सूरज प्रताप सिंह और ‘दिव्य प्रेम’ के नन्हें सितारों की खास बॉन्डिंग, बोले- ऐसा लगता ही नहीं उम्र में कोई अंतर है
मुंबई/मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश। टेलीविजन की दुनिया में कलाकारों के बीच कैमरे के सामने दिखाई देने वाली केमिस्ट्री अक्सर दर्शकों का ध्यान खींचती है, लेकिन कई बार सेट के पीछे बनने वाली दोस्ती उससे भी ज्यादा खास होती है। सन नियो के शो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में प्रेम का किरदार निभा रहे अभिनेता सूरज प्रताप सिंह की शो के नन्हें कलाकारों के साथ ऐसी ही खास बॉन्डिंग देखने को मिल रही है।
इन दिनों शो में सूरज का ट्रैक बच्चों के साथ ज्यादा जुड़ा हुआ है। इसी वजह से वह सेट पर नन्हें कलाकारों के साथ काफी समय बिता रहे हैं। लंबे समय तक साथ शूटिंग करने के दौरान उनके बीच सिर्फ कलाकार और सह-कलाकार का रिश्ता नहीं रहा, बल्कि अब वे एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन चुके हैं। सेट पर हंसी-मजाक, मस्ती और एक-दूसरे को मजेदार नामों से बुलाने का सिलसिला उनकी दोस्ती को और खास बना रहा है।
बच्चों के साथ बढ़ी सूरज की दोस्ती
सूरज प्रताप सिंह के मुताबिक, शो के बच्चों के साथ समय बिताते-बिताते उनकी अच्छी दोस्ती हो गई है। उनका कहना है कि अब बच्चे उनके लिए सिर्फ शो के साथी कलाकार नहीं हैं, बल्कि सेट पर उनके दोस्त और परिवार जैसे बन गए हैं।
बच्चों के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में बात करते हुए सूरज ने बताया कि उनके पास हर बच्चे से जुड़ी कोई न कोई प्यारी याद है। शूटिंग के व्यस्त माहौल में बच्चों की मासूमियत और उनकी छोटी-छोटी बातें सेट के माहौल को खुशनुमा बना देती हैं।
अभिनेता के मुताबिक, बच्चों के साथ बिताया गया समय उन्हें शूटिंग के तनाव से भी दूर रखता है। जब सभी बच्चे आसपास होते हैं तो सेट पर हंसी-मजाक चलता रहता है और काम के बीच एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
शुद्धि का खास अंदाज, रोज लेकर आती हैं कुछ न कुछ
सूरज ने शो की बाल कलाकार शुद्धि के साथ अपनी खास बॉन्डिंग का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि शुद्धि को पता है कि वह घर से दूर रहते हैं और उनकी मां इस समय उनके साथ नहीं हैं। इसी वजह से वह अपने तरीके से उनका ख्याल रखने की कोशिश करती है।
सूरज के अनुसार, शुद्धि अपनी मां से उनके लिए रोज कुछ न कुछ खाने को लाने के लिए कहती है। कभी वह उनके लिए पराठे लेकर आती है तो कभी कोई दूसरी खाने की चीज। सूरज को शुद्धि की यह मासूम कोशिश बेहद प्यारी लगती है।
उन्होंने बताया कि कई बार निर्माण की मां भी उनके लिए कुछ खाने को लेकर आती हैं। ऐसे छोटे-छोटे gestures उनके लिए खास मायने रखते हैं, क्योंकि शूटिंग के दौरान घर और परिवार से दूर रहने पर सेट पर मिलने वाला यह अपनापन उन्हें भावनात्मक रूप से करीब महसूस कराता है।
सप्पू के साथ दोस्ती में उम्र का अंतर भी नहीं लगता
सूरज ने सप्पू के साथ अपनी दोस्ती को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि सप्पू के साथ बातचीत करते समय उन्हें ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं होता कि दोनों की उम्र में अंतर है।
सूरज के मुताबिक, दोनों दोस्तों की तरह बातचीत करते हैं और साथ में समय बिताते हैं। उनकी बातचीत और मस्ती में उम्र की कोई दीवार महसूस नहीं होती। यही वजह है कि सप्पू के साथ उनकी बॉन्डिंग सेट पर काफी सहज और मजेदार बनी हुई है।
अभिनेता ने बताया कि बच्चों के साथ उनकी दोस्ती इतनी सहज हो गई है कि वे शूटिंग के अलावा भी उनके साथ हंसी-मजाक करते रहते हैं।
तारा और जीनू के साथ भी खास रिश्ता
सूरज ने शो के अन्य नन्हें कलाकारों के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में भी बात की। उन्होंने तारा को लेकर कहा कि वह उनके लिए बेहद खास है और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती है।
वहीं जीनू के साथ अपने रिश्ते का एक प्यारा किस्सा बताते हुए सूरज ने कहा कि जब वह सुबह सेट पर पहुंचते हैं और जीनू उन्हें देखता है तो वह उनके पास आकर उनकी गोद में बैठ जाता है। कई बार सप्पू भी उनके साथ आ जाता है।
सूरज के लिए बच्चों का इस तरह उनके करीब आना उनके रिश्ते की सहजता और अपनापन दिखाता है। शूटिंग के दौरान बच्चों के साथ बिताए ऐसे पल उनके लिए यादगार बन रहे हैं।
सेट पर मजेदार नामों से बुलाते हैं एक-दूसरे को
सिर्फ शूटिंग ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी बच्चों और सूरज के बीच खूब मस्ती होती है। अभिनेता ने बताया कि वे सभी एक-दूसरे को अलग-अलग और मजेदार नामों से बुलाते हैं।
जब पूरा ग्रुप साथ होता है तो इन नामों को लेकर खूब हंसी-मजाक होता है। सूरज का कहना है कि बच्चों के साथ रहने की वजह से सेट पर कभी बोरियत महसूस नहीं होती।
उनके अनुसार, शूटिंग का माहौल कई बार काफी व्यस्त और थकाऊ हो सकता है, लेकिन बच्चों की मौजूदगी उस माहौल को हल्का और खुशनुमा बना देती है।
स्क्रीन पर रिश्ते के साथ ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग भी खास
‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में कलाकारों के किरदार कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन सूरज और बच्चों की ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग ने उनके काम करने के अनुभव को और खास बना दिया है।
एक साथ लगातार शूटिंग करने से कलाकारों के बीच बेहतर तालमेल बनता है और इसका असर स्क्रीन पर भी दिखाई दे सकता है। बच्चों के साथ सूरज की सहजता उनके सीन्स को स्वाभाविक बनाने में मदद करती है।
सूरज के लिए यह रिश्ता सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं है। बच्चों की छोटी-छोटी बातों, उनके अपनापन और साथ बिताए पलों ने सेट को उनके लिए एक ऐसी जगह बना दिया है जहां काम के साथ दोस्ती और परिवार जैसा माहौल भी महसूस होता है।
‘दिव्य प्रेम’ के सेट पर बना खूबसूरत रिश्ता
टेलीविजन शो की दुनिया में कलाकार लंबे समय तक एक साथ काम करते हैं। ऐसे में सेट पर बनने वाले रिश्ते कई बार कहानी से आगे निकल जाते हैं। सूरज प्रताप सिंह और शो के नन्हें सितारों के बीच बनी दोस्ती इसका एक खूबसूरत उदाहरण है।
शुद्धि का उनके लिए खाना लेकर आना, सप्पू के साथ दोस्तों जैसी बातचीत, तारा के साथ खास रिश्ता और जीनू का उन्हें देखते ही गोद में आकर बैठ जाना—ये छोटे-छोटे पल सूरज के लिए शूटिंग की यादों का हिस्सा बन चुके हैं।
सूरज की बातों से साफ है कि ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ का सेट उनके लिए सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि बच्चों के साथ हंसी-मजाक और अपनापन बांटने वाली एक खास जगह बन गया है। आने वाले एपिसोड में दर्शकों को पर्दे पर भी इन कलाकारों के बीच की यह प्यारी बॉन्डिंग देखने को मिल सकती है।
