डॉ. अखिल बंसल को भारत सेवा रत्न अवार्ड, पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में योगदान के लिए हुआ सम्मान
जयपुर/नई दिल्ली। जैन समाज के वरिष्ठ पत्रकार एवं समन्वय वाणी के संपादक डॉ. अखिल बंसल को 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकारिता एवं मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सेवा रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के एनसीएमडी कन्वेंशन सेंटर, संसद मार्ग में आयोजित सम्मान समारोह में YSS INDIA फाउंडेशन के पदाधिकारियों तथा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे योगदान का सम्मान
डॉ. अखिल बंसल लंबे समय से पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए हैं। समन्वय वाणी के माध्यम से उन्होंने जैन समाज, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक विषयों से संबंधित गतिविधियों को प्रमुखता से सामने रखने का कार्य किया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें अब तक 20 से अधिक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
भारत सेवा रत्न अवार्ड मिलने के बाद पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. बंसल को बधाई दी। शुभचिंतकों ने कहा कि यह सम्मान उनके लंबे समय से किए जा रहे कार्यों और समाज के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका का सम्मान है।
राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ के बने संयोजक
डॉ. बंसल को हाल ही में राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ का संयोजक भी बनाया गया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा जैन समाज की प्रतिष्ठित संस्था टोडरमल स्मारक ने भी उन्हें सम्मानित किया। संस्था द्वारा 9 अगस्त को आयोजित शिक्षण शिविर के दौरान साहित्य प्रकाशन के क्षेत्र में करीब पांच दशकों से उनके योगदान के लिए सार्वजनिक अभिनंदन किया गया।

कई सामाजिक एवं पत्रकारिता संस्थाओं से जुड़े
डॉ. अखिल बंसल ने पत्रकारिता के साथ सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन, अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ और अथाई मीडिया इंटरनेशनल के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन संस्थाओं से जुड़े पदों पर रहते हुए उन्होंने उनके विस्तार और गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। वे सोशल मीडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय दिगंबर जैन विद्वत्परिषद के महामंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
साहित्य और समाज के बीच सेतु का कार्य
डॉ. बंसल की पहचान केवल पत्रकार के रूप में ही नहीं, बल्कि साहित्य और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में भी है। उनके सहयोगियों के अनुसार वे सामाजिक एवं सार्वजनिक विषयों पर सकारात्मक और निर्भीक दृष्टिकोण रखते हैं।
जैन समाज से जुड़े साहित्यकारों, विद्वानों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ उनके लंबे समय से मधुर संबंध रहे हैं। पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों को व्यापक मंच प्रदान करने में योगदान दिया है।
पांच दशक से साहित्य प्रकाशन में सक्रिय
डॉ. बंसल के कार्यक्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पक्ष साहित्य प्रकाशन भी रहा है। करीब 50 वर्षों से साहित्य प्रकाशन से जुड़े रहने के कारण उन्हें जैन साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष पहचान मिली है।
टोडरमल स्मारक द्वारा हाल ही में किया गया सार्वजनिक अभिनंदन भी उनके इसी लंबे साहित्यिक योगदान को रेखांकित करता है। विभिन्न संस्थाओं और संगठनों से जुड़े लोग समय-समय पर उनके कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित करते रहे हैं।

सहयोगियों ने दी बधाई
भारत सेवा रत्न अवार्ड से सम्मानित होने के बाद डॉ. बंसल को मित्रों, सहयोगियों, साहित्यकारों, विद्वानों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने शुभकामनाएं दीं। शताधिक मित्रों एवं सहयोगियों ने उन्हें बधाई संदेश भेजकर सम्मान के लिए प्रसन्नता व्यक्त की।
सहयोगियों ने कहा कि डॉ. बंसल का सक्रिय एवं बहुआयामी व्यक्तित्व पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने उनके निरंतर सक्रिय रहने और समाज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में इसी तरह योगदान देते रहने की कामना की।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला भारत सेवा रत्न अवार्ड डॉ. अखिल बंसल की उपलब्धियों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण सम्मान के रूप में जुड़ गया है। सम्मान समारोह के बाद उन्होंने शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
