धार में ओवरटेक के दौरान बड़ा हादसा: निजी बस ने स्कूल बस को मारी टक्कर, बच्चों समेत कई घायल
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में गुरुवार सुबह इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। ग्राम पीपलखेड़ा के पास ओवरटेक करने के दौरान एक निजी बस ने स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में स्कूल बस में सवार बच्चों समेत दोनों बसों में बैठे दर्जनभर से अधिक लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली।
पीपलखेड़ा के पास सुबह करीब 9 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9 बजे इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम पीपलखेड़ा के नजदीक हुआ। इस दौरान सड़क पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। इसी बीच एक स्कूल बस और ट्रक आगे की ओर जा रहे थे, जबकि पीछे से एक निजी यात्री बस आ रही थी।
बताया जा रहा है कि निजी बस के चालक ने आगे चल रही स्कूल बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान सड़क पर पर्याप्त जगह नहीं बची और निजी बस का संतुलन बिगड़ गया। बस ने स्कूल बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद दोनों बसों में मची अफरा-तफरी
टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूल बस में बैठे बच्चों और अन्य यात्रियों में घबराहट फैल गई। दोनों वाहनों में सवार कई लोगों को चोटें आईं। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए।
स्थानीय लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को वाहनों से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
बच्चों समेत दर्जनभर से अधिक लोग घायल
हादसे में स्कूल बस में सवार कुछ बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा निजी बस में सवार यात्रियों को भी चोटें आई हैं। कुल मिलाकर दोनों बसों में सवार दर्जनभर से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घायलों में कुछ लोगों को गंभीर चोटें आने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से सभी घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर खड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए व्यवस्था संभाली। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू की गई।
पुलिस हादसे से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार लोगों से जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक तौर पर ओवरटेक के दौरान पर्याप्त जगह नहीं मिलने को हादसे की वजह बताया जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर और एसपी
हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हुए। कलेक्टर राजीव मीणा और पुलिस अधीक्षक जिला अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हाल जाना।
अधिकारियों ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार और उनकी स्थिति की जानकारी ली। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों से भी हादसे के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को घायलों के इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच कराने की बात भी कही गई है।
ओवरटेक के दौरान सावधानी नहीं बरतना बना हादसे का कारण
राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करना अक्सर गंभीर सड़क हादसों का कारण बनता है। पीपलखेड़ा के पास हुई इस दुर्घटना में भी शुरुआती जानकारी के मुताबिक ओवरटेक के दौरान पर्याप्त दूरी और जगह नहीं रहने के कारण दोनों बसें टकरा गईं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहनों और यात्री बसों को ओवरटेक करते समय चालक को सामने से आने वाले वाहनों, सड़क की चौड़ाई और आसपास के यातायात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
स्कूल बसों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
हादसे में स्कूली बच्चों के घायल होने के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल बसों की जांच की जाती है। ऐसे हादसे के बाद संबंधित विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस, चालक के लाइसेंस, गति सीमा और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच किए जाने की संभावना है।
हादसे की जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ दोनों वाहनों के दस्तावेज, चालकों की स्थिति और यातायात नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। हादसे के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और जोखिम भरे ओवरटेक से बचने की जरूरत सामने आई है। खासकर स्कूल बसों और यात्री वाहनों के मामले में चालक की थोड़ी सी लापरवाही कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है।
