भक्ति में डूबा देवरी नगर, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
लोकेशन सागर
रिपोर्टर भैया लाल काछी
संकट मोचन परिवार के तत्वावधान में निकली भगवान भोलेनाथ की भव्य पालकी एवं कावड़ यात्रा
सागर/देवरी। सावन माह के पावन अवसर पर देवरी नगर में गुरुवार को भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। संकट मोचन परिवार के तत्वावधान में भगवान भोलेनाथ की भव्य पालकी एवं कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, युवा, बच्चे और शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा देवरी नगर शिवमय हो गया।
संकट मोचन हनुमान मंदिर से हुआ शुभारंभ
भगवान भोलेनाथ की पालकी एवं कावड़ यात्रा का शुभारंभ नगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर से विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। भगवान भोलेनाथ की आकर्षक साज-सज्जा से सुसज्जित पालकी को श्रद्धालुओं ने अपने कंधों पर उठाया।
यात्रा में बड़ी संख्या में कावड़िए भी शामिल हुए। यात्रा प्रारंभ होते ही श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाना शुरू कर दिए। जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया और नगर की गलियों में शिवभक्ति की गूंज सुनाई देती रही।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
पालकी एवं कावड़ यात्रा संकट मोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर देवरी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और नागरिकों ने स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने भगवान भोलेनाथ की पालकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और पुष्प अर्पित किए।
श्रद्धालुओं ने पालकी के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। यात्रा के स्वागत के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
शिवभक्ति में सराबोर नजर आए श्रद्धालु
यात्रा में शामिल शिवभक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए आगे बढ़ रहे थे। कावड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के साथ माताएं-बहनें भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं।
भक्ति गीतों, ढोल और शिव जयकारों से नगर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक सभी वर्ग के लोगों ने यात्रा में हिस्सा लिया। महिलाओं और युवतियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सावन में दिखी आस्था की झलक
सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ आयोजित इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही उत्साह नजर आया। संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में सुबह से ही शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
पूजा-अर्चना के बाद यात्रा विधिवत प्रारंभ हुई। जैसे-जैसे यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी, इसमें श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। लोगों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की।
कावड़ियों ने बढ़ाई यात्रा की शोभा
यात्रा में शामिल कावड़िए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। सावन के दौरान कावड़ यात्रा की धार्मिक परंपरा के प्रति श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
यात्रा में शामिल लोगों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ भाग लिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर हुआ समापन
भगवान भोलेनाथ की पालकी एवं कावड़ यात्रा देवरी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। इसके साथ ही पालकी एवं कावड़ यात्रा का विधिवत समापन किया गया।
पूरे नगर में बना उत्सव जैसा माहौल
संकट मोचन परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने देवरी नगर में श्रद्धा, आस्था और भाईचारे का संदेश दिया। यात्रा के दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया। भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा नगर देर तक गुंजायमान रहा और श्रद्धालु शिवभक्ति में सराबोर नजर आए।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। सावन के पावन अवसर पर निकली इस भव्य पालकी एवं कावड़ यात्रा ने देवरी में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना दिया।
