MP Weather Today: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले तीन दिन बरसेंगे बादल
MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार को रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मानसून की सक्रियता का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल सकता है। रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश से नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।
इन 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने रीवा और बालाघाट के अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। खासकर रीवा, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मंडला और बालाघाट क्षेत्र में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी सहित कई जिलों में भी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
अगले तीन दिन बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। मानसून के दोबारा सक्रिय होने से उन इलाकों में भी बारिश की उम्मीद बढ़ी है, जहां अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है। जिन क्षेत्रों में फसलों को पर्याप्त बारिश नहीं मिली है, वहां आगामी दिनों में होने वाली बारिश से खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि बहुत अधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है।
40 जिलों में अब भी बारिश की कमी
MP में मानसून सक्रिय होने के बावजूद प्रदेश के बड़े हिस्से में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में भी बारिश की कमी बनी हुई है।
इन क्षेत्रों में कई जिलों में सामान्य से 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में मानसून की वर्तमान सक्रियता से उम्मीद जगी है। आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश होती है तो बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की कमी
केवल पूर्वी मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पश्चिमी हिस्से के कई जिले भी सामान्य बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश के करीब 21 जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, बैतूल, रायसेन, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और विदिशा सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश होने की संभावना है।
इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में बारिश होने से तापमान में गिरावट और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
केवल 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
MP में अब तक केवल 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की कमी बनी हुई है। यही वजह है कि आगामी तीन दिनों की बारिश को मौसम और कृषि दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेज बारिश के बीच सतर्क रहने की जरूरत
भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ सड़क यातायात भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा उफनती नदियों-नालों के आसपास जाने से बचें।
फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने बारिश की उम्मीद बढ़ा दी है। अगले तीन दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पूर्वी जिलों में भारी बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। अगर बारिश का यह दौर लगातार बना रहा तो प्रदेश के बारिश के आंकड़े में सुधार होने के साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
