विश्व आदिवासी दिवस पर महेश्वर में निकली भव्य वाहन रैली, जनसभा में शिक्षा और अधिकारों पर जोर
जयस प्रदेश अध्यक्ष भीमसिंह गिरवाल बोले- “बाबा साहेब की तरह पढ़ो और टंट्या मामा की तरह लड़ो”, आरक्षण का सही लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठाया
संवाददाता: गौतम सालवे
महेश्वर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को महेश्वर तहसील में आदिवासी समाज की ओर से भव्य वाहन रैली निकाली गई। तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और युवा रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, संविधान और आदिवासी अधिकारों को लेकर संदेश दिए गए।
रैली बबलाई-चोली मार्ग और सोमाखेड़ी-भूदरी मार्ग से होते हुए मंडलेश्वर पहुंची। यहां नगर के आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर समाजजन एकत्रित हुए। कार्यक्रम में जयस प्रदेश अध्यक्ष भीमसिंह गिरवाल, तहसील अध्यक्ष जितेंद्र बारिया, भीमसिंह वर्मा और पार्षद अनिल वर्मा सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वाहन रैली को विधिवत रूप से आगे रवाना किया गया।
मंडलेश्वर में जगह-जगह हुआ रैली का स्वागत

वाहन रैली के मंडलेश्वर पहुंचने पर नगरवासियों की ओर से कई स्थानों पर स्वागत किया गया। रैली में शामिल समाजजनों पर पुष्पवर्षा की गई। इससे आयोजन में उत्साह और बढ़ गया।
नगर परिषद भवन के सामने नगर परिषद अध्यक्ष विश्वदीप मोयदे ने आदिवासी समाज के नेताओं का पुष्पहार और दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके बाद रैली जय स्तंभ चौराहे की ओर आगे बढ़ी।
रैली के दौरान बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल रहे। समाज के युवा हाथों में झंडे और सामाजिक संदेशों से जुड़े पोस्टर लेकर भी पहुंचे।
जय स्तंभ चौराहे से महेश्वर की ओर रवाना हुई रैली
मंडलेश्वर में स्वागत कार्यक्रम के बाद वाहन रैली महेश्वर की ओर रवाना हुई। महेश्वर के जय स्तंभ चौराहे से रैली आगे बढ़ी और बाजार चौक होते हुए सहस्रधारा जलकोटी रोड स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंची।
मंडी प्रांगण में रैली के समापन के बाद बड़ी जनसभा आयोजित की गई। इसमें महेश्वर तहसील के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी समाज के वरिष्ठजन, युवा और अन्य समाजजन शामिल हुए।
जनसभा में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे। युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।
आचार्य मंडन मिश्र कॉलेज में छात्रों ने किया स्वागत

विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन के तहत आचार्य मंडन मिश्र शासकीय महाविद्यालय, मंडलेश्वर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज के आदिवासी छात्र संघ की ओर से स्वागत समारोह रखा गया।
इस दौरान हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन में भाग लेकर लौटे जयस प्रदेश अध्यक्ष भीमसिंह गिरवाल का छात्र शक्ति की ओर से अभिनंदन किया गया।
छात्रों और समाज के युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और अपने संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए युवाओं का शिक्षित और जागरूक होना बेहद जरूरी है।
हाथ में तीर-कमान और संविधान लेकर पहुंचे गिरवाल
जनसभा के दौरान जयस प्रदेश अध्यक्ष भीमसिंह गिरवाल का अलग अंदाज देखने को मिला। वह एक हाथ में तीर-कमान और दूसरे हाथ में संविधान लेकर कार्यक्रम में पहुंचे।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा— “बाबा साहेब की तरह पढ़ो और टंट्या मामा की तरह लड़ो।”
गिरवाल ने अपने संबोधन में शिक्षा को आदिवासी समाज के विकास की महत्वपूर्ण कुंजी बताया। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा हासिल करने और संविधान में दिए गए अधिकारों को समझने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को पहले शिक्षित होकर अपने अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी हासिल करनी चाहिए। इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।
आरक्षण का सही लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठाया
जयस प्रदेश अध्यक्ष ने जनसभा में आरक्षण के लाभ से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों को निर्धारित अनुपात के अनुसार आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ समाज के पात्र लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण की व्यवस्था आबादी के अनुपात में होनी चाहिए।
गिरवाल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए सबसे पहले शिक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सामाजिक और संवैधानिक विषयों की समझ विकसित करने का आह्वान किया।
युवाओं को शिक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक
जनसभा में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ संविधान और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके जरिए युवा अपने लिए बेहतर अवसर तैयार कर सकते हैं।
युवाओं से सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी हासिल करने की अपील भी की गई। वक्ताओं ने सामाजिक एकता को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में शामिल हुए समाजजन
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित वाहन रैली और जनसभा में महेश्वर तहसील के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी समाज के वरिष्ठजन और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकजुटता और अधिकारों को लेकर जागरूकता का संदेश देखने को मिला। आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण से शुरू हुआ कार्यक्रम वाहन रैली और जनसभा के रूप में आगे बढ़ा, जहां शिक्षा, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ना तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
