थाना आठनेर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, अधिकारियों और नागरिकों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ
आठनेर। समाज को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से मुक्त कराने और आम लोगों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से थाना आठनेर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आश्रम आठनेर की अर्चना दीदी ने उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों और गणमान्य नागरिकों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की शपथ भी ली।
नशे के खिलाफ जागरूकता का दिया संदेश
कार्यक्रम में अर्चना दीदी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव उसके पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उसके मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। कई बार नशे के कारण परिवार में तनाव और आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि नशे से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। परिवार, समाज और प्रशासन यदि मिलकर प्रयास करें तो युवाओं और आम नागरिकों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है।

नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील
अर्चना दीदी ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में बताएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, रोजगार, खेल तथा सामाजिक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच व्यक्ति के बेहतर भविष्य की नींव है। नशे की आदत व्यक्ति की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए समय रहते इससे दूरी बनाना जरूरी है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
थाना आठनेर में आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार आठनेर, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, मंडल अध्यक्ष एवं सदस्य, थाना स्टाफ तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस और प्रशासन के साथ आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को नशे की समस्या है तो उसे अपराधी की तरह देखने के बजाय उसे सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाना चाहिए।
सभी ने ली नशामुक्त समाज की शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस कर्मचारियों और नागरिकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
शपथ के माध्यम से लोगों ने नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया।
परिवार पर भी पड़ता है नशे का असर
कार्यक्रम में बताया गया कि नशे की समस्या का असर केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इसके कारण परिवार के सदस्यों को भी मानसिक तनाव, आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में नशे की रोकथाम के लिए परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता, परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण नशे की प्रवृत्ति को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक नशे के नुकसान की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
युवाओं को नशे से दूर रखना प्राथमिकता
नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं को जागरूक करना सबसे महत्वपूर्ण माना गया। युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें शिक्षा, खेल, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि युवा स्वस्थ रहेंगे तो परिवार और समाज भी मजबूत होगा। इसलिए युवाओं को नशे के प्रति आकर्षित होने से रोकने के लिए घर, स्कूल, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन को मिलकर लगातार प्रयास करने की जरूरत है।
सामूहिक प्रयास से बनेगा नशामुक्त समाज
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कहा कि नशामुक्त समाज केवल किसी एक संस्था या विभाग के प्रयास से नहीं बन सकता। इसके लिए पुलिस, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
थाना आठनेर में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम ने लोगों को नशे के दुष्परिणामों से सचेत करने के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया।
