पढ़ाना मार्ग पर उफनते नाले में वाहन बहा, 11 यात्रियों में 9 की मौत
मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता, लापता यात्रियों की तलाश जारी; मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
Sarangpur। राजगढ़ जिले के सारंगपुर क्षेत्र में ग्राम पढ़ाना के समीप लगातार बारिश के कारण उफनते नाले को पार करते समय एक वाहन बह जाने से हृदयविदारक हादसा हो गया। हादसे में वाहन में सवार कुल 11 यात्रियों में से 9 यात्रियों की मृत्यु होने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं, लापता यात्रियों की तलाश के लिए प्रशासन एवं राहत-बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज बारिश के कारण नाला उफान पर था। इसी दौरान वाहन चालक द्वारा जोखिम लेकर नाला पार करने का प्रयास किया गया, जिसके बाद वाहन तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने किया घटनास्थल का दौरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ग्राम पढ़ाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणजनों एवं पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनके दुख में सहभागी बने।
मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली तथा लापता यात्रियों की तलाश में तेजी लाने और हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खोजबीन एवं राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से सभी बेहद व्यथित हैं। सरकार और प्रशासन इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। पीड़ित परिवारों को शासन स्तर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ₹4-4 लाख की सहायता के दिए निर्देश
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक और पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि लापता प्रत्येक व्यक्ति की सकुशल वापसी के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले तथा शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्राप्त हो।

आमजन से सावधानी बरतने की अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियाओं, रपटों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का किसी भी स्थिति में जोखिम न उठाएं। तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर अचानक पानी का बहाव बढ़ सकता है, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदी-नालों या पुल-पुलियाओं पर पानी बहने की स्थिति में वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकना चाहिए। थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां छोटे पुल, रपट और कच्चे रास्ते बारिश के दौरान जलमग्न हो जाते हैं, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
नागरिकों से यह भी अपील की गई है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों को अकेले न जाने दें तथा नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं। पानी के तेज बहाव के दौरान फोटो या वीडियो बनाने के लिए जोखिम उठाने से भी बचें।
प्रशासन ने कहा कि जलस्तर बढ़ने अथवा तेज बहाव की स्थिति में लोग तत्काल सुरक्षित स्थान पर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

