सोने-चांदी के भाव में जबरदस्त उछाल, 72 घंटे में सोना ₹5,800 और चांदी ₹13,200 महंगी
Gold-Silver Price Today: 13 अगस्त 2026 को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। 24 कैरेट सोना आज ₹1,55,130 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी ₹2.55 लाख प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रही है। पिछले कुछ दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आज फिर महंगा हुआ सोना
13 अगस्त 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। आज 10 ग्राम सोना करीब ₹270 महंगा होकर ₹1,55,130 के स्तर पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यानी 12 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,54,860 प्रति 10 ग्राम था।
इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। 22 कैरेट सोना आज करीब ₹250 की तेजी के साथ ₹1,42,200 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। दूसरी ओर 18 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹210 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका भाव ₹1,16,350 प्रति 10 ग्राम हो गया है।
महज 72 घंटे में ₹5,800 तक चढ़ा सोना
सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह तेजी देखने को मिल रही है, उसने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, बीते 72 घंटों में सोना करीब ₹5,800 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है।
इतना ही नहीं, पिछले पांच दिनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत में करीब ₹8,444 से ₹8,644 प्रति 10 ग्राम तक की बढ़ोतरी देखी गई है। लगातार हो रही इस तेजी के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने ने ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को भी पार कर लिया है।
चांदी की कीमतों में सोने से भी तेज उछाल
सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में तेजी और भी अधिक तेज दिखाई दे रही है। पिछले 72 घंटों में चांदी करीब ₹13,200 प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। वहीं, पांच दिनों के दौरान चांदी के भाव में करीब ₹14,268 से ₹15,435 प्रति किलोग्राम तक का उछाल दर्ज किया गया है।
तेजी के बीच चांदी ने ₹2.55 लाख प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। फिलहाल चांदी का भाव करीब ₹255 प्रति ग्राम, ₹2,040 प्रति 8 ग्राम, ₹2,550 प्रति 10 ग्राम, ₹25,500 प्रति 100 ग्राम और ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम है।
खास बात यह है कि आज चांदी के भाव में पिछले कारोबारी दिन की तुलना में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन हाल के दिनों में आई तेजी ने इसकी कीमत को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां अहम भूमिका निभा रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती सैन्य एवं राजनीतिक तनातनी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है।
ऐसे समय में निवेशक अक्सर शेयर बाजार जैसे अपेक्षाकृत जोखिम वाले निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। निवेशकों की बढ़ी हुई मांग का सीधा असर इन धातुओं की कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े रोजगार आंकड़ों और महंगाई की स्थिति के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी बाजार की निगाह में है। आम तौर पर ब्याज दरों में कमी की उम्मीद बढ़ने पर सोने की मांग को समर्थन मिलता है, क्योंकि कम ब्याज दर के माहौल में गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
सोने की कीमतों में लगातार रिकॉर्ड तेजी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस समय खरीदारी करना फायदे का सौदा होगा। बाजार विशेषज्ञों के नजरिए से लगातार तेजी के बाद कीमतों में कभी भी अल्पकालिक करेक्शन देखने को मिल सकता है।
अगर किसी निवेशक के पास पहले से सोना है और वह मुनाफावसूली करना चाहता है, तो मौजूदा ऊंचे भाव उसके लिए आकर्षक हो सकते हैं। हालांकि, केवल तेजी देखकर तुरंत खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।
जो लोग लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना चाहते हैं, वे एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अपनी निवेश क्षमता और जोखिम को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश करने पर विचार कर सकते हैं।
शादी या जरूरत के लिए खरीदारी करने वालों के लिए क्या करें?
अगर सोना शादी, पारिवारिक कार्यक्रम या किसी जरूरी काम के लिए खरीदना है, तो केवल भाव कम होने का इंतजार करना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे में खरीदारी करते समय सिर्फ सोने के बाजार भाव पर ध्यान देने के बजाय मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क, जीएसटी और ज्वेलरी के कुल बिल की भी जांच करनी चाहिए।
सोने के आभूषण खरीदते समय बिल जरूर लें और शुद्धता की जानकारी के लिए हॉलमार्क की जांच करें। अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले कीमत की तुलना करना भी फायदेमंद रहता है।
आगे भी जारी रह सकती है उठापटक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए मौजूदा रिकॉर्ड स्तरों पर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
