Indore News: राजस्थान-गुजरात जाने वाली बसें अब कुमेड़ी ISBT से मिलेंगी, अगस्त में शुरू होगा संचालन
पहले चरण में करीब 50 बसों का संचालन, धीरे-धीरे शहर से चलने वाली अंतरराज्यीय बसें कुमेड़ी टर्मिनल पर होंगी शिफ्ट
इंदौर। शहर के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इंदौर के कुमेड़ी में तैयार किए गए इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से अंतरराज्यीय बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। योजना के मुताबिक अगस्त 2026 में ही कुमेड़ी ISBT से बस सेवाओं की शुरुआत की जा सकती है।
शुरुआती चरण में यहां से करीब 50 बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों से चलने वाली अंतरराज्यीय बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से कुमेड़ी ISBT पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे शहर के भीतर बसों के दबाव को कम करने और अंतरराज्यीय यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान और गुजरात जाने वाले यात्रियों को मिलेगी सुविधा
कुमेड़ी ISBT के शुरू होने से इंदौर से राजस्थान और गुजरात जाने वाले यात्रियों को नया बस टर्मिनल उपलब्ध होगा। इसके अलावा यह टर्मिनल दिल्ली समेत आसपास के अन्य राज्यों के लिए भी बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
फिलहाल शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से अंतरराज्यीय बसों का संचालन होने के कारण यात्रियों को कई स्थानों पर बसें तलाशनी पड़ती हैं। कुमेड़ी ISBT के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद एक बड़े केंद्र से अंतरराज्यीय बस सेवाओं का संचालन किया जा सकेगा।
इससे यात्रियों को बसों के रूट और समय की जानकारी प्राप्त करने में भी सुविधा हो सकती है। साथ ही बस ऑपरेटरों के लिए भी एक निर्धारित टर्मिनल मिलने से संचालन व्यवस्था को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।
14 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में तैयार हुआ ISBT
कुमेड़ी में बनाया गया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल 14 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसे भविष्य की यात्री जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक कुमेड़ी ISBT की क्षमता काफी बड़ी है। यहां भविष्य में करीब 1,500 बसों का संचालन किया जा सकता है। वहीं टर्मिनल की यात्री क्षमता 50 हजार से अधिक यात्रियों की बताई गई है।
इस बड़े टर्मिनल के पूरी तरह शुरू होने के बाद इंदौर से दूसरे राज्यों के बीच बस परिवहन का स्वरूप बदलने की संभावना है। फिलहाल शुरुआती चरण में सीमित संख्या में बसों को यहां से संचालित किया जाएगा और यात्रियों की प्रतिक्रिया तथा संचालन व्यवस्था को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
धीरे-धीरे शिफ्ट होंगी अन्य बस सेवाएं
कुमेड़ी ISBT से एक साथ सभी बसों का संचालन शुरू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से बस सेवाओं को स्थानांतरित करने की योजना है। शुरुआती चरण में करीब 50 बसें यहां से संचालित की जाएंगी।
इसके बाद शहर में संचालित होने वाली अन्य अंतरराज्यीय बस सेवाओं को भी धीरे-धीरे कुमेड़ी ISBT में स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे बसों के संचालन को एक ही प्रमुख टर्मिनल से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
अंतरराज्यीय बसों की संख्या बढ़ने के साथ टर्मिनल पर यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ेगी। ऐसे में टर्मिनल पर यात्री सुविधाओं और कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेट्रो से भी जुड़ेगा कुमेड़ी ISBT
कुमेड़ी ISBT की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसकी भविष्य की मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। आने वाले समय में बस टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की योजना है।
इसके लिए फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिसके माध्यम से यात्री बस टर्मिनल से सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। इससे दूसरे शहरों से बस के जरिए इंदौर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों तक जाना आसान हो जाएगा।
यदि बस और मेट्रो की कनेक्टिविटी प्रभावी तरीके से विकसित होती है, तो यात्रियों को निजी वाहन या अलग-अलग परिवहन साधनों पर निर्भरता कम हो सकती है।
यात्रियों के लिए रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट की सुविधा
कुमेड़ी ISBT को केवल बसों के संचालन के लिए तैयार नहीं किया गया है, बल्कि यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। टर्मिनल परिसर में रेस्टोरेंट, दुकानें और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ये सुविधाएं काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं। बसों के इंतजार के दौरान यात्री भोजन और जरूरी सामान की खरीदारी कर सकेंगे।
इसके अलावा बड़े स्तर पर बस संचालन होने के कारण टर्मिनल पर यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी चरणबद्ध तरीके से मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
शहर में कम हो सकता है बसों का दबाव
इंदौर में अंतरराज्यीय बसों का संचालन लंबे समय से शहर के यातायात पर दबाव डालता रहा है। अलग-अलग स्थानों से बसों के आने-जाने के कारण कई क्षेत्रों में ट्रैफिक की समस्या भी सामने आती है।
कुमेड़ी ISBT के पूरी तरह शुरू होने के बाद अंतरराज्यीय बसों को शहर के भीतर विभिन्न स्थानों पर खड़े होने और संचालित होने की जरूरत कम हो सकती है। इससे प्रमुख सड़कों और व्यस्त क्षेत्रों में बसों की आवाजाही कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
साथ ही एक निर्धारित टर्मिनल होने से बसों के लिए पार्किंग, यात्री चढ़ाने-उतारने और रूट संचालन की व्यवस्था भी बेहतर तरीके से की जा सकती है।
अगस्त में शुरू होने की तैयारी
कुमेड़ी ISBT को अगस्त महीने में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। शुरुआती चरण में करीब 50 बसों के संचालन के बाद धीरे-धीरे अन्य बस सेवाओं को भी यहां स्थानांतरित किया जाएगा।
हालांकि, बसों के रूट, समय-सारणी और अलग-अलग राज्यों के लिए संचालित होने वाली सेवाओं की अंतिम जानकारी संचालन शुरू होने के साथ स्पष्ट होगी।
कुमेड़ी ISBT के शुरू होने से इंदौर को एक आधुनिक और बड़े अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की सुविधा मिलेगी। राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और अन्य पड़ोसी राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह नया परिवहन केंद्र आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इंदौर के परिवहन नेटवर्क में जुड़ी नई कड़ी
कुमेड़ी ISBT को इंदौर के बढ़ते परिवहन नेटवर्क की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। बस टर्मिनल की बड़ी क्षमता, यात्री सुविधाएं और भविष्य की मेट्रो कनेक्टिविटी इसे शहर के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र बना सकती है।
अगस्त में शुरुआती संचालन शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने रूट यहां से शुरू किए जाते हैं और चरणबद्ध तरीके से कितनी बस सेवाओं को कुमेड़ी ISBT पर स्थानांतरित किया जाता है।
