जालोर में विप्र फाउंडेशन का भव्य शपथ ग्रहण समारोह, 32 युवाओं ने रक्तदान कर दिया सेवा का संदेश
देवानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में लिया ‘समर्थ समाज-उन्नत राष्ट्र’ का संकल्प, जिला, महिला एवं युवा कार्यकारिणी ने ली शपथ
‘सेवा ही पहचान, संगठन ही शक्ति’ के संदेश के साथ समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का आह्वान
“सेवा ही पहचान, संगठन ही शक्ति” एवं “समर्थ समाज-उन्नत राष्ट्र” के मूल भाव के साथ आयोजित समारोह में समाज के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। वहीं रक्तदान शिविर में 32 युवक-युवतियों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
समारोह को ब्रह्मा विष्णु महेश धाम, देवनागरी कालंद्री के पीठाधीश्वर संत देवानंद सरस्वती महाराज का पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
सेवा ही जीवन का सर्वोच्च धर्म : देवानंद सरस्वती महाराज
संत देवानंद सरस्वती महाराज ने अपने आशीर्वचन में सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और मानवता के कल्याण के लिए कार्य करना ही सच्ची पूजा है।
उन्होंने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का माध्यम बन सकता है। समाज के युवाओं को ऐसे सेवा कार्यों में आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
महाराज ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तब राष्ट्र की उन्नति का मार्ग भी स्वतः प्रशस्त होता है। उन्होंने विप्र फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए नई कार्यकारिणी को समाजहित में निरंतर कार्य करने का आशीर्वाद दिया।
जालोर टीम की सेवा भावना की हुई सराहना
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री नवीन जोशी ने जालोर टीम के अनुशासन, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज के लिए समर्पित होकर किए जा रहे कार्य अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकते हैं।
राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र गौड़ ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठित युवा शक्ति में समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने की क्षमता होती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों, शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कुमार दवे ने संगठन की शक्ति को जरूरतमंदों की सहायता में लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसकी सामूहिक शक्ति समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की मदद के काम आए।
पद नहीं, समाज सेवा का अवसर है जिम्मेदारी
समारोह में एडवोकेट नैन सिंह राजपुरोहित (सांथू) एवं जिलाध्यक्ष नैन सिंह राजपुरोहित ने कहा कि संगठन में मिलने वाला कोई भी पद केवल औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सेवा करने का अवसर है।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार के क्षेत्र में समाज को आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को संगठन की गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
जिला, महिला और युवा कार्यकारिणी ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रांतीय एवं जिला नेतृत्व द्वारा नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
महिला कार्यकारिणी में कविता शर्मा, चेतना ओझा, अर्चना राजपुरोहित, प्रियंका राजपुरोहित, पूजा देव, ललिता भट्ट, प्रीति दवे एवं सुषमा सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की।
युवा कार्यकारिणी में डॉ. पवन ओझा, योगेश, दिलीप भट्ट, वीरेंद्र नाग, अरविंद राजपुरोहित, नरपत सिंह, चंदन नागर, कपिल त्रिवेदी, शैलेश शर्मा, महेंद्र सिंह, परबत सिंह, प्रतीक व्यास, विनय शर्मा, तरुण राजपुरोहित एवं राहुल व्यास सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिला कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
जिला कार्यकारिणी में किशोर सिंह राजपुरोहित, ललित दवे, पोकरमल दाधीच, पवन दाधीच, दिनेश भट्ट, किशोर सिंह सायला, जोगाराम, तुलछाराम, मानाराम, मांगीलाल, अंबाराम, संतोष गेलाना, जब्बार सिंह एवं पुखराज सहित अन्य पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां प्रदान की गईं।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण विशेष नियुक्ति भी की गई। सांचौर के पूर्व विकास अधिकारी तुलछाराम राजपुरोहित को जालोर-सांचौर का जिला महामंत्री नियुक्त किया गया। उपस्थित समाजजनों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
32 युवक-युवतियों ने किया रक्तदान


विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रकल्प के अंतर्गत समारोह के साथ आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शिविर में 32 युवक-युवतियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
रक्तदाताओं ने मानव सेवा का संदेश देते हुए लोगों को भी नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित किया। आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि “एक यूनिट रक्त-किसी की नई जिंदगी” बन सकता है।
रक्तदान शिविर ने समारोह को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे मानव सेवा से भी जोड़ दिया। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी ने सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति उनकी जागरूकता को प्रदर्शित किया।
शिक्षा, सेवा और संस्कार से समाज को जोड़ना सच्ची राष्ट्रभक्ति


कार्यक्रम का संचालन डॉ. घनश्याम कुमार व्यास, जिला महामंत्री एवं सचिव स्काउट गाइड भीनमाल ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज को संगठित और मजबूत करना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता और नई पीढ़ी में संस्कारों के विकास के लिए निरंतर काम करना चाहिए।
आयोजन की सफलता में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में जिलाध्यक्ष नैन सिंह राजपुरोहित, युवा टीम से एडवोकेट पवन दवे एवं कपिल, जबकि महिला विंग से इंदु दवे एवं पिंकी राजपुरोहित की प्रमुख भूमिका रही।
इस अवसर पर बसंत ओझा (ACBO), दिनेश दवे, रमेश शर्मा, दिलीप राजपुरोहित, गौरव भट्ट, मानवेंद्र सिंह, प्रवीण, नितिन व्यास, कन्हैयालाल, सुरेंद्र नाग, सुरेंद्र दवे एवं रणजीत रावल सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सेवा और संगठन के संकल्प के साथ समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष नैन सिंह राजपुरोहित ने संत देवानंद सरस्वती महाराज, राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों, संगठन के कार्यकर्ताओं, महिला एवं युवा सदस्यों, रक्तदाताओं, अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शपथ ग्रहण समारोह और रक्तदान शिविर के संयुक्त आयोजन ने समाज में संगठन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावशाली संदेश दिया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ‘समर्थ समाज-उन्नत राष्ट्र’ की भावना के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और मानव सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वहीं 32 युवाओं द्वारा किए गए रक्तदान ने आयोजन को सेवा और मानवता के संदेश से जोड़ते हुए विशेष बना दिया।
