रतलाम में झपट्टा मार गैंग पर पुलिस का शिकंजा, भरतपुर की 7 महिलाएं गिरफ्तार
Ratlam, 11 अगस्त 2026। शहर में चोरी, लूट और झपट्टा मारकर वारदात करने वाले आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माणकचौक पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महिला के गले से सोने की चेन झपटने के मामले में भरतपुर, राजस्थान की 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी महिलाएं भरतपुर जिले के ग्राम रुदीकरण की रहने वाली हैं।
पुलिस ने आरोपियों को तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न स्तरों पर की गई जांच के आधार पर पकड़ा है। अब पुलिस गिरफ्तार महिलाओं से रतलाम सहित अन्य जिलों में हुई झपट्टा मार वारदातों और उनके संभावित आपराधिक नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।
महिला के गले से झपटी थी सोने की चेन
माणकचौक पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त को रतलाम निवासी पुष्पा पोरवाल ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि अज्ञात आरोपी ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन निकाल ली और मौके से फरार हो गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना माणकचौक में अपराध क्रमांक 423/2026 के तहत धारा 304(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
चेन झपटने की वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। पुलिस की जांच धीरे-धीरे संदिग्धों तक पहुंची और इसके बाद भरतपुर की महिला गैंग के बारे में जानकारी सामने आई।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम को आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई।
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार एवं राकेश पंद्रो तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में की गई। वहीं थाना प्रभारी माणकचौक निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान की। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए भरतपुर, राजस्थान से 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
सभी आरोपी महिलाएं भरतपुर की निवासी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार की गई सभी 7 महिलाएं ग्राम रुदीकरण, थाना चिकसाना, तहसील एवं जिला भरतपुर, राजस्थान की निवासी हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी महिलाएं रतलाम में केवल एक वारदात के लिए आई थीं या इससे पहले भी शहर में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुकी हैं। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गैंग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
महिला आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को अन्य घटनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आपराधिक षड्यंत्र की धारा भी जोड़ी
मामले की विवेचना आगे बढ़ने के दौरान पुलिस को आरोपियों की भूमिका और कथित आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े तथ्य मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में धारा 61(2) बीएनएस का भी इजाफा किया है।
अब जांच का दायरा केवल सोने की चेन झपटने की घटना तक सीमित नहीं है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से उनके संभावित नेटवर्क, अन्य सदस्यों और दूसरे शहरों में की गई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अन्य जिलों की वारदातों को लेकर भी पूछताछ
पुलिस के सामने अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि गिरफ्तार महिलाओं का कथित नेटवर्क कितना बड़ा है और उन्होंने रतलाम के अलावा किन-किन शहरों या जिलों में वारदातें की हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी महिलाएं किसी संगठित गिरोह के रूप में अलग-अलग शहरों में जाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाती थीं। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है। इससे झपट्टा मारने की अन्य घटनाओं के संबंध में भी सुराग मिलने की संभावना है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में माणकचौक थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के अनुसार टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ अन्य स्तरों पर पतारसी करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान, उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान, सहायक उप निरीक्षक गोरचंद परमार, प्रधान आरक्षक राजसिंह, विजय झोड़िया, मनोज चौधरी, महिला प्रधान आरक्षक कान्ता कटारा, आरक्षक अविनाश मिश्रा और हेमन्त यादव की भूमिका रही।
इसके अलावा प्रधान आरक्षक रितेश पाटीदार, मुकेश ओसारी, महिला आरक्षक वर्षा पाटीदार, रीमा चंदेल, भारती पंवार एवं वर्षा कैथावस ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
शहर में पुलिस का अभियान जारी
रतलाम शहर में चोरी, लूट और झपट्टा मारकर वारदात करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। इस कार्रवाई को इसी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
महिला से सोने की चेन झपटने की घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए संदिग्धों तक पहुंच बनाई और भरतपुर से 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आरोपियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ के बाद यदि अन्य वारदातों और आरोपियों के संबंध में जानकारी सामने आती है तो पुलिस आगे भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना जारी रखते हुए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
दैनिक स्वराज वाणी
प्रियंका गुजराती
