मनावर में महा वाल्मीकि पंचायत ने किया छड़ी निशान तीर, नाग पंचमी पर्व की तैयारियों का शुभारंभ
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पूजा-अर्चना, समाजजनों ने शहर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन किया गया और परंपरागत रूप से छड़ी निशान तीर की रस्म संपन्न की गई। इस दौरान उपस्थित समाजजनों ने श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और समाज के साथ-साथ मनावर नगर के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा बना रहने की कामना की।
नाग पंचमी से पूर्व निभाई जाती है परंपरा
महा वाल्मीकि पंचायत के समाजजनों के अनुसार छड़ी निशान तीर की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे नाग पंचमी पर्व से पूर्व निभाया जाता है। समाज में इसका विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। इस आयोजन के बाद समाजजन नाग पंचमी तथा आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट जाते हैं।
इस वर्ष भी परंपरा का निर्वहन पूरे श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ किया गया। आयोजन को लेकर समाज के युवाओं और वरिष्ठजनों में उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक विधि संपन्न होने के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने नई पीढ़ी को इस परंपरा के महत्व से भी अवगत कराया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए छड़ी निशान तीर किया गया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा। समाजजनों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना करते हुए क्षेत्र में खुशहाली, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
महा वाल्मीकि पंचायत के चौधरी अनिल तोमर, भगत दिनेश तोमर तथा गोगा उत्सव समिति के अध्यक्ष राजेश तोमर की विशेष उपस्थिति में धार्मिक परंपरा संपन्न हुई। पदाधिकारियों के साथ समाज के वरिष्ठ, युवा एवं अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश
आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। समाजजनों का कहना है कि इस प्रकार की परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करती हैं। आधुनिकता के दौर में भी समाज द्वारा वर्षों पुरानी परंपराओं को उसी श्रद्धा के साथ निभाया जाना सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे और एकजुटता के साथ आगामी आयोजनों को सफल बनाने का संकल्प लिया। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं से भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने और समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
नाग पंचमी और आगामी आयोजनों को लेकर तैयारियां तेज
छड़ी निशान तीर की परंपरा पूरी होने के साथ ही समाज में नाग पंचमी पर्व तथा आगामी धार्मिक गतिविधियों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। समाज के विभिन्न सदस्यों को व्यवस्थाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं। आगामी आयोजनों को श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न कराने के लिए समाजजन आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।
महा वाल्मीकि पंचायत और गोगा उत्सव समिति से जुड़े समाजजनों ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए समाज के लोगों को एक मंच पर आने और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी मिलता है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष परंपरागत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
छड़ी निशान तीर कार्यक्रम में ओमप्रकाश घारू, कुंदन पतरोड, अनिल रेवाल, अजय घारू, चंदन आदिवाल, चंदन घारू, धर्मेंद्र गोसर, धर्मेंद्र खरे, सागर रेवाल, गोविंद रेवाल, दीपक घारू, अमन पतरोड, बंटी ऊंटवाल, गोपू घारू, तरुण घारू, छोटू घारू, यश तोमर, नीलेश तोमर, हर्ष रेवाल, कुणाल तोमर और नितिन तोमर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए समाज की खुशहाली और मनावर नगर की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के समापन पर समाजजनों ने आगामी धार्मिक आयोजनों को भी सामूहिक सहभागिता के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। छड़ी निशान तीर की परंपरा के साथ मनावर के वाल्मीकि समाज में नाग पंचमी पर्व को लेकर धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया है।
