संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष का प्रदर्शन
11 अगस्त को संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की ओर से अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया। सुबह एनडीए सांसदों ने परिसर में मार्च निकालकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा, जबकि विपक्षी सांसद पोस्टर और अन्य प्रतीकात्मक सामग्री लेकर सरकार के खिलाफ विरोध करते नजर आए।
NDA सांसदों ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
संसद का सत्र शुरू होने से पहले एनडीए सांसदों ने परिसर में मार्च निकाला। सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन में लगातार हंगामा कर रहा है।
एनडीए सांसदों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को लेकर नारे और सवाल उठाए गए। सत्ता पक्ष का कहना है कि संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष को चर्चा में सहयोग करना चाहिए।
विपक्षी सांसद पोस्टर और दान पेटियां लेकर पहुंचे
इसके कुछ देर बाद विपक्षी सांसद भी संसद परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। उनके हाथों में सरकार के खिलाफ संदेश लिखे पोस्टर थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव समेत कुछ विपक्षी सांसद दान पेटियां और गन्ने के पेड़ लेकर भी संसद परिसर पहुंचे। इन प्रतीकों के जरिए विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
प्रियंका गांधी से बीजेपी सांसद ने पूछा सवाल
प्रदर्शन के बीच बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि प्रियंका गांधी झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन में क्यों नहीं गईं।
यह सवाल ऐसे समय में सामने आया जब झारखंड में छात्रों से जुड़े प्रदर्शन और जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा से संबंधित मुद्दे राजनीतिक चर्चा में बने हुए हैं।
प्रियंका गांधी ने दिया जवाब
मुकेश दलाल के सवाल से पहले प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे से जुड़ी हुई है।
सत्ता पक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने पहली बार देखा है कि सत्तारूढ़ दल के सांसद स्वयं प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से संबंधित मुद्दों पर बयान देने की मांग भी की।
सुरक्षा कर्मियों ने बनाई ह्यूमन चेन
संसद परिसर में दोनों पक्षों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने ह्यूमन चेन बनाई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों पक्षों के सांसदों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए।
प्रदर्शन के कारण संसद परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।
सदन की कार्यवाही भी प्रभावित
संसद के अंदर भी विपक्ष के विरोध का असर देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध के कारण प्रश्नकाल पूरी तरह नहीं चल पा रहा है और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है।
11 अगस्त को लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। सत्ता पक्ष लगातार सदन चलाने की मांग कर रहा है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध कर रहा है।
NDA की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा
प्रदर्शन से पहले एनडीए सांसदों की साप्ताहिक बैठक भी हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित एनडीए के सांसद मौजूद रहे।
बैठक में संसद के मौजूदा सत्र के अंतिम दिनों की रणनीति पर चर्चा की गई। सांसदों से एकजुट रहने और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार का सहयोग करने की बात कही गई।
राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत
संसद परिसर में एक ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के अलग-अलग प्रदर्शन से राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दिया। एक ओर एनडीए सांसद राहुल गांधी और विपक्ष के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्ष छात्रों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम होता है या संसद की कार्यवाही पर इसका असर जारी रहता है।
