श्रीरामपुर के राजा का नगर भ्रमण, शिवडोले में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रावण मास के तृतीय सोमवार को निकला भव्य शिवडोला
श्रीरामपुर (मिर्जापुर)। पवित्र श्रावण मास के तृतीय सोमवार के अवसर पर श्रीरामपुर में प्रतिवर्ष निकलने वाली शिवडोला यात्रा इस बार भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली गई। भगवान भोलेनाथ के नगर भ्रमण के रूप में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-ताशों की गूंज, भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों के बीच निकला शिवडोला देर रात श्रीराम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी धार्मिक भावना के साथ श्रीरामपुर में हर वर्ष तृतीय सोमवार को शिवडोला निकाला जाता है। मान्यता और परंपरा के अनुसार इस दौरान भोलेनाथ नगर भ्रमण पर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
श्रीराम मंदिर प्रांगण से शाम 7:30 बजे हुआ शुभारंभ
शिवडोला यात्रा का शुभारंभ शाम करीब 7:30 बजे श्रीराम मंदिर प्रांगण से हुआ। भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शिवडोले को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
शिवडोले के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल और ताशों की धुन के साथ जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, पूरे वातावरण में भक्ति का रंग दिखाई देने लगा। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए यात्रा के साथ चलते रहे।
नगर के विभिन्न हिस्सों से गुजरने वाली इस यात्रा को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों ने शिवडोले के दर्शन किए और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्य मार्गों से होकर निकला शिवडोला
शिवडोला श्रीराम मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। यात्रा बस स्टैंड से होते हुए पाटीदार मोहल्ला और हनुमान मंदिर पहुंची। इसके बाद शिवडोला नगर के अन्य मार्गों से होते हुए वापस श्रीराम मंदिर की ओर रवाना हुआ।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने शिवडोले का स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने भगवान शिव के दर्शन किए और पुष्प अर्पित किए। महिलाओं ने घरों के बाहर से पूजा-अर्चना कर भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
नगर भ्रमण के दौरान शिवडोले के साथ चल रहे श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। ढोल-ताशों की आवाज और धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महिलाओं ने घर-घर किया भगवान रामेश्वरम का पूजन
शिवडोला यात्रा के दौरान महिलाओं ने विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान रामेश्वरम का घर-घर पूजन किया। महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान से परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की।
घर-घर भगवान का पूजन करने की परंपरा ने शिवडोला यात्रा को और भी विशेष बना दिया। महिलाओं ने भगवान को पुष्प अर्पित किए और आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान कई घरों में श्रद्धालुओं ने शिवडोले का स्वागत भी किया। धार्मिक वातावरण के बीच परिवारों ने भगवान शिव की आराधना की और श्रावण मास की इस पवित्र परंपरा में सहभागिता निभाई।
नवयुवकों और माता-बहनों ने फूलों से किया स्वागत
शिवडोला यात्रा में श्रीरामपुर के नवयुवकों के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने फूलों से शिवडोले का स्वागत किया और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
युवाओं की सहभागिता से आयोजन में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ढोल-ताशों की धुन पर युवा और अन्य श्रद्धालु भक्ति में नृत्य करते हुए शिवडोले के साथ आगे बढ़ते रहे।
महिलाओं ने भी धार्मिक गीतों और जयकारों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे नगर में ऐसा वातावरण बना रहा, मानो श्रीरामपुर शिवभक्ति में पूरी तरह डूब गया हो।
सभी समाजों के लोगों ने मिलकर बढ़ाई आयोजन की शोभा
शिवडोला यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि नगर के सभी समाजों के लोगों ने इसमें सहभागिता की। सभी ने एकजुट होकर भगवान शिव के नगर भ्रमण में भाग लिया और धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।
शिवडोले के साथ नगर भ्रमण करते हुए लोगों ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए। इस सामूहिक सहभागिता ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया।
आयोजन में किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित रहने के बजाय पूरे नगर की भागीदारी देखने को मिली। इससे शिवडोला यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता का प्रतीक भी बनी।
भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा नगर
शिवडोले के दौरान पूरे नगर में धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। ढोल-ताशों की धुन के साथ श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य कर अपनी खुशी व्यक्त की। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। महिलाएं भी भक्ति भाव से शिवडोले के दर्शन करती रहीं।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शिवडोले ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ दिया। देर रात तक चले इस आयोजन में लोगों की आस्था और उत्साह लगातार बना रहा।
करीब तीन घंटे तक चला नगर भ्रमण
शाम करीब 7:30 बजे श्रीराम मंदिर से शुरू हुआ शिवडोला लगभग तीन घंटे के नगर भ्रमण के बाद रात करीब 10:30 बजे श्रीराम मंदिर पहुंचा।
इस दौरान शिवडोला नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। श्रद्धालुओं ने रास्ते में भगवान शिव के दर्शन किए और पुष्प अर्पित किए। कई स्थानों पर लोगों ने अपने घरों के बाहर शिवडोले का स्वागत किया।
लंबे नगर भ्रमण के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सभी लोग भक्ति और उल्लास के साथ यात्रा में शामिल रहे।
देर रात हुई पूजा और महाआरती
नगर भ्रमण पूर्ण होने के बाद शिवडोला वापस श्रीराम मंदिर प्रांगण पहुंचा। यहां देर रात भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई।
आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान भोलेनाथ की आराधना कर परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना की।
आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। लोगों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन के समापन के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का बना प्रतीक
श्रीरामपुर में निकाला गया शिवडोला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नगर की वर्षों पुरानी परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इसमें सभी समाजों के लोगों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
श्रावण मास के तृतीय सोमवार पर भगवान भोलेनाथ के नगर भ्रमण की परंपरा को लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाया। घर-घर पूजन, पुष्प वर्षा, ढोल-ताशे, नृत्य और जयकारों ने पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।
श्रद्धालुओं ने मांगा सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और नगर की सुख-समृद्धि की कामना की। लोगों ने प्रार्थना की कि भगवान भोलेनाथ सभी के जीवन में भक्ति, शक्ति, समृद्धि और शांति का संचार करें।
श्रावण मास के इस पवित्र अवसर पर आयोजित शिवडोले ने पूरे श्रीरामपुर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। देर रात तक चले आयोजन के बाद प्रसाद वितरण के साथ शिवडोला संपन्न हुआ।
शिवडोले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और सभी समाजों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराएं समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी बनती हैं।
हर-हर महादेव के जयघोष, ढोल-ताशों की गूंज और श्रद्धालुओं की भक्ति के बीच श्रीरामपुर के राजा का नगर भ्रमण श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कौशिक पण्डित संवाददाता
मनावर
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