आठनेर में भव्य तिरंगा यात्रा से गूंजा नगर, मानव श्रृंखला से बनाई भारत की आकृति
संवाददाता :आशीष ठाकरे
आठनेर, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत आठनेर नगर परिषद द्वारा गुरुवार को भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा में देशभक्ति के नारों से पूरा नगर गूंज उठा। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यापारियों, समाजसेवियों, पत्रकारों, अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरवासियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करना रहा। तिरंगा यात्रा के साथ आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आठनेर में उत्सव और देशभक्ति का माहौल बना दिया।
भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शुरुआत
नगर परिषद द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। नगर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण देशभक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा मनोज जगताप, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोशनी इवने, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री गोवर्धन राने, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री विनय जीतपुरे तथा विधायक प्रतिनिधि श्री मनोज जगताप सहित नगर परिषद के पार्षद और एल्डरमैन मौजूद रहे।
विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़ाया उत्साह
तिरंगा यात्रा में नगर के समाजसेवी, व्यापारी संघ के सदस्य, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, शासकीय एवं अर्धशासकीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी यात्रा का हिस्सा बने।
यात्रा के दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा का स्वागत किया। लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

शहीद स्मारक पर वीरों को श्रद्धांजलि
तिरंगा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंची। यहां शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ लोगों में राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया। यात्रा में शामिल बच्चों के लिए नगर परिषद की ओर से बिस्कुट पैकेट वितरित किए गए। साथ ही पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई।
मानव श्रृंखला से बनाई भारत की भव्य आकृति
तिरंगा यात्रा के बाद पुलिस ग्राउंड में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों ने मानव श्रृंखला बनाकर भारत की भव्य आकृति तैयार की। मानव श्रृंखला के माध्यम से देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।
भारत की आकृति में शामिल लोगों का दृश्य बेहद आकर्षक रहा और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसकी सराहना की। आयोजन के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय एकता और देश की विविधता में एकता की भावना का संदेश दिया गया।
आदिवासी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान छात्रावास के बच्चों द्वारा आदिवासी संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। पारंपरिक शैली में प्रस्तुत किए गए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा।
तिरंगा यात्रा के साथ देशभक्ति और आदिवासी संस्कृति के रंग ने आयोजन को और खास बना दिया। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत करने पर जोर
नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा मनोज जगताप ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, एल्डरमैन, अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, समाजसेवियों, व्यापारी संघ के सदस्यों, पत्रकारों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने के साथ उन्हें देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति के रंग में रंगा आठनेर
आठनेर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, देशभक्ति के नारों, नगरवासियों द्वारा पुष्पवर्षा, आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुति और मानव श्रृंखला से बनाई गई भारत की आकृति ने स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे नगर को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण से भर दिया।
आयोजन ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों को याद करने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेने का अवसर भी है।

