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UP Budaun Kanwar Yatra DJ Current: बदायूं में डीजे में उतरा हाईटेंशन करंट, युवक की मौत; 7 बच्चे झुलसे

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Published On: 10 August 2026
igh-voltage electricity enters a DJ sound system during a Kanwar Yatra event in Budaun, Uttar Pradesh, leaving one person dead and seven children injured
— igh-voltage electricity enters a DJ sound system during a Kanwar Yatra event in Budaun, Uttar Pradesh, leaving one person dead and seven children injured

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UP Budaun Kanwar Yatra DJ Current: बदायूं में डीजे में उतरा हाईटेंशन करंट, युवक की मौत; 7 बच्चे झुलसे

कादरचौक थाना क्षेत्र के गौरामई गांव में हादसे से मची अफरा-तफरी, वायरल वीडियो को लेकर पुलिस के बयान पर भी उठे सवाल

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कांवड़ यात्रा से जुड़े कार्यक्रम के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। कादरचौक थाना क्षेत्र के गौरामई गांव में डीजे में हाईटेंशन करंट उतरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके आसपास मौजूद करीब सात बच्चे करंट की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बन गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव में रात के समय कार्यक्रम के दौरान डीजे लगाया गया था। इसी दौरान डीजे का ऊपरी हिस्सा या साउंड सिस्टम ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इसके बाद अचानक डीजे में करंट उतर गया और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है।

कादरचौक थाना क्षेत्र के गौरामई गांव में हुआ हादसा

यह पूरा मामला बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गौरामई गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक रात के समय गांव में कार्यक्रम चल रहा था और वहां डीजे बजाया जा रहा था। डीजे के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

इसी दौरान डीजे का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने की बात सामने आई। हाईटेंशन करंट डीजे में उतरते ही वहां मौजूद लोगों को बिजली का झटका लगा।

हादसे के दौरान एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी मौके पर ही मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं डीजे के आसपास मौजूद करीब सात बच्चे भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए।

घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने बच्चों और अन्य लोगों को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बाद में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

डीजे के आसपास मौजूद सात बच्चे झुलसे

हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से करीब सात बच्चों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि हादसे के समय बच्चे डीजे के आसपास मौजूद थे।

करंट लगने के बाद बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घायल बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि हादसे की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा उनका उपचार और निगरानी की जा रही है।

हादसे ने कार्यक्रमों के दौरान बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऊंचे डीजे और साउंड सिस्टम को हाईटेंशन लाइनों के नीचे या उनके बेहद करीब लगाने से होने वाले खतरे को लेकर प्रशासन के सामने भी सवाल खड़े हुए हैं।

हादसे के बाद वायरल हुआ वीडियो

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने की बात कही जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वीडियो करीब 30 सेकंड का है। वीडियो में डीजे के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि अचानक करंट उतरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं और हादसे के बाद चीख-पुकार का माहौल दिखाई देता है।

वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच का इंतजार करना जरूरी है।

पुलिस के बयान और वायरल वीडियो को लेकर सवाल

हादसे के बाद पुलिस की प्रारंभिक जानकारी और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस की ओर से प्रारंभिक तौर पर कहा गया है कि मृतक युवक कांवड़िया नहीं था और घटना का कांवड़ यात्रा से कोई सीधा संबंध नहीं है। दूसरी ओर, वायरल वीडियो में भगवा वस्त्र, कांवड़ से जुड़े नारे और मौके का माहौल दिखाई देने की बात कही जा रही है।

इसी वजह से घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस की जांच में अब यह स्पष्ट किया जाना है कि हादसे के समय वहां किस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था और मृतक तथा घायल बच्चे किस कार्यक्रम का हिस्सा थे।

प्रशासन द्वारा वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है।

हाईटेंशन लाइन के नीचे डीजे कैसे पहुंचा?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे इतना ऊंचा डीजे या साउंड सिस्टम कैसे लगाया गया।

बिजली की हाईटेंशन लाइन के आसपास सुरक्षा दूरी बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई ऊंचा वाहन, डीजे सिस्टम या अन्य उपकरण बिजली के तार के संपर्क में आ जाए तो करंट पूरे सिस्टम में फैल सकता है और आसपास मौजूद लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

ऐसे में जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी हो सकता है कि कार्यक्रम स्थल का चयन कैसे किया गया और डीजे लगाने से पहले बिजली लाइन की स्थिति को लेकर कोई सुरक्षा जांच की गई थी या नहीं।

एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बताया गया कि एसडीएम और सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

अधिकारियों द्वारा घटना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा सकती है, ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों को समझा जा सके।

पुलिस की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि डीजे की ऊंचाई कितनी थी और वह हाईटेंशन लाइन के कितने करीब था। इसके अलावा हादसे के समय वहां कितने लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

बिजली विभाग की टीम भी जांच में जुटी

हादसे के तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है। बिजली विभाग द्वारा हाईटेंशन लाइन, डीजे की स्थिति और दोनों के बीच संपर्क से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

तकनीकी जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि करंट किस प्रकार डीजे तक पहुंचा और हादसे की मुख्य वजह क्या थी। इसके साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि बिजली लाइन में कोई तकनीकी समस्या थी या डीजे के हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से ही यह घटना हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अहम

मृतक युवक की मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी। पुलिस द्वारा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच सहित सभी तथ्यों को सामने रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इससे हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों का जवाब मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे आयोजनों में जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, वहां बिजली की हाईटेंशन लाइनों, ऊंचे डीजे सिस्टम और अन्य विद्युत उपकरणों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

यदि कार्यक्रम स्थल के आसपास हाईटेंशन लाइन मौजूद हो तो आयोजकों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पहले से सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करना आवश्यक होता है। बदायूं की इस घटना के बाद ऐसे आयोजनों में बिजली सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा हो सकती है।

जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी सच्चाई

फिलहाल बदायूं के गौरामई गांव में हुए इस हादसे की जांच जारी है। एक युवक की मौत और सात बच्चों के झुलसने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

वायरल वीडियो के कारण घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

अभी पुलिस मृतक युवक की पहचान, घायलों की स्थिति, कार्यक्रम की प्रकृति, डीजे और हाईटेंशन लाइन के बीच संपर्क तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए कौन से कारण जिम्मेदार थे और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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