आठनेर नगर परिषद विवाद में स्वतंत्रता दिवस 2026 के सामग्री आदेश में 15 अगस्त 2065 लिखे जाने और बच्चों को कथित एक्सपायरी बिस्किट बांटे जाने को लेकर सवाल उठे हैं। कांग्रेस ने ज्ञापन देकर जांच की मांग की है।
15 अगस्त 2065 का आदेश! आठनेर नगर परिषद विवाद में एक्सपायरी बिस्किट पर गंभीर सवाल, कांग्रेस ने मांगी जांच
आठनेर। आठनेर नगर परिषद विवाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद नगर में चर्चा का विषय बन गया है। नगर परिषद आठनेर द्वारा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए घनश्याम कैटर्स को सामग्री प्रदाय करने हेतु स्वीकृत किए गए कोटेशन और आदेश में तारीख को लेकर कथित त्रुटि सामने आई है। वहीं बच्चों को बांटे गए बिस्किट की एक्सपायरी डेट को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मामले को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी ने तहसीलदार आठनेर और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सूक्ष्म जांच की मांग की है।
Table of Contents
● स्वतंत्रता दिवस के आदेश में तारीख पर उठा सवाल
● 20-20 बिस्किट के स्थान पर पारले-जी को लेकर सवाल
● एक्सपायरी डेट के बिस्किट बांटने का आरोप
● नगर कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन
● CMO ने बताया टाइपिंग मिस्टेक
● पार्षद सारिका ज्ञान देव माथनकर ने उठाए सवाल
● पार्षद शीतल जितेंद्र तेलकर ने की जांच की मांग
● कांग्रेस नगर अध्यक्ष जानी पठान ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
2026 में 80वां स्वतंत्रता दिवस हुआ संपन्न
देशभर के साथ आठनेर में भी 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। नगर परिषद द्वारा आयोजन के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई थी। इसी व्यवस्था के तहत आठनेर के घनश्याम कैटर्स को सामग्री प्रदाय करने के लिए कोटेशन स्वीकृत कर आदेश जारी किया गया था।
अब इसी आदेश में दर्ज वर्ष को लेकर आठनेर नगर परिषद विवाद खड़ा हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आदेश के विषय में 15 अगस्त 2065 लिखा गया है। इसे लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
मामले में कुछ जनप्रतिनिधियों ने तारीख की इस त्रुटि को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया है।
20-20 बिस्किट के कोटेशन पर भी उठे सवाल
मामला केवल तारीख तक सीमित नहीं है। सामग्री संबंधी कोटेशन में 20-20 बिस्किट प्रदाय किए जाने का उल्लेख होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि यदि कोटेशन 20-20 बिस्किट के लिए मंजूर हुआ था तो कार्यक्रम में पारले-जी बिस्किट कैसे आए।
इस सवाल को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने जांच की मांग की है। उनका कहना है कि स्वीकृत कोटेशन, वास्तविक आपूर्ति और वितरण की गई सामग्री का मिलान किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
एक्सपायरी डेट के बिस्किट बांटने का आरोप
आठनेर नगर परिषद विवाद का दूसरा गंभीर पहलू बच्चों को कथित रूप से एक्सपायरी डेट के बिस्किट वितरित किए जाने से जुड़ा है। नगर में इस बात की चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बांटे गए कुछ बिस्किट एक्सपायरी डेट के थे।
कई नगरवासियों ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बच्चों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री दी गई है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
हालांकि, एक्सपायरी बिस्किट से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। इसलिए आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नगर कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी ने तहसीलदार आठनेर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी आठनेर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच करने की मांग की गई है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने सामग्री आदेश में दर्ज तारीख, स्वीकृत कोटेशन, बिस्किट की आपूर्ति और कथित एक्सपायरी डेट सहित पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है।
मामला सामने आने के बाद आठनेर नगर परिषद विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
घनश्याम कैटर्स को दिए गए सामग्री आदेश में तारीख को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी आठनेर श्री वीरेंद्र तिवारी से सवाल किया गया।
उन्होंने कहा—
> **“यह टाइपिंग मिस्टेक है।”**
श्री वीरेंद्र तिवारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी, आठनेर
अधिकारी के अनुसार आदेश में वर्ष गलत दर्ज होना टाइपिंग की त्रुटि है।
पार्षद सारिका ज्ञान देव माथनकर ने उठाए सवाल
वार्ड क्रमांक 9 की पार्षद श्रीमती सारिका ज्ञान देव माथनकर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि कोटेशन के विषय में गलत वर्ष लिखा जाना बड़ी चूक है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गलती को सामान्य रूप से नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि तारीखों की इस तरह की त्रुटि से स्वतंत्रता दिवस के वर्ष को लेकर ही भ्रम पैदा हो रहा है।
श्रीमती सारिका ज्ञान देव माथनकर
पार्षद, वार्ड क्रमांक 9, आठनेर
पार्षद शीतल जितेंद्र तेलकर ने भी की जांच की मांग
वार्ड क्रमांक 13 श्री राम वार्ड की पार्षद श्रीमती शीतल जितेंद्र तेलकर ने भी मामले पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि जब कोटेशन में 20-20 बिस्किट का उल्लेख किया गया था तो पारले-जी बिस्किट कैसे आए, इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कथित एक्सपायरी बिस्किट वितरण को बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संबंधित कैटर्स अथवा कैंटीन संचालक के पास आवश्यक खाद्य एवं बेकरी संबंधी लाइसेंस हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जानी चाहिए।
श्रीमती शीतल जितेंद्र तेलकर
पार्षद, वार्ड क्रमांक 13, श्री राम वार्ड, आठनेर
कांग्रेस नगर अध्यक्ष जानी पठान ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
नगर कांग्रेस कमेटी आठनेर के अध्यक्ष श्री जानी पठान ने बच्चों को कथित एक्सपायरी डेट के बिस्किट दिए जाने के मामले को गंभीर बताया है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही 20-20 बिस्किट की जगह पारले-जी बिस्किट कैसे और क्यों आए, इसकी भी जांच की जानी चाहिए।
श्री जानी पठान
नगर अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, आठनेर
जांच के बाद साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल नगर परिषद की ओर से आदेश में गलत वर्ष दर्ज होने को टाइपिंग मिस्टेक बताया गया है। दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि और कांग्रेस नेता सामग्री की आपूर्ति तथा कथित एक्सपायरी बिस्किट वितरण को लेकर विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।
अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि स्वीकृत कोटेशन के अनुसार कौन-सी सामग्री मंगाई गई थी, वास्तव में कौन-सी सामग्री सप्लाई हुई और बच्चों को वितरित किए गए बिस्किट की एक्सपायरी डेट से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
