सागर में अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, रातभर चली कॉम्बिंग गश्त; 700 से अधिक पुलिसकर्मी मैदान में उतरे
230 से अधिक वारंटियों और फरार आरोपियों पर कार्रवाई, 213 गुंडा-हिस्ट्रीशीटरों की हुई चेकिंग; जिलेभर में 339 प्रमुख वैधानिक कार्रवाई
संवाददाता महेंद्र राज
सागर। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अपराधियों, वारंटियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के उद्देश्य से सागर पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बड़े स्तर पर कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में जिलेभर के 700 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ मैदान में उतरे।
पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के साथ-साथ गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों की जांच करना और असामाजिक तत्वों के बीच कानून का प्रभाव मजबूत करना था। अभियान के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने देर रात तक दबिश, चेकिंग और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक ने पूरी रात की मॉनिटरिंग
इस व्यापक अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया स्वयं पूरी रात कार्रवाई की निगरानी करते रहे। उन्होंने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की लगातार जानकारी ली और जरूरत के अनुसार पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने मैदानी टीमों से लगातार फीडबैक लिया, जिससे अभियान को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर के पुलिसकर्मियों तक सभी को अभियान की प्राथमिकताओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए थे।
कटरा बाजार से शुरू हुई पुलिस की ब्रीफिंग
कॉम्बिंग गश्त अभियान की शुरुआत सागर शहर के कटरा बाजार से हुई। यहां पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने शहर के पुलिस बल को स्वयं ब्रीफ किया।
ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के उद्देश्य, चिन्हित अपराधियों, वारंटियों तथा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के संबंध में कार्रवाई की रणनीति समझाई गई।
वहीं देहात क्षेत्र में तैनात पुलिस बल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के लिए पुलिस टीमें एक साथ रवाना हुईं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एक साथ कार्रवाई
अभियान के तहत सागर शहर के साथ-साथ जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें सक्रिय रहीं। पुलिस ने पहले से चिन्हित वारंटियों, फरार आरोपियों, गुंडा और हिस्ट्रीशीटरों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की भी जांच की गई। पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर दस्तावेजों और पहचान से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया।
अचानक और बड़े स्तर पर शुरू हुई कार्रवाई के चलते लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
112 स्थाई वारंटियों पर कार्रवाई
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान 112 स्थाई वारंटों की तामीली और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा 200 गिरफ्तारी वारंट भी तामील किए गए। इस कार्रवाई के माध्यम से लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि वारंटियों की धरपकड़ अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रही।
फरार आरोपियों पर भी कसा शिकंजा
कॉम्बिंग गश्त के दौरान धारा 170 BNSS के तहत 12 कार्रवाई की गई। इसके अलावा 9 अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
इस तरह पुलिस ने विभिन्न मामलों में फरार चल रहे आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि कानून से बचकर लंबे समय तक नहीं रहा जा सकता।
अवैध शराब के खिलाफ भी कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध शराब से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार जिले में 9 अवैध शराब के प्रकरण दर्ज किए गए।
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने अवैध गतिविधियों के साथ-साथ शराब के अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर भी शिकंजा कसने का प्रयास किया।
213 गुंडा और हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग

कॉम्बिंग गश्त के दौरान जिलेभर में 213 गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग की गई। पुलिस टीमों ने संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान गतिविधियों और स्थिति का सत्यापन किया।
पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना था कि चिन्हित अपराधी वर्तमान में कहां रह रहे हैं और उनकी गतिविधियां कैसी हैं। पुलिस की इस तरह की निगरानी से अपराध की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुल 339 प्रमुख वैधानिक कार्रवाई
सागर पुलिस के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान कुल 339 प्रमुख वैधानिक कार्रवाइयां की गईं। इनमें स्थाई और गिरफ्तारी वारंट की तामीली, BNSS की धारा 170 के तहत कार्रवाई, फरार आरोपियों पर कार्रवाई, अवैध शराब के प्रकरण और गुंडा-हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग शामिल रही।
पुलिस ने इस अभियान को जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी रहे सक्रिय


अभियान के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी भी लगातार मैदानी अधिकारियों के संपर्क में रहे।
दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की जानकारी ली और पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले के सभी अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अभियान में शामिल रहे।
अपराधियों और असामाजिक तत्वों में मचा हड़कंप
रातभर चले इस व्यापक अभियान का असर जिलेभर में देखने को मिला। पुलिस की टीमें एक साथ कई स्थानों पर पहुंचीं और चिन्हित अपराधियों तथा वारंटियों के ठिकानों पर दबिश दी।
अचानक और योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई के कारण लंबे समय से फरार आरोपियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप की स्थिति बनी। पुलिस ने कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की जांच भी की।
पुलिस अधीक्षक ने दिया सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि सागर जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि फरार वारंटियों, अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम करना और अपराधियों के बीच कानून का भय बनाए रखना है।
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे निर्भीक होकर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सागर पुलिस ने संकेत दिया है कि इस तरह की अचानक, योजनाबद्ध और व्यापक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, वारंटों की तामीली, गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने पर रहेगा।
