Jharkhand Student Protest LIVE: रांची में छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई, वाटर कैनन के बीच प्रदर्शन; देवेंद्रनाथ महतो भी पहुंचे
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में हजारों छात्र सड़कों पर, विधानसभा मार्ग पर पुलिस की भारी तैनाती
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। विधानसभा जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार लगाए गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
रविवार रात से ही बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्रित होने लगे थे। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और छात्रों ने विधानसभा की ओर कूच शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी रही।
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आंदोलन
छात्रों का यह आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छात्र संगठनों की ओर से लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने के लिए पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता सीधे तौर पर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
विधानसभा मार्ग पर कंटीले तारों की बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई। इसके अलावा कुछ स्थानों पर कंटीले तार भी लगाए गए।
एक ओर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। जैसे-जैसे छात्र विधानसभा के नजदीक पहुंचते गए, सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए विभिन्न उपायों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया
विधानसभा के नजदीक प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि छात्र सुरक्षा घेरे की आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए थे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए पानी की बौछार की।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान एक अलग नजारा भी देखने को मिला। पानी की बौछार से पीछे हटने के बजाय कुछ छात्र वाटर कैनन की धार के बीच ही नाचते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारेबाजी भी की।
इस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। छात्रों के इस अंदाज की चर्चा प्रदर्शन के बीच काफी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की भी जानकारी
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा से कुछ दूरी पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के पक्ष अलग-अलग हो सकते हैं। प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कदम उठाए जाने की बात कही जा सकती है।
पूरे घटनाक्रम के बीच बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया।
भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी पहुंचे
छात्र आंदोलन के बीच भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी से आंदोलन को और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा मिली।
बताया गया कि देवेंद्रनाथ महतो स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के बावजूद छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रदर्शनकारियों के बीच उनकी मौजूदगी को आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
भाजपा विधायक भी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे
छात्र आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलता नजर आया। जानकारी के अनुसार एक भाजपा विधायक छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
इस घटनाक्रम के बाद JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
रात से ही स्टेडियम में जुटने लगे थे छात्र
प्रदर्शन की तैयारी रविवार रात से ही शुरू हो गई थी। जानकारी के अनुसार 9 अगस्त की रात से करीब 5 हजार से अधिक छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्रित होने लगे थे।
सोमवार सुबह छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ना शुरू किया। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर उतरने के कारण प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से संबंधित शिकायतों का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए।
सरकार से क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी?
JPSC और JSSC परीक्षा से जुड़े प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से अभ्यर्थियों के वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है।
छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच, दोषियों पर कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रांची में तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन की नजर
विधानसभा घेराव के दौरान वाटर कैनन, बैरिकेडिंग और पुलिस कार्रवाई के बाद रांची में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
फिलहाल छात्रों का आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। JPSC और JSSC परीक्षा विवाद से जुड़े इस आंदोलन का आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है।
Jharkhand Student Protest LIVE: रांची में छात्रों का विधानसभा घेराव, पुलिस की बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और कथित लाठीचार्ज के बीच प्रदर्शन जारी है। वहीं देवेंद्रनाथ महतो की मौजूदगी और राजनीतिक समर्थन के बाद आंदोलन ने और व्यापक रूप ले लिया है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर लगातार नजर बनी हुई है।
