तलावली चांदा से उज्जैन महाकाल तक निकली 20वीं ऐतिहासिक बोल बम कांवड़ यात्रा
हजारों शिवभक्तों ने कंधों पर उठाई कांवड़, ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा मार्ग
इंदौर। श्रावण मास के पावन अवसर पर रविवार को तलावली चांदा से उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार तक 20वीं ऐतिहासिक बोल बम कांवड़ यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। श्री कावड़ेश्वर सामाजिक सेवा समिति एवं रितेश पाल मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में हजारों शिवभक्तों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। कंधों पर कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा यात्रा मार्ग शिवमय नजर आया।
यात्रा के दौरान ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिला, पुरुष और बड़ी संख्या में युवा शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। 20वीं कांवड़ यात्रा होने के कारण इस वर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हुआ शुभारंभ
रविवार सुबह करीब 10 बजे तलावली चांदा स्थित शिव मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया। विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया गया। दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र जल अपनी कांवड़ में धारण किया और बाबा महाकाल के दरबार की ओर प्रस्थान किया।
यात्रा का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट द्वारा किया गया। इस अवसर पर संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिकों की उपस्थिति रही।
शाही सवारी और धार्मिक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
कांवड़ यात्रा में भगवान भोलेनाथ की भव्य शाही सवारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल की गईं। ढोल-नगाड़ों, ताशा पार्टी और डीजे पर गूंजते शिव भजनों ने श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार किया।
शिवभक्त भजनों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा में शामिल झांकियों और सुसज्जित वाहनों को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और भगवान शिव के जयकारे लगाए।

महिला और युवा शिवभक्तों ने बढ़ाया उत्साह
इस ऐतिहासिक यात्रा में महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। श्रद्धालु पूरे मार्ग में अनुशासन और भक्तिभाव के साथ आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने कांवड़ियों के लिए पेयजल और जलपान की व्यवस्था की।
यात्रा में शामिल शिवभक्तों का कहना था कि बाबा महाकाल के दरबार तक कांवड़ लेकर जाना उनके लिए आस्था और सौभाग्य का विषय है। श्रावण मास में भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित करने की परंपरा के तहत श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ उज्जैन की ओर रवाना हुए।
जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविर
तलावली चांदा से उज्जैन तक यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कांवड़ियों के लिए पेयजल, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा दल और सुरक्षा वालंटियर्स की व्यवस्था भी की गई। सेवा शिविरों में मौजूद कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखा और यात्रा को सुचारू बनाने में सहयोग किया।

20 वर्षों से जारी है कांवड़ यात्रा की परंपरा
यात्रा प्रभारी सुनील परमार एवं जीवन पटेल ने बताया कि श्री कावड़ेश्वर सामाजिक सेवा समिति द्वारा पिछले 20 वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यात्रा के 20वें पड़ाव को लेकर समिति के सदस्यों और शिवभक्तों में विशेष उत्साह रहा।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया जाता है। वर्षों से आयोजित हो रही यह यात्रा क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
पुलिस प्रशासन और नागरिकों का मिला सहयोग
कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए गए। यात्रा मार्ग पर यातायात को नियंत्रित किया गया, जिससे कांवड़ियों और आम नागरिकों को परेशानी न हो।
आयोजकों ने यात्रा को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। सभी के सहयोग से विशाल कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ी।

11 करोड़ राम नाम लेखन का लक्ष्य भी हुआ पूरा
इस धार्मिक आयोजन के साथ राम नाम लेखन का विशेष अभियान भी चलाया गया। आयोजकों के अनुसार 11 करोड़ राम नाम लेखन के लक्ष्य को पूरा किया गया। कैलाश चौहान, जितेंद्र सिंह डोडिया, महेश मंत्री सहित अनेक भक्तों ने राम नाम लेखन के इस धार्मिक कार्य में सहभागिता की।
लक्ष्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राम नाम रथ यात्रा भी निकाली गई। राम नाम लेखन को श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना से जोड़कर देखा। इस पहल ने कांवड़ यात्रा के धार्मिक महत्व को और व्यापक रूप प्रदान किया।
उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल का होगा जलाभिषेक
कांवड़ यात्रा में शामिल हजारों शिवभक्त उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल को पवित्र जल अर्पित करेंगे। 11 तारीख को श्रद्धालुओं द्वारा बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और सर्वांगीण विकास के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की जाएगी।
कांवड़ियों के लिए बाबा महाकाल के दरबार तक पहुंचना यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक पड़ाव माना जा रहा है। श्रद्धालुओं में जलाभिषेक को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।

संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कांवड़ यात्रा में अनेक संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समिति के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। मुख्य अतिथियों में सांवेर क्षेत्र के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित महामंडलेश्वर 1008 श्री नरसिंहदास महाराज, 1008 श्री दादू महाराज और श्री त्रिनेत्र गौरव महाराज शामिल रहे।
इसके अलावा रितेश पाल, पप्पू शर्मा, चंद्रशेखर पाराशर (चुनूं गुरु), सुनील परमार, राजेश पांडे, बबलू यादव, रोहित शर्मा, संदीप शर्मा, पार्षद राकेश सोलंकी, मुकेश यादव, अजय सिंह पंवार, व्यास जी, श्री कृष्ण मालवीय, संतोष पाल, राहुल पाल, एडवोकेट राकेश पाल, आशीष बिरथरे, गणेश तिवारी, प्रियांशु जायसवाल, मोंटी बिरथरे, विक्की बिरथरे और प्रेम सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश
20वीं बोल बम कांवड़ यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, जगह-जगह सेवा शिविर, धार्मिक झांकियां और शिव भजनों ने पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
तलावली चांदा से उज्जैन महाकाल तक निकली यह यात्रा श्रद्धा, समर्पण और सनातन परंपरा के प्रति आस्था का प्रतीक बनी। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ कांवड़ियों ने बाबा महाकाल की ओर प्रस्थान किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना के साथ अपनी धार्मिक यात्रा को आगे बढ़ाया।

