उम्र की सारी थकान भूल, फिर बच्चों-सा खिलखिलाया आनंदम परिवार
वार्षिक पिकनिक में वरिष्ठ सदस्यों ने जमकर की मस्ती, गीत-संगीत, अंताक्षरी और तंबोला ने बांधा समां
Indore, 10 अगस्त 2026। उम्र बढ़ने के साथ जिंदगी की रफ्तार भले थोड़ी धीमी हो जाए, लेकिन खुशियां मनाने और जिंदगी को खुलकर जीने का जज्बा कभी कम नहीं होता। दोस्तों के साथ पुरानी यादों को ताजा करना, पसंदीदा गीतों पर झूमना और छोटी-सी जीत पर बच्चों की तरह खिलखिलाना—यही पल जिंदगी को खूबसूरत बनाते हैं।
कुछ ऐसा ही खुशनुमा माहौल देखने को मिला आनंदम परिवार की बहुप्रतीक्षित वार्षिक पिकनिक में। रोजमर्रा की चिंताओं और व्यस्तताओं को पीछे छोड़कर वरिष्ठ सदस्यों ने एक दिन जमकर मस्ती की। किसी ने गीत गाए, किसी ने नृत्य किया तो किसी ने चुटकुलों और मिमिक्री से साथियों को खूब हंसाया। पूरा दिन हंसी, मनोरंजन, अपनापन और यादगार पलों से भरा रहा।
बारिश की फुहारों के बीच एक्रोपोलिस परिसर में सजी पिकनिक
रविवार को बारिश की हल्की फुहारों के बीच आनंदम परिवार की वार्षिक पिकनिक एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च के खूबसूरत परिसर में आयोजित की गई। बस से पहुंचे आनंदम परिवार के सदस्यों का चंदन टीका, पीले दुपट्टे और गुलाब की पंखुड़ियों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
स्वागत के बाद सदस्यों ने इंदौर के लोकप्रिय नाश्ते पोहा, जलेबी और कचौड़ी का आनंद लिया। इसके बाद प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। श्रीमती गुरवीन कौर भाटिया के सहयोग से सदस्यों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वास्थ्य, खुशी और आपसी जुड़ाव पर दिया जोर
कार्यक्रम की शुरुआत आनंदम के सचिव श्री एस.बी. खंडेलवाल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया और आयोजन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
आनंदम के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन वरिष्ठ सदस्यों के लिए केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनके स्वास्थ्य, खुशी और आपसी जुड़ाव के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। साथ मिलकर समय बिताने से रिश्तों में अपनापन बढ़ता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर एक्रोपोलिस के चेयरमैन श्री ए.के. सोजतिया और डायरेक्टर डॉ. एस.सी. शर्मा का भी स्वागत किया गया। उन्होंने आनंदम परिवार की मेजबानी और आयोजन की सराहना की। साथ ही बेटियों की शिक्षा के लिए आनंदम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।

कव्वाली और नृत्य ने बढ़ाया मनोरंजन का रंग
औपचारिक कार्यक्रमों के बाद शुरू हुआ मनोरंजन का सिलसिला। इसके साथ ही आनंदम परिवार के सदस्यों के भीतर छिपी प्रतिभाएं भी खुलकर सामने आईं।
शानदार कव्वाली प्रस्तुति ने जमकर तालियां बटोरीं। इसके बाद नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को और रंगीन बना दिया। उम्र को पीछे छोड़ते हुए सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
किसी ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा तो किसी ने अपने नृत्य से साथियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही।
अंताक्षरी में दीवाने, मस्ताने और परवाने टीमों के बीच मुकाबला
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण संगीत अंताक्षरी रही। इसमें दीवाने, मस्ताने और परवाने टीमों के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। पुराने और लोकप्रिय गीतों को लेकर प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
गीतों की याददाश्त, सुर और तत्काल गीत चुनने की क्षमता ने मुकाबले को खासा रोचक बना दिया। दर्शक भी अपनी पसंदीदा टीम का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
चुटकुलों और मिमिक्री ने खूब गुदगुदाया
अंताक्षरी के बाद चुटकुलों और मिमिक्री का दौर चला। प्रतिभागियों ने अपने हास्य अंदाज से माहौल को खुशनुमा बना दिया। एक के बाद एक मजेदार प्रस्तुतियों ने सभी को हंसने और खिलखिलाने पर मजबूर कर दिया।
कई सदस्यों ने अपनी कला और प्रस्तुति से यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है। यदि मन में उत्साह हो तो मनोरंजन और मस्ती का कोई उम्र नहीं होती।
मालवी दाल-बाफला का लिया भरपूर आनंद
बारिश के मौसम में आयोजित इस पिकनिक में स्वाद का भी खास ध्यान रखा गया। दोपहर के भोजन में सभी ने मालवी दाल-बाफला का भरपूर आनंद लिया।
बारिश के सुहाने मौसम में पारंपरिक मालवी भोजन ने पिकनिक के स्वाद को और खास बना दिया। सदस्यों ने साथ बैठकर भोजन किया और आपस में बातचीत करते हुए पुराने अनुभव और यादें साझा कीं।

ग्रैंड तंबोला ने बढ़ाया रोमांच
दोपहर बाद आयोजित ग्रैंड तंबोला ने एक बार फिर सभी में उत्साह भर दिया। खेल के दौरान सदस्यों में जीत को लेकर खासा रोमांच देखने को मिला। आकर्षक नकद पुरस्कारों ने तंबोला के प्रति उत्सुकता और बढ़ा दी।
नंबरों के ऐलान के साथ ही कभी खुशी की आवाज सुनाई देती तो कभी साथी प्रतिभागियों की हंसी-मजाक से माहौल गूंज उठता। इस खेल ने कार्यक्रम में मनोरंजन का एक और रंग जोड़ दिया।
शाम की चाय के साथ हुआ यादगार दिन का समापन
दिनभर चले कार्यक्रमों के बाद शाम की चाय के साथ पिकनिक का समापन हुआ। हालांकि कार्यक्रम समाप्त हो गया, लेकिन सदस्यों के चेहरों पर खुशी और दिल में दिनभर बिताए खूबसूरत पलों की मिठास लंबे समय तक बनी रही।
आनंदम परिवार की यह वार्षिक पिकनिक केवल एक दिन की मौज-मस्ती तक सीमित नहीं रही। इसने वरिष्ठ सदस्यों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने, पुरानी यादों को ताजा करने और नई यादें संजोने का अवसर दिया।
साथ, अपनापन और जिंदगी को खुलकर जीने का संदेश
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जिंदगी की खूबसूरती उम्र से नहीं, बल्कि उसे जीने के अंदाज से तय होती है। जब साथ अपनों का हो, दिल में उमंग हो और चेहरे पर मुस्कान हो तो जिंदगी का हर मौसम सुहाना लगने लगता है।
आनंदम परिवार की पिकनिक इसी सोच का खूबसूरत उदाहरण बनी। वरिष्ठ सदस्यों ने पूरे दिन बच्चों जैसी खुशी के साथ हंसी-खुशी के पल बिताए और साबित किया कि उम्र की सारी थकान भूलकर भी जिंदगी को पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जिया जा सकता है।
