भीनमाल में रामदेवरा पदयात्रियों के लिए सेवा शिविर शुरू
संघवी रि-रोलिंग प्रांगण में ध्वजारोहण एवं बाबा रामदेव की महाआरती के साथ हुआ शुभारंभ, महीनेभर पदयात्रियों को मिलेंगी निःशुल्क सुविधाएं
Bhinmal (मुकेश सोलंकी)। लोक देवता बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा की ओर पैदल यात्रा करने वाले पदयात्रियों की सेवा के लिए भीनमाल में इस वर्ष भी सेवा शिविर की शुरुआत हो गई है। रानीवाड़ा रोड स्थित जी.एस.एस. के सामने संघवी रि-रोलिंग के प्रांगण में आयोजित रामदेव पैदल यात्रा सेवा शिविर का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण एवं बाबा रामदेव की महाआरती से हुआ।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, शहरवासी और गणमान्य लोग पहुंचे। बाबा रामदेव के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही रामदेवरा की ओर पैदल यात्रा कर रहे जातरुओं की सेवा का संकल्प दोहराया गया।
महीनेभर पदयात्रियों को मिलेगी निःशुल्क सेवा
रामदेव पैदल यात्रा सेवा समिति की ओर से प्रतिवर्ष पदयात्रियों की सुविधा के लिए यह सेवा शिविर लगाया जाता है। इस वर्ष भी शिविर में रामदेवरा जाने वाले जातरुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। लंबी और कठिन पैदल यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समिति और स्थानीय नागरिकों की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
शिविर में पदयात्रियों के लिए शुद्ध एवं पौष्टिक अल्पाहार, चाय और गरम भोजन की व्यवस्था रहेगी। दिनभर पैदल चलकर थकने वाले जातरुओं के लिए स्वच्छ स्नानघर तथा आराम करने के लिए विश्राम स्थल भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा पैदल यात्रा के दौरान पैरों में पड़ने वाले छालों, पैरों के दर्द और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।
सेवा शिविर का उद्देश्य केवल यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान आराम, स्वास्थ्य सुविधा और आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। समिति द्वारा यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।

सेवा भाव से जुटे क्षेत्रवासी
शिविर के संचालन में भीनमाल और आसपास के क्षेत्र के नागरिक तन, मन और धन से अपना योगदान दे रहे हैं। सेवा समिति से जुड़े सदस्य आपसी समन्वय और सहयोग के साथ शिविर की व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं। कोई भोजन व्यवस्था में सहयोग कर रहा है तो कोई सफाई, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा और यात्रियों की अन्य जरूरतों की देखरेख में जुटा है।
सेवा कार्य में जुटे लोगों का कहना है कि रामदेवरा जाने वाले जातरुओं की सेवा करना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी है। पैदल यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालु लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में रास्ते में उन्हें भोजन, पानी, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलना उनके लिए बड़ी राहत होती है।
बाबा रामदेव की महाआरती से हुआ शुभारंभ
सेवा शिविर के उद्घाटन अवसर पर बाबा रामदेव की महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और सभी ने श्रद्धाभाव से बाबा रामदेव की आराधना की। आरती के बाद परिसर बाबा रामदेव के जयकारों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के साथ सेवा शिविर की औपचारिक शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं और समिति सदस्यों ने इस अवसर पर सेवा कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने का संकल्प लिया। शिविर में आने वाले प्रत्येक पदयात्री को सम्मान और आत्मीयता के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सेवा और श्रद्धा का संगम
रामदेवरा की पदयात्रा राजस्थान की धार्मिक और सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पैदल रामदेवरा की यात्रा करते हैं। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविरों के माध्यम से समाज के लोग जातरुओं की मदद करते हैं।
भीनमाल में शुरू हुआ यह शिविर भी इसी सेवा परंपरा का हिस्सा है। यहां से गुजरने वाले पदयात्रियों को भोजन, विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर समिति सेवा भावना का परिचय दे रही है। महीनेभर चलने वाले इस शिविर से बड़ी संख्या में रामदेवरा जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
शिविर के आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिल रही है। सेवा कार्य में लगे लोगों का उत्साह इस बात को दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
उद्घाटन कार्यक्रम में रमेश चंदन, शंकरलाल पुरोहित, नारायण जागिंड, गोपाल शर्मा, हीरालाल बोहरा, जयंतीलाल पुरोहित, डॉ. रमेश देवासी, जेरूपाराम माली, फरसराम कंसारा, सालुराम देवासी, सुनील मेहता, उत्तम संघवी, शंकर सोलंकी, पुखराज घांची, सुरेश अग्रवाल, गोपाराम, रमेश बाकलिया, किशनलाल विश्नोई, वेलाराम माली, मोहब्बताराम पुरोहित, मोहनलाल घांची, रामचंद सोनी, पांचाराम सुथार, जामताराम सुथार, प्रदीप बोहरा, परबतसिंह राव, ललित शर्मा, चम्पालाल शर्मा, किरण शर्मा, दिनेश भाटी, पुखराज सोलंकी, सालुराम देवासी, भूपसिंह राव, वालाराम घांची, पारस माली, शंकरलाल सोलंकी, रामसा मिस्त्री, नरेंद्र सिंह, भंवरलाल घांची, बाबुलाल घांची, प्रकाश शर्मा, चिंटू शर्मा, मुकेश शर्मा, आनंद शर्मा, रणमल शर्मा और जगदीश प्रसाद शर्मा सहित बड़ी संख्या में बाबा रामदेव के श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शिविर के शुभारंभ के बाद सेवा कार्य लगातार जारी रहेगा। समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों ने पदयात्रियों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की बात कही है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, स्नान और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने से लंबी पैदल यात्रा कर रहे जातरुओं को काफी राहत मिलेगी।
रामदेवरा की ओर बढ़ते पदयात्रियों के लिए भीनमाल का यह सेवा शिविर आस्था और सेवा का केंद्र बनकर सामने आया है। बाबा रामदेव के जयकारों के बीच शुरू हुआ यह पुनीत सेवा कार्य आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए सहायता और आत्मीयता का माध्यम बनेगा।

