बात कही गई।
सोशल मीडिया पर भी चलाया गया ‘गो सम्मान आह्वान’
अभियान को केवल ज्ञापन और हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनजागरण का प्रयास किया गया।
आयोजकों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ‘गो सम्मान आह्वान’ अभियान चलाया गया। अभियान के प्रतिनिधियों का दावा है कि सोशल मीडिया पर शुरू होने के करीब 15 मिनट के भीतर इससे संबंधित संदेश ट्रेंड करने लगा।
सोशल मीडिया अभियान के जरिए देश-विदेश में रहने वाले लोगों तक गौसंरक्षण से जुड़ा संदेश पहुंचाने और अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
सुधासागरजी महाराज ने जताई अभियान के उद्देश्य से सहमति
अभियान की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज ने इसके उद्देश्य के प्रति अपनी सहमति व्यक्त की।
मुनिश्री ने कहा कि गौसेवा और गौसंरक्षण भारतीय समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने इस दिशा में जैन समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज गौसेवा के कार्यों में सहभागी रहा है और आगे भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने जीवदया और प्राणी संरक्षण को जैन दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए लोगों को गौवंश की सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
गौशालाओं के माध्यम से बेसहारा गौवंश के संरक्षण का प्रयास
चर्चा के दौरान मुनिश्री ने गौसेवा से जुड़े अपने अनुभव और प्रयास भी साझा किए। उन्होंने बताया कि नारेली तीर्थ क्षेत्र की गौशाला सहित विभिन्न गौशालाओं के माध्यम से बेसहारा और असहाय गौवंश को संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे गौवंश की देखभाल और संरक्षण के लिए समाज को संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है।
मुनिश्री ने बताया कि गौसंरक्षण के लिए वे विभिन्न क्षेत्रों और गांवों में जाकर लोगों को प्रेरित करते रहे हैं। गौसेवा के प्रति जनजागरण का यह कार्य निरंतर जारी है।
गांव-गांव में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता जरूरी
मुनिश्री ने गौसंरक्षण को केवल धार्मिक विषय तक सीमित न रखते हुए सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गौवंश की देखभाल के लिए गौशालाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर भी लोगों की भागीदारी जरूरी है। बेसहारा गौवंश की सेवा, उनके भोजन, उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था में समाज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
गौसेवा से जुड़े कार्यों में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने और युवा पीढ़ी को भी इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई गई।
17 दिसंबर 2027 के लिए 31 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य
बैठक में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के आगामी चरण की जानकारी भी मुनिश्री के समक्ष रखी गई।
अभियान के आयोजकों के अनुसार 17 दिसंबर 2027 को देशभर में व्यापक स्तर पर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसके लिए 31 करोड़ हस्ताक्षरों के समर्थन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन हस्ताक्षरों के माध्यम से प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत करने की योजना है।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इसका उद्देश्य करोड़ों नागरिकों की भावनाओं को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से शासन तक पहुंचाना तथा गौसंरक्षण के लिए प्रभावी नीति की मांग को मजबूत करना है।
गौसेवा के लिए व्यापक जनभागीदारी पर जोर
चर्चा के दौरान अभियान को गांव, तहसील, जिला और राज्य स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया गया। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि गौसंरक्षण के उद्देश्य को प्रभावी बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है।
आने वाले समय में अभियान के माध्यम से संत समाज, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, गौसेवकों और आम नागरिकों को जोड़कर जनजागरण बढ़ाने की योजना बताई गई है।
समाजजन और गौसेवा कार्यकर्ता रहे उपस्थित
मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज के साथ हुई चर्चा के दौरान स्वामी अच्युतानंद महाराज ने अभियान के विभिन्न चरणों की जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर अशोक डोसी, वीरेन्द्र कुमार जैन सहित अनेक समाजजन और गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
