—Advertisement—

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा संवाद में युवाओं से आत्मीय चर्चा कर उनके विचार, सुझाव और भविष्य की उम्मीदें जानीं

Author Picture
Published On: 17 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा संवाद में युवाओं से आत्मीय चर्चा कर उनके विचार, सुझाव और भविष्य की उम्मीदें जानीं

—Advertisement—

*युवा संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से किया आत्मीय संवाद*

*युवाओं को रोजगार पाने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने का संकल्प, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार पर रहेगा विशेष जोर*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए उनके सवालों के सहजता और बेबाकी से जवाब दिए। कार्यक्रम में युवाओं ने शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विभित्र सवाल मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं से संवाद उन्हें हमेशा नई ऊर्जा देता है। युवाओं के सकारात्मक विचारों और नवाचार को सरकार की योजनाओं में स्थान देकर उन्हें धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की युवा शक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और परिश्रम को सही दिशा और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनाना है, ताकि युवा स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

*चिकित्सा के क्षेत्र में जाने के बजाय राष्ट्रसेवा को चुना*

युवा संवाद में छात्र सुजल शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूछा कि उनका चयन चिकित्सा के क्षेत्र में हो गया था, फिर उन्होंने चिकित्सा में करियर बनाने के बजाय राजनीति और सार्वजनिक जीवन को क्यों चुना? इस पर मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पढ़-लिखकर अपना करियर बनाना प्रत्येक व्यक्ति का सपना हो सकता है, लेकिन भारत में राष्ट्रसेवा के लिए जीवन समर्पित करने की गौरवशाली परंपरा भी रही है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनेक प्रचारकों का उदाहरण देते हुए कहा कि अनेक शिक्षित लोगों ने व्यक्तिगत करियर और सुविधाओं से ऊपर राष्ट्रकार्य को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का ठालेख करते हुए कहा कि उन्होंने चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त की थी, लेकिन डॉक्टर के रूप में अपना व्यवसायिक जीवन आगे बढ़ाने के बजाय राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। इस प्रेरक परंपरा का प्रभाव उनके जीवन पर भी पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके सामने भी चिकित्सा के क्षेत्र में जाने का विकल्प था, लेकिन मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने विज्ञान विषय से बीएससी करने का निर्णय लिया, ताकि पढ़ाई के साथ सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में भी योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें अपने उस निर्णय पर पूर्ण संतोष है।

*2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प*

छात्र अमन राय ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। प्रदेश के युवाओं से सरकार की क्या अपेक्षाएं हैं और युवा वर्ष के दौरान सरकार की क्या कार्ययोजना रहेगी? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के इतिहास में युवाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। भगवान श्रीराम ने युवावस्था में महर्षि विश्वामित्र के साथ जाकर ऋषि-मुनियों की रक्षा की। भगवान श्रीकृष्ण ने भी युवावस्था में कंस के अत्याचार का अंत किया। इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे असंख्य युवाओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित है। कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। देश और प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा तथा परिश्रम के बल पर भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने की क्षमता है। सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा केवल नौकरी प्राप्त करने वाला न बने, बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2027 में प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग मिलकर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को और गति देंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश के युवा अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हुए मध्यप्रदेश और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

*स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली पर भी दिया संदेश*

युवा संवाद में छात्र आदित्य प्रभाकर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अत्यंत व्यस्त दिनचर्या और लगातार कार्यक्रमों के बावजूद वे अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान कैसे रखते हैं तथा युवाओं को स्वस्थ और नियमित जीवनशैली के लिए क्या संदेश देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि व्यक्ति समय का अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी दिनचर्या निर्धारित कर ले तो व्यस्तता के बावजूद सभी कार्य आसानी से पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थी पूरे वर्ष नियमित रूप से पढ़ाई करता है तो परीक्षा के समय उसे अनावश्यक तनाव का सामना नहीं करना पड़ता, उसी प्रकार जीवन में भी नियमितता आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को समय का सदुपयोग करने, नियमित दिनचर्या अपनाने और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली व्यक्ति को लंबे समय तक बेहतर कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करती है

*युवाओं में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध हों। युवा शिक्षा और कौशल प्राप्त करने के बाद नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि स्वरोजगार, स्टार्टअप, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि एक युवा जब स्वयं उद्यमी बनता है तो वह केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं करता, बल्कि कई अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार का माध्यम बनता है। इसी सोच के साथ सरकार युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसी संदर्भ में जिला चीफ ब्यूरो अमित कुमार गोस्वामी ने कहा कि युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा युवाओं के भविष्य को लेकर व्यक्त किए गए विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में समर्पित करने का संकल्प प्रदेश की युवा शक्ति को नई दिशा देने वाला कदम है। युवाओं को रोजगार के अवसरों के साथ उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाना आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

*संत अवधूत श्री दादागुरु ने युवाओं को दिया प्रेरक संदेश*

कार्यक्रम में पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुरु हमेशा विचार और दृष्टि प्रदान करते हैं और एक सकारात्मक विचार ही जीवन तथा समाज के लिए नई दिशा का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा और अपेक्षा की दृष्टि से देख रही है। भारतीय संस्कृति ने विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘जियो और जीने दो’ की भावना दी है। हमारी संस्कृति केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी पद्धति है, जो मानवता और प्रकृति दोनों के प्रति जिम्मेदारी का भाव सिखाती है। संत दादागुरु ने युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच प्राकृतिक बुद्धिमत्ता और प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज केवल उदाहरण देने का समय नहीं है, बल्कि स्वयं उदाहरण बनने का समय है। विकास के साथ पर्यावरण और प्रकृति का संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने मिट्टी, वृक्ष और प्रकृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

*कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता*

युवा संवाद कार्यक्रम में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डहेरिया, मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीन शर्मा, नर्मदा मिशन से जुड़ी सुश्री प्रिया भावे चितावर, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ऑनर श्रीमती मंजुला तिवारी, कुलगुरु श्री एस. यादव, युवा प्रतिनिधि सुश्री योगिता राय, सीईडी के श्री पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी प्रदेश के विकास को लेकर गंभीर है और शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, तकनीक, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

*युवा संवाद ने जगाई नई उम्मीद*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह संवाद
केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं के करियर, राष्ट्रसेवा, स्वास्थ्य, अनुशासन, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा का माध्यम बना। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखने, लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का आह्यन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की युवा शक्ति में प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की अपार क्षमता है। वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में समर्पित करने का संकल्प प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं और नए अवसरों का संदेश लेकर आया है। शिक्षा से कौशल विकास, रोजगार से स्वरोजगार और उद्यमिता से नवाचार तक युवाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। युवा संवाद से यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि मध्यप्रदेश के विकास की नई कहानी में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

संदीप सिंह
जिला संवाददाता
भोपाल मध्य प्रदेश

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp