Bengaluru की शिवगंगे पहाड़ियों में 6 दिन से लापता इंदौर के इंजीनियर की तलाश जारी
Bengaluru के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंदौर के 31 वर्षीय इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय की तलाश बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। मंगलवार शाम अंधेरा होने के बाद 60 घंटे से अधिक समय तक चले सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें दोबारा पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया।
शिवगंगे पहाड़ियों में अलग-अलग टीमों की तलाश
अद्वैत के लापता होने के बाद से पुलिस और बचाव दल पहाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सर्च कर रहे हैं। शिवगंगे पहाड़ियों का इलाका काफी ऊंचा और दुर्गम है। कई स्थानों पर चट्टानी रास्ते और खड़ी ढलान होने के कारण टीमों को तलाशी के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बचाव दल संभावित रास्तों, पहाड़ी ढलानों और उन स्थानों की जांच कर रहे हैं, जहां अद्वैत के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
ड्रोन से भी की जा रही निगरानी
जमीन पर चल रहे सर्च ऑपरेशन के साथ ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। ड्रोन के जरिए पहाड़ी के ऐसे हिस्सों की निगरानी की जा रही है, जहां पैदल पहुंचना मुश्किल है।
चट्टानों के बीच, ऊंचे स्थानों और घने इलाकों को ऊपर से स्कैन किया जा रहा है। ड्रोन से मिले संभावित संकेतों के आधार पर ग्राउंड टीमों को संबंधित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
मोबाइल फोन की जांच से मिले अहम संकेत
पुलिस अद्वैत के मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी की भी जांच कर रही है। मोबाइल की लोकेशन और उसकी गतिविधियों को घटनाक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अद्वैत ने आखिरी बार फोन का इस्तेमाल कब और कहां किया था। पहाड़ी क्षेत्र में नेटवर्क की सीमाओं के कारण सटीक लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
लैपटॉप और सर्च हिस्ट्री की जांच
जांच में अद्वैत के लैपटॉप और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उनके द्वारा इंटरनेट पर खोजी गई जानकारियों का विश्लेषण शुरू किया है।
सर्च हिस्ट्री से संकेत मिले हैं कि अद्वैत ने पहाड़ी इलाके और वहां जाने से संबंधित जानकारी इंटरनेट पर खोजी थी। पुलिस अब इन सर्च को उनकी वास्तविक गतिविधियों से जोड़कर देख रही है।
4 अगस्त को भी पहाड़ी पर जाने के संकेत
जांच में सामने आया है कि अद्वैत ने 4 अगस्त को भी पहाड़ी क्षेत्र में जाने से जुड़ी जानकारी सर्च की थी। इस जानकारी के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्होंने पहले से शिवगंगे जाने की योजना बनाई थी।
हालांकि, केवल सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस डिजिटल सबूतों और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।
परिवार की बढ़ती चिंता
कई दिनों से अद्वैत का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिलने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस और बचाव दल की लगातार कोशिशों से जल्द ही उनके बारे में कोई जानकारी मिलेगी।
परिवार की ओर से भी अद्वैत की गतिविधियों और उनके संपर्कों से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है, ताकि तलाश को सही दिशा मिल सके।
संभावित रास्तों की भी जांच
पुलिस और SDRF की टीमें उन संभावित रास्तों की भी जांच कर रही हैं, जिनसे अद्वैत पहाड़ी क्षेत्र में गए हो सकते हैं। टीमों का फोकस उन स्थानों पर है, जहां से किसी व्यक्ति के आगे जाने या नीचे उतरने की संभावना हो सकती है।
पहाड़ी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सर्च टीमों को कई हिस्सों में बांटकर अभियान चलाया जा रहा है।
डिजिटल सबूतों से कड़ी जोड़ने की कोशिश
मोबाइल, लैपटॉप और सर्च हिस्ट्री से मिली जानकारी को एक साथ जोड़कर पुलिस अद्वैत की गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है।
जांच अधिकारी यह समझना चाहते हैं कि 4 अगस्त को पहाड़ी क्षेत्र से जुड़ी सर्च, बाद में शिवगंगे पहुंचने और उनके लापता होने के बीच क्या संबंध है। इसके लिए डिजिटल डेटा के साथ-साथ प्रत्यक्ष और तकनीकी सबूतों की भी जांच की जा रही है।
अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस
अद्वैत के लापता होने के कारण को लेकर पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है। जांच एजेंसियां अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं।
अधिकारियों की प्राथमिकता अद्वैत को सुरक्षित तलाशना है। इसी वजह से सर्च ऑपरेशन को लगातार जारी रखा गया है।
छठे दिन भी तलाश जारी
बुधवार को छठे दिन भी शिवगंगे पहाड़ियों में तलाशी अभियान जारी रहा। पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें ग्राउंड सर्च के साथ ड्रोन और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
अब जांच का मुख्य फोकस अद्वैत की मोबाइल गतिविधियों, लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री और 4 अगस्त को पहाड़ी क्षेत्र से जुड़ी उनकी गतिविधियों के बीच संबंध तलाशने पर है। परिवार और बचाव दल को उम्मीद है कि इन सुरागों से जल्द ही अद्वैत के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने आएगी।
